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लेख

घर और ऑफ़िस के वास्तु, रेकी, टैरो और क्रिस्टल पर व्यावहारिक और सीधी भाषा में लिखी सलाह।

घर का वास्तु

वास्तु के अनुसार बेडरूम की दीवारों का रंग: दिशा के हिसाब से गाइडघर का वास्तु

वास्तु के अनुसार बेडरूम की दीवारों का रंग: दिशा के हिसाब से गाइड

आपके बेडरूम की दीवारों पर कौन-सा रंग जंचेगा? मुख्य बेडरूम, बच्चों के बेडरूम और गेस्ट बेडरूम के लिए दिशा के हिसाब से वास्तु गाइड, और किराए के फ़्लैट के लिए कपड़े और लैंप के आसान सुझाव, जहां दीवारें पेंट नहीं हो सकतीं।

कार पार्किंग और गैराज का वास्तु: बंगलों और सोसाइटियों के लिएघर का वास्तु

कार पार्किंग और गैराज का वास्तु: बंगलों और सोसाइटियों के लिए

गैराज कहाँ बनाएं और कार का मुँह किस ओर रखें? बंगलों के लिए कार पार्किंग का पारंपरिक वास्तु, और मुंबई की सोसाइटियों के लिए सच्ची सलाह, जहाँ पार्किंग स्लॉट आपको मिलता है, आप चुनते नहीं।

वास्तु के अनुसार गैस स्टोव की दिशा: कहाँ रखें और किस ओर मुँह करेंघर का वास्तु

वास्तु के अनुसार गैस स्टोव की दिशा: कहाँ रखें और किस ओर मुँह करें

गैस स्टोव कहाँ रखें, और खाना बनाते समय किस ओर मुँह होना चाहिए? मुंबई की उन रसोइयों के लिए आसान वास्तु गाइड, जहाँ प्लेटफ़ॉर्म, सिंक और गैस लाइन पहले से तय हैं।

मुख्य द्वार की नेम प्लेट का वास्तु: सामग्री, ऊँचाई और रोशनीघर का वास्तु

मुख्य द्वार की नेम प्लेट का वास्तु: सामग्री, ऊँचाई और रोशनी

मेहमान आपके दरवाज़े पर सबसे पहले नेम प्लेट पढ़ता है। जानिए उसकी सामग्री, ऊँचाई, रोशनी और देखभाल के बारे में वास्तु परंपरा क्या कहती है; साथ में मुंबई के फ़्लैटों के लिए काम के सुझाव।

दिवाली के आसपास नए फ़्लैट का पज़ेशन लेनाघर का वास्तु

दिवाली के आसपास नए फ़्लैट का पज़ेशन लेना

मुंबई में पज़ेशन की तारीखें दिवाली के आसपास जमा हो जाती हैं। चाबी लेने वाले दिन क्या जाँचें, फर्नीचर आने से पहले क्या करें, और गृह प्रवेश का वह क्रम जो ज़्यादातर परिवार अपनाते हैं।

किराये के फ़्लैट के लिए वास्तु: आप असल में क्या बदल सकते हैंघर का वास्तु

किराये के फ़्लैट के लिए वास्तु: आप असल में क्या बदल सकते हैं

जिस फ़्लैट के आप मालिक नहीं हैं, उसमें दीवार नहीं हिलाई जा सकती, और हिलाने की सोचनी भी नहीं चाहिए। किराये के घर में असल में क्या काम करता है: कमरों का इस्तेमाल, बिस्तर की दिशा, काम करने की जगह, रोशनी, रंग और वे चंद चीज़ें जो अगले घर में साथ ले जाने लायक हैं।

विदेश जाना: वास्तु की मदद से नए घर में बसनाघर का वास्तु

विदेश जाना: वास्तु की मदद से नए घर में बसना

नए देश के पहले हफ़्ते कागज़ी काम और डिब्बों में निकल जाते हैं। घर कैसे जमाया जाए, इस पर सही क्रम में थोड़ा ध्यान देने से बसना आसान हो जाता है।

बालकनी का वास्तु: पौधे, बैठने की जगह और दिशाघर का वास्तु

बालकनी का वास्तु: पौधे, बैठने की जगह और दिशा

मुंबई के फ़्लैट में अक्सर बालकनी ही आपकी इकलौती खुली जगह होती है। हर दिशा की बालकनी का वास्तु, कौन-से पौधे चुनें, बैठने की जगह कहाँ रखें और किन चीज़ों को दूर रखें।

बाथरूम और टॉयलेट का वास्तु: जगह और आसान उपायघर का वास्तु

बाथरूम और टॉयलेट का वास्तु: जगह और आसान उपाय

वास्तु में बाथरूम और टॉयलेट कहाँ होना चाहिए, कमोड का मुँह किस ओर हो, और उन फ़्लैटों के लिए टॉयलेट वास्तु के आसान, बिना तोड़-फोड़ वाले उपाय जहाँ कुछ भी अपनी जगह से हटाया नहीं जा सकता।

बीम के नीचे बेड: वास्तु के आसान उपायघर का वास्तु

बीम के नीचे बेड: वास्तु के आसान उपाय

मुंबई के फ़्लैट और बंगलों में बीम खुले दिखना आम बात है, और कई बार बेड ठीक उसी के नीचे आ जाता है। वास्तु में बेड के ऊपर बीम क्यों नहीं चाहिए, और बेड हिलाना संभव न हो तो कौन से उपाय काम आते हैं।

वास्तु में कॉर्नर फ़्लैट और कॉर्नर प्लॉटघर का वास्तु

वास्तु में कॉर्नर फ़्लैट और कॉर्नर प्लॉट

वास्तु के अनुसार कॉर्नर फ़्लैट और कॉर्नर प्लॉट अच्छे होते हैं या बुरे? यह इस पर निर्भर करता है कि कौन-सा कोना है। जानिए कॉर्नर प्रॉपर्टी को कैसे परखें, और अगर आपकी प्रॉपर्टी आदर्श नहीं है तो क्या करें।

डाइनिंग टेबल वास्तु: आकार, दिशा और जगहघर का वास्तु

डाइनिंग टेबल वास्तु: आकार, दिशा और जगह

डाइनिंग टेबल कहाँ रखें, कौन-सा आकार और मटीरियल चुनें, खाते समय किस ओर मुँह रखें, और मुंबई के छोटे फ़्लैट में खाने के समय को शांत कैसे रखें।

पूर्वमुखी फ़्लैट का वास्तु: खूबियाँ और लेआउट टिप्सघर का वास्तु

पूर्वमुखी फ़्लैट का वास्तु: खूबियाँ और लेआउट टिप्स

पूर्वमुखी फ़्लैट अपनी सुबह की रोशनी और ताज़ा ऊर्जा के लिए पसंद किए जाते हैं। वास्तु में ये अनुकूल क्यों माने जाते हैं, प्रवेश द्वार किस जगह हो तो ठीक रहता है, और भीतर के कमरे कैसे बाँटें।

फ़्लोर नंबर और वास्तु: क्या मायने रखता है और क्या नहींघर का वास्तु

फ़्लोर नंबर और वास्तु: क्या मायने रखता है और क्या नहीं

क्या चौथी मंज़िल अशुभ है? क्या ऊँची मंज़िल बेहतर होती है? मुंबई में फ़्लैट ख़रीदने वालों के लिए फ़्लोर नंबर वास्तु पर ठंडे दिमाग़ से एक नज़र: पारंपरिक वास्तु असल में क्या देखता है और क्या नहीं।

वास्तु के अनुसार बगीचे और पौधों की जगहघर का वास्तु

वास्तु के अनुसार बगीचे और पौधों की जगह

ऊँचे पेड़ दक्षिण-पश्चिम में, लॉन और तुलसी उत्तर-पूर्व में, फूलों के गमले पूर्व की बालकनी में। बंगले, टेरेस और मुंबई की बालकनी के लिए बगीचे का आसान वास्तु गाइड।

गेस्ट रूम वास्तु: मेहमानों को कहाँ ठहराएँघर का वास्तु

गेस्ट रूम वास्तु: मेहमानों को कहाँ ठहराएँ

वास्तु के अनुसार मेहमान कहाँ सोएँ? गेस्ट रूम की दिशा, बेड की जगह, रंगों और मुंबई के छोटे फ़्लैट के आसान उपायों की व्यावहारिक गाइड।

होम लाइब्रेरी और बुकशेल्फ़ वास्तुघर का वास्तु

होम लाइब्रेरी और बुकशेल्फ़ वास्तु

बुकशेल्फ़ कहाँ रखें, पढ़ते समय मुँह किस ओर हो, और होम लाइब्रेरी को बिखरी नहीं, शांत कैसे रखें? फ़्लैट, स्टडी रूम और बंगले की लाइब्रेरी के लिए बुकशेल्फ़ वास्तु।

L-शेप और अनियमित आकार के फ़्लैट: वास्तु के उपायघर का वास्तु

L-शेप और अनियमित आकार के फ़्लैट: वास्तु के उपाय

मुंबई की ऊँची इमारतों में कटे कोने, तिरछी दीवारें और L-शेप लेआउट आम हैं। जानिए अनियमित आकार के फ़्लैट का वास्तु कैसे देखा जाता है, कौन-से कट सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं और उन्हें बिना तोड़-फोड़ कैसे संतुलित करें।

बंगले के मुख्य गेट और चारदीवारी का वास्तुघर का वास्तु

बंगले के मुख्य गेट और चारदीवारी का वास्तु

बंगले का मुख्य गेट कहाँ होना चाहिए, चारदीवारी कितनी ऊँची हो, और गेट पहले से बना हो तो क्या करें? स्वतंत्र मकानों के लिए काम की वास्तु सलाह।

वास्तु के अनुसार घर में आईना कहाँ लगाएँघर का वास्तु

वास्तु के अनुसार घर में आईना कहाँ लगाएँ

सही जगह लगा आईना छोटे फ़्लैट को खिला-खिला बना सकता है; गलत जगह लगा आईना नींद बिगाड़ सकता है या ऊर्जा को दरवाज़े से बाहर धकेल सकता है। घर के हर कमरे में आईने का वास्तु और आसान उपाय।

उत्तर-मुखी फ़्लैट का वास्तु: करियर और समृद्धि के लिएघर का वास्तु

उत्तर-मुखी फ़्लैट का वास्तु: करियर और समृद्धि के लिए

उत्तर-मुखी फ़्लैट को कुबेर, नए अवसरों और पैसे की लगातार आमद से जोड़ा जाता है। यहाँ जानिए इसे ठीक से कैसे जाँचें, हर कमरा कैसे तय करें और करियर के लिए उत्तर ज़ोन को कैसे ठीक रखें।

पूर्वजों की तस्वीरें: वास्तु के अनुसार कहाँ लगाएँघर का वास्तु

पूर्वजों की तस्वीरें: वास्तु के अनुसार कहाँ लगाएँ

जो माता-पिता और दादा-दादी अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनकी तस्वीरें कहाँ लगाएँ? वास्तु के अनुसार पूर्वजों की फ़ोटो की दिशा, किन जगहों से बचें, और घर में परिवार की यादों को सम्मान देने के कोमल तरीके।

प्लॉट चुनने का वास्तु: आकार, ढलान और सड़केंघर का वास्तु

प्लॉट चुनने का वास्तु: आकार, ढलान और सड़कें

ज़मीन खरीदने से पहले उसका आकार, ढलान, सड़कें और आस-पास का माहौल जाँचें। गौमुखी और व्याघ्रमुखी प्लॉट से लेकर टी-जंक्शन और बोरवेल तक, प्लॉट चुनने के वास्तु की व्यावहारिक चेकलिस्ट।

छोटे घर में पूजा घर का वास्तु: मंदिर कहाँ रखेंघर का वास्तु

छोटे घर में पूजा घर का वास्तु: मंदिर कहाँ रखें

अलग पूजा घर के लिए जगह नहीं है? छोटे फ़्लैट के लिए पूजा घर का व्यावहारिक वास्तु: दीवार पर लगा या कोने वाला मंदिर कहाँ रखें, मुँह किस दिशा में हो और किन बातों से बचें।

मुंबई में सी-फ़ेसिंग घर और वास्तुघर का वास्तु

मुंबई में सी-फ़ेसिंग घर और वास्तु

मुंबई में समुद्र ज़्यादातर पश्चिम की ओर दिखता है। जुहू, बांद्रा, वर्ली और मरीन ड्राइव के सी-फ़ेसिंग फ़्लैट के बारे में वास्तु क्या कहता है, और पश्चिम के बड़े समुद्री नज़ारे को कैसे संतुलित करें।

शू रैक और एंट्रेंस लॉबी का वास्तुघर का वास्तु

शू रैक और एंट्रेंस लॉबी का वास्तु

मुंबई के लगभग हर फ़्लैट में दरवाज़े पर जूतों का ढेर लग जाता है। वास्तु के अनुसार शू रैक कहाँ रखें, एंट्रेंस लॉबी में क्या न रखें, और छोटी लॉबी को स्वागत भरा कैसे बनाएँ।

दक्षिणमुखी फ़्लैट का वास्तु: व्यावहारिक उपायघर का वास्तु

दक्षिणमुखी फ़्लैट का वास्तु: व्यावहारिक उपाय

दक्षिणमुखी फ़्लैट अपने आप में अशुभ नहीं होता। जानिए एंट्रेंस का पद कैसे जाँचें, कमरे कैसे प्लान करें, और मुख्य द्वार पर बिना तोड़-फोड़ वाले व्यावहारिक उपाय कैसे अपनाएँ।

सीढ़ियों का वास्तु: दिशा और आम गलतियाँघर का वास्तु

सीढ़ियों का वास्तु: दिशा और आम गलतियाँ

बंगले, डुप्लेक्स या दुकान में सीढ़ियाँ कहाँ होनी चाहिए? सीढ़ियों के वास्तु की व्यावहारिक गाइड — सही दिशाएँ, सीढ़ियों के नीचे की जगह और सीढ़ियाँ पहले से बनी हों तो उपाय।

स्टोर रूम का वास्तु: भारी सामान कहाँ रखेंघर का वास्तु

स्टोर रूम का वास्तु: भारी सामान कहाँ रखें

वास्तु के अनुसार स्टोर रूम और भारी सामान कहाँ रखें? दक्षिण-पश्चिम में जगह, अनाज का भंडारण, लॉफ़्ट, उत्तर-पूर्व में क्या न रखें और फ़्लैट के लिए सुझाव।

डुप्लेक्स और पेंटहाउस घरों के लिए वास्तुघर का वास्तु

डुप्लेक्स और पेंटहाउस घरों के लिए वास्तु

दो मंज़िलें, अंदर की सीढ़ी और अक्सर निजी टैरेस: डुप्लेक्स और पेंटहाउस के लिए वास्तु को अलग ढंग से सोचना पड़ता है। जानिए हर मंज़िल, सीढ़ी और टैरेस की योजना कैसे बनाएँ।

हाई-राइज़ अपार्टमेंट और ऊँची मंज़िलों के लिए वास्तुघर का वास्तु

हाई-राइज़ अपार्टमेंट और ऊँची मंज़िलों के लिए वास्तु

मुंबई में अब ज़्यादातर लोग टावरों में रहते हैं। 20वीं या 40वीं मंज़िल के फ़्लैट पर वास्तु कैसे लागू होता है: इमारत का प्रवेश, फ़्लैट का लेआउट, हवा, नज़ारे और ज़मीन से इतना ऊपर रहकर भी जुड़ाव कैसे बनाए रखें।

होम ऑफ़िस और वर्क-फ़्रॉम-होम डेस्क के लिए वास्तुघर का वास्तु

होम ऑफ़िस और वर्क-फ़्रॉम-होम डेस्क के लिए वास्तु

बेडरूम के कोने या डाइनिंग टेबल से काम करते हैं? वर्क फ़्रॉम होम के व्यावहारिक वास्तु सुझाव: सही ज़ोन चुनें, सही दिशा में मुँह रखें और काम को आराम की जगह में फैलने से रोकें।

मुंबई की सोसाइटियों के रीडेवलपमेंट फ़्लैटों के लिए वास्तुघर का वास्तु

मुंबई की सोसाइटियों के रीडेवलपमेंट फ़्लैटों के लिए वास्तु

आपकी सोसाइटी रीडेवलपमेंट में जा रही है और नए फ़्लैट का नक्शा अभी काग़ज़ पर है। ड्रॉइंग के चरण में, आवंटन के दौरान, ट्रांज़िट में और आख़िर में वापस आने पर वास्तु का इस्तेमाल कैसे करें, यहाँ पढ़ें।

स्टूडियो अपार्टमेंट और 1RK घरों के लिए वास्तुघर का वास्तु

स्टूडियो अपार्टमेंट और 1RK घरों के लिए वास्तु

जब एक ही कमरा आपका बेडरूम, लिविंग रूम और वर्कस्पेस हो, तो हर कोना मायने रखता है। मुंबई के 1RK घरों के लिए स्टूडियो अपार्टमेंट वास्तु के व्यावहारिक सुझाव, दीवारों से नहीं, ज़ोन से।

निर्माणाधीन फ़्लैट के लिए वास्तु: प्लान में क्या-क्या देखेंघर का वास्तु

निर्माणाधीन फ़्लैट के लिए वास्तु: प्लान में क्या-क्या देखें

ऐसा फ़्लैट ले रहे हैं जो अभी बन रहा है? बुकिंग से पहले फ़्लोर प्लान में वास्तु के हिसाब से क्या देखें, प्रवेश द्वार और रसोई से लेकर टॉयलेट और कटे हुए कोनों तक।

वॉल क्लॉक वास्तु: घड़ी की सही दिशाघर का वास्तु

वॉल क्लॉक वास्तु: घड़ी की सही दिशा

घड़ी किस दीवार पर लगाएँ? लिविंग रूम, बेडरूम, ऑफ़िस और बच्चों के कमरे के लिए दीवार घड़ी की दिशा का वास्तु, साथ में आकार, रंग और किन बातों से बचें।

वॉर्डरोब और अलमारी का वास्तु: स्थिरता के लिए सही जगहघर का वास्तु

वॉर्डरोब और अलमारी का वास्तु: स्थिरता के लिए सही जगह

वॉर्डरोब और अलमारी घर के सबसे भारी सामान में गिने जाते हैं। वास्तु में अलमारी की दिशा सही हो तो स्थिरता का एहसास रहता है, और उत्तर की ओर खुलने वाला लॉकर धन के लिए सहायक माना जाता है।

वॉशिंग मशीन और यूटिलिटी एरिया का वास्तुघर का वास्तु

वॉशिंग मशीन और यूटिलिटी एरिया का वास्तु

मुंबई के फ़्लैट में वॉशिंग मशीन अक्सर बाथरूम, बालकनी या रसोई के किसी कोने में रखी जाती है। जानिए वास्तु के अनुसार वह कहाँ ठीक बैठती है, साथ में कपड़े सुखाने की जगह और यूटिलिटी एरिया के सुझाव।

पानी की टंकी और ओवरहेड टैंक का वास्तुघर का वास्तु

पानी की टंकी और ओवरहेड टैंक का वास्तु

ओवरहेड टैंक, अंडरग्राउंड सम्प, बोरवेल और लॉफ़्ट टैंक: पानी की टंकी के वास्तु में हर एक कहाँ ठीक है, किससे बचें, और जब टंकी आपके हाथ में न हो तो फ़्लैट वाले क्या कर सकते हैं।

पश्चिम मुखी फ़्लैट का वास्तु: क्या यह सच में अशुभ है?घर का वास्तु

पश्चिम मुखी फ़्लैट का वास्तु: क्या यह सच में अशुभ है?

पश्चिम मुखी फ़्लैट अशुभ नहीं होता। जानिए पश्चिम मुखी फ़्लैट का वास्तु असल में क्या कहता है, प्रवेश का पद क्यों मायने रखता है, और मुंबई के घरों के लिए आसान उपाय।

आधुनिक ओपन किचन के लिए किचन वास्तुघर का वास्तु

आधुनिक ओपन किचन के लिए किचन वास्तु

मुंबई के फ़्लैटों में ओपन किचन अब आम हैं, लेकिन वास्तु के हिसाब से ये कैसे बैठते हैं? ज़ोन, चूल्हा, सिंक, काउंटर, रंग और लिविंग रूम से हल्का-सा अलगाव: ओपन किचन के लिए व्यावहारिक वास्तु।

फ़्लैट के मुख्य द्वार का वास्तु: दिशा बदल न सकें तो क्या करेंघर का वास्तु

फ़्लैट के मुख्य द्वार का वास्तु: दिशा बदल न सकें तो क्या करें

फ़्लैट में मुख्य द्वार की दिशा बिल्डर तय कर देता है। जानिए दक्षिण या पश्चिम की ओर खुलने वाले प्रवेश को कैसे परखें, द्वार लिफ़्ट या पड़ोसी के दरवाज़े के सामने हो तो क्या करें, और कौन-से बिना तोड़-फोड़ वाले उपाय काम आते हैं।

मुख्य बेडरूम का वास्तु: बिस्तर की दिशा, शीशे और अलमारियाँघर का वास्तु

मुख्य बेडरूम का वास्तु: बिस्तर की दिशा, शीशे और अलमारियाँ

कमरे-कमरे की वास्तु गाइड में मुख्य बेडरूम: आदर्श ज़ोन, बिस्तर और सिरहाने की दिशा, शीशे की जगह, अलमारी की जगह, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रंग, और बेडरूम दक्षिण-पश्चिम में न हो तो क्या करें।

मुंबई में फ़्लैट ख़रीदने से पहले वास्तु चेकलिस्टघर का वास्तु

मुंबई में फ़्लैट ख़रीदने से पहले वास्तु चेकलिस्ट

मुंबई में नया या रीसेल फ़्लैट पक्का करने से पहले यह वास्तु चेकलिस्ट एक-एक करके देख लें: इमारत, प्रवेश, रसोई, बेडरूम, टॉयलेट, केंद्र और आकार, और यह भी कि किन बातों का उपाय हो सकता है और किनका नहीं।

मुंबई के 1BHK और 2BHK फ़्लैट के लिए वास्तुघर का वास्तु

मुंबई के 1BHK और 2BHK फ़्लैट के लिए वास्तु

मुंबई के छोटे फ़्लैट किताबों वाले वास्तु पर शायद ही कभी खरे उतरते हैं। जानिए 1BHK या 2BHK में वास्तु कैसे अपनाएँ: एक-एक ज़ोन और एक-एक कमरे के हिसाब से, ऐसे आसान, बिना तोड़-फोड़ वाले बदलावों से जो किराये के घर में भी चल जाएँ।

लिविंग रूम का वास्तु: बैठने की जगह, रंग और टीवी की जगहघर का वास्तु

लिविंग रूम का वास्तु: बैठने की जगह, रंग और टीवी की जगह

मुंबई के घरों के लिए लिविंग रूम वास्तु की व्यावहारिक गाइड: हॉल के लिए कौन-सी दिशा ठीक है, सोफ़ा और टीवी कहाँ रखें, कौन-से रंग अपनापन देते हैं, और लेआउट बदला न जा सके तो आसान उपाय।

किराए के फ़्लैट के लिए वास्तु: बिना कुछ बदले उपायघर का वास्तु

किराए के फ़्लैट के लिए वास्तु: बिना कुछ बदले उपाय

मुंबई में किराए पर रहते हैं और न दीवारें तोड़ सकते हैं, न पेंट बदल सकते हैं? किराए के फ़्लैट के लिए ये साथ ले जाने लायक, बिना तोड़-फोड़ वाले वास्तु उपाय फ़र्नीचर, रंग, रोशनी, क्रिस्टल, पिरामिड, नमक और रेकी से काम लेते हैं, और आपके साथ चलते हैं।

नए घर और गृह प्रवेश के लिए वास्तु टिप्सघर का वास्तु

नए घर और गृह प्रवेश के लिए वास्तु टिप्स

नए फ़्लैट या बंगले में जा रहे हैं? गृह प्रवेश से पहले, उस दिन और उसके बाद की व्यावहारिक वास्तु चेकलिस्ट, दिशाएँ जाँचने और घर की शुद्धि से लेकर रसोई, पूजा के कोने और बेडरूम सजाने तक।

कमर्शियल वास्तु

किराना और ग्रोसरी स्टोर वास्तुकमर्शियल वास्तु

किराना और ग्रोसरी स्टोर वास्तु

किराना या ग्रोसरी स्टोर के लिए व्यावहारिक वास्तु लेआउट: काउंटर, गल्ला, तराज़ू, अनाज की बोरियाँ, तेल के टिन और फ़्रिज कहाँ रखें, और तंग दुकान का प्रवेश द्वार खुला कैसे रखें।

नए बिज़नेस के लिए ऑफ़िस उद्घाटन की पूजा और वास्तुकमर्शियल वास्तु

नए बिज़नेस के लिए ऑफ़िस उद्घाटन की पूजा और वास्तु

जल्द ही नया ऑफ़िस खोल रहे हैं? वास्तु के अनुसार उद्घाटन की पूजा से पहले क्या तैयार करें: प्रवेश, मालिक की सीट, कैश और अकाउंट्स की जगह, पूजा की शेल्फ़ और पहले दिन की चेकलिस्ट।

घर से काम करते समय डेस्क का मुँह किस दिशा में हो?कमर्शियल वास्तु

घर से काम करते समय डेस्क का मुँह किस दिशा में हो?

पैसे के काम के लिए उत्तर, ध्यान के लिए पूर्व। और जब डेस्क बस बेडरूम के उस कोने में फिट होती हो जहाँ आपकी पीठ दरवाज़े की ओर रहती हो, तब क्या करें।

अकाउंट्स डिपार्टमेंट का वास्तु: फ़ाइनेंस टीम कहाँ बैठेकमर्शियल वास्तु

अकाउंट्स डिपार्टमेंट का वास्तु: फ़ाइनेंस टीम कहाँ बैठे

आपकी फ़ाइनेंस टीम कहाँ बैठे? अकाउंट्स डिपार्टमेंट के वास्तु में बैठने की जगह, मुँह की दिशा, कैश लॉकर, फ़ाइलें और शांत, व्यवस्थित वर्कस्पेस की जानकारी।

बुटीक और कपड़ों की दुकान का वास्तुकमर्शियल वास्तु

बुटीक और कपड़ों की दुकान का वास्तु

बुटीक और कपड़ों की दुकानों के लिए वास्तु: प्रवेश, कैश काउंटर, डिस्प्ले रैक, ट्रायल रूम, शीशे, रोशनी और वे रंग जो कपड़ों की बिक्री में मदद करते हैं।

व्यापार के लिए कैश काउंटर और लॉकर का वास्तुकमर्शियल वास्तु

व्यापार के लिए कैश काउंटर और लॉकर का वास्तु

दुकान या ऑफ़िस में कैश काउंटर और लॉकर कहाँ होने चाहिए? मुंबई के व्यापारियों के लिए कैश लॉकर वास्तु की व्यावहारिक जानकारी: जगह, खुलने की दिशा और आसान उपाय।

डॉक्टरों के लिए क्लिनिक वास्तु: कंसल्टेशन रूम और रिसेप्शनकमर्शियल वास्तु

डॉक्टरों के लिए क्लिनिक वास्तु: कंसल्टेशन रूम और रिसेप्शन

नया क्लिनिक शुरू करने या पुराने को नया रूप देने वाले डॉक्टरों के लिए: प्रवेश द्वार, रिसेप्शन, वेटिंग एरिया, कंसल्टेशन रूम, डॉक्टर की कुर्सी, रंग और मरीज़ों के लिए शांत माहौल का क्लिनिक वास्तु।

वास्तु के अनुसार ऑफ़िस की दीवारों के रंगकमर्शियल वास्तु

वास्तु के अनुसार ऑफ़िस की दीवारों के रंग

मालिक के केबिन, रिसेप्शन, अकाउंट्स और कॉन्फ्रेंस रूम के लिए कौन-से रंग ठीक रहते हैं? दिशा, तत्व और काम के हिसाब से ऑफ़िस के वास्तु रंगों की व्यावहारिक गाइड।

कॉन्फ्रेंस रूम वास्तु: बेहतर फ़ैसलों के लिएकमर्शियल वास्तु

कॉन्फ्रेंस रूम वास्तु: बेहतर फ़ैसलों के लिए

मीटिंग रूम कहाँ बनाएँ, फ़ैसला लेने वाला कहाँ बैठे, टेबल का आकार और रंग कैसे चुनें, और बातचीत को साफ़ व काम की बनाए रखने के आसान तरीके।

फ़ैक्टरी वास्तु: मशीनरी, कच्चा माल और डिस्पैचकमर्शियल वास्तु

फ़ैक्टरी वास्तु: मशीनरी, कच्चा माल और डिस्पैच

फ़ैक्टरी में भारी मशीनरी, कच्चे माल का स्टोर, तैयार माल और डिस्पैच बे कहाँ होने चाहिए? शॉप फ़्लोर पर काम के प्रवाह के लिए एक व्यावहारिक वास्तु गाइड।

जिम और योग स्टूडियो वास्तुकमर्शियल वास्तु

जिम और योग स्टूडियो वास्तु

योग स्टूडियो को शांति और रोशनी चाहिए; जिम को ताकत और ऊर्जा। प्रैक्टिस हॉल, उपकरण, शीशे, रिसेप्शन, चेंजिंग रूम और रंगों के लिए योग स्टूडियो वास्तु और जिम वास्तु।

होटल वास्तु: कमरे, लॉबी और किचनकमर्शियल वास्तु

होटल वास्तु: कमरे, लॉबी और किचन

हॉस्पिटैलिटी का काम इसी पर चलता है कि मेहमान कैसा महसूस करते हैं। नए और चल रहे होटल के लिए एंट्रेंस, लॉबी, किचन, गेस्ट रूम, कैश काउंटर और वॉटर फ़ीचर की व्यावहारिक होटल वास्तु गाइड।

ज्वेलरी शॉप वास्तु: काउंटर, लॉकर और डिस्प्ले के सुझावकमर्शियल वास्तु

ज्वेलरी शॉप वास्तु: काउंटर, लॉकर और डिस्प्ले के सुझाव

ज्वेलरी की दुकान भरोसे, रोशनी और सुरक्षा पर चलती है। देखें कि ज्वेलरी स्टोर में मालिक की सीट, लॉकर, डिस्प्ले काउंटर, लाइटिंग और प्रवेश द्वार के बारे में वास्तु क्या कहता है।

मेडिकल स्टोर और फ़ार्मेसी का वास्तुकमर्शियल वास्तु

मेडिकल स्टोर और फ़ार्मेसी का वास्तु

मेडिकल स्टोर और केमिस्ट की दुकान के लिए व्यावहारिक वास्तु गाइड: प्रवेश द्वार, कैश काउंटर, दवाइयों के रैक, फ्रिज, रंग और छोटी दुकानों के आसान उपाय।

ऑफ़िस की पैंट्री और वॉशरूम का वास्तुकमर्शियल वास्तु

ऑफ़िस की पैंट्री और वॉशरूम का वास्तु

वास्तु के अनुसार ऑफ़िस की पैंट्री और वॉशरूम कहाँ होने चाहिए? सही जगह, उपकरण, वाटर डिस्पेंसर, सफ़ाई की आदतें और मुंबई के छोटे ऑफ़िसों के लिए आसान उपाय।

रिसेप्शन एरिया का वास्तु: पहली छाप अच्छी बनाने के लिएकमर्शियल वास्तु

रिसेप्शन एरिया का वास्तु: पहली छाप अच्छी बनाने के लिए

आपका रिसेप्शन वह पहली जगह है जहाँ हर क्लाइंट आता है। जगह, डेस्क और बैठने की दिशा, रंग, रोशनी, सजावट और शांत, स्वागत भरे माहौल के लिए रिसेप्शन का व्यावहारिक वास्तु।

सैलून और स्पा का वास्तु: शांत माहौल, ख़ूब चलता बिज़नेसकमर्शियल वास्तु

सैलून और स्पा का वास्तु: शांत माहौल, ख़ूब चलता बिज़नेस

वास्तु के अनुसार सैलून या स्पा कैसे बनाएँ: प्रवेश द्वार, रिसेप्शन और कैश काउंटर, स्टाइलिंग स्टेशन और शीशे, ट्रीटमेंट रूम, पानी वाली जगहें, रंग और खुशबू।

स्कूल और कोचिंग क्लास का वास्तु: विद्यार्थियों के लिएकमर्शियल वास्तु

स्कूल और कोचिंग क्लास का वास्तु: विद्यार्थियों के लिए

स्कूल, कोचिंग क्लास और ट्यूशन सेंटर के लिए व्यावहारिक वास्तु: प्रवेश द्वार, बैठने की दिशा, लाइब्रेरी, रंग और पढ़ाई में मन लगाने वाली जगह के लिए आसान उपाय।

शोरूम का वास्तु: डिस्प्ले और बिलिंग काउंटरकमर्शियल वास्तु

शोरूम का वास्तु: डिस्प्ले और बिलिंग काउंटर

शोरूम का वास्तु, ताकि ग्राहकों का आना-जाना लगातार बना रहे: एंट्रेंस और दुकान का सामने वाला हिस्सा, बिलिंग काउंटर कहाँ रखें, डिस्प्ले और स्टॉक कैसे सजाएँ, और फ़्लोर को आकर्षक रखने की आसान आदतें।

साइनबोर्ड और ब्रांड नेम बोर्ड का वास्तुकमर्शियल वास्तु

साइनबोर्ड और ब्रांड नेम बोर्ड का वास्तु

ग्राहक की नज़र सबसे पहले आपके साइनबोर्ड पर पड़ती है। दुकान, ऑफ़िस और क्लिनिक के साइनबोर्ड के लिए वास्तु के काम के सुझाव: बोर्ड कहाँ लगे, कितना ऊँचा हो, रंग, रोशनी और ब्रांड का नाम।

CA, वकील और कंसल्टेंट के चैंबर के लिए वास्तुकमर्शियल वास्तु

CA, वकील और कंसल्टेंट के चैंबर के लिए वास्तु

चार्टर्ड अकाउंटेंट, एडवोकेट और कंसल्टेंट का काम भरोसे, एकाग्रता और गोपनीयता पर टिका होता है। प्रमुख की कुर्सी, क्लाइंट की सीटिंग, फ़ाइलों और रिसेप्शन के लिए प्रोफ़ेशनल ऑफ़िस वास्तु की टिप्स।

को-वर्किंग स्पेस और शेयर्ड ऑफ़िस के लिए वास्तुकमर्शियल वास्तु

को-वर्किंग स्पेस और शेयर्ड ऑफ़िस के लिए वास्तु

को-वर्किंग स्पेस की दीवारें आप नहीं हिला सकते, पर अपनी डेस्क समझदारी से चुन सकते हैं। सीट चुनने वाले मेंबरों और मुंबई में शेयर्ड ऑफ़िस की योजना बनाने वाले ऑपरेटरों के लिए वास्तु टिप्स।

होम बेकरी और घर से चलने वाले फ़ूड बिज़नेस के लिए वास्तुकमर्शियल वास्तु

होम बेकरी और घर से चलने वाले फ़ूड बिज़नेस के लिए वास्तु

अपने फ़्लैट से होम बेकरी, टिफ़िन सर्विस या क्लाउड किचन चलाते हैं? ओवन, सामग्री, पैकिंग टेबल और कैश बॉक्स कहाँ रखें, और परिवार व बिज़नेस की जगहों में संतुलन कैसे रखें।

होम क्लिनिक और थेरेपी रूम के लिए वास्तुकमर्शियल वास्तु

होम क्लिनिक और थेरेपी रूम के लिए वास्तु

जो डॉक्टर, फ़िज़ियोथेरेपिस्ट, काउंसलर और वेलनेस प्रैक्टिशनर घर पर क्लाइंट देखते हैं, वे शांत और अपनापन भरे कमरे बनाने के लिए वास्तु अपना सकते हैं। प्रवेश, बैठने की जगह, कौच, रंग और निजता।

IT ऑफ़िस और वर्कस्टेशन के लिए वास्तुकमर्शियल वास्तु

IT ऑफ़िस और वर्कस्टेशन के लिए वास्तु

टेक टीमें खुले फ़्लोर और सर्वर के लिए ठंडे रखे गए कमरों में घंटों स्क्रीन के सामने काम करती हैं। वर्कस्टेशन, लीडरशिप केबिन, सर्वर रूम, मीटिंग की जगहों और हाइब्रिड टीमों के लिए IT ऑफ़िस वास्तु।

स्टार्टअप और छोटे ऑफ़िसों के लिए वास्तुकमर्शियल वास्तु

स्टार्टअप और छोटे ऑफ़िसों के लिए वास्तु

छोटी टीमों, किराए की जगहों और को-वर्किंग डेस्क के लिए स्टार्टअप ऑफ़िस वास्तु: प्रवेश द्वार, फ़ाउंडर की सीट, टीम के बैठने की जगह, नकदी और दस्तावेज़, सर्वर और पैंट्री, सब बिना किसी निर्माण के।

वेयरहाउस और गोदाम का वास्तुकमर्शियल वास्तु

वेयरहाउस और गोदाम का वास्तु

माल निकले नहीं, टूट-फूट हो और अव्यवस्था रहे, तो गोदाम अटका-अटका लग सकता है। गोदाम के वास्तु के व्यावहारिक सुझाव: स्टोरेज के ज़ोन, लोडिंग बे, ऑफ़िस केबिन और माल की आवाजाही बनाए रखना।

बिज़नेस ग्रोथ के लिए ऑफ़िस वास्तु: एक व्यावहारिक गाइडकमर्शियल वास्तु

बिज़नेस ग्रोथ के लिए ऑफ़िस वास्तु: एक व्यावहारिक गाइड

वास्तु की मदद से ऐसा ऑफ़िस कैसे तैयार करें जो बिज़नेस को लगातार आगे बढ़ने में मदद करे: प्रवेश, मालिक का केबिन, टीम की सीटें, अकाउंट्स, मीटिंग रूम और किराये की जगह के आसान उपाय।

मालिक के केबिन का वास्तु: नेतृत्व के लिए बैठने की दिशाकमर्शियल वास्तु

मालिक के केबिन का वास्तु: नेतृत्व के लिए बैठने की दिशा

डायरेक्टर, फ़ाउंडर और पार्टनर के लिए मालिक के केबिन का वास्तु: केबिन कहाँ हो, मुँह किस ओर रहे, मेज़ और कुर्सी की जगह, मेहमानों की सीट, स्टोरेज, रंग, और केबिन दक्षिण-पश्चिम में न हो तो उपाय।

रेस्तरां और कैफ़े का वास्तु: किचन, काउंटर और बैठने की जगहकमर्शियल वास्तु

रेस्तरां और कैफ़े का वास्तु: किचन, काउंटर और बैठने की जगह

कैफ़े, रेस्तरां और क्लाउड किचन के लिए वास्तु: प्रवेश, किचन और खाना बनाने की दिशा, कैश काउंटर, डाइनिंग में बैठने की व्यवस्था, पानी और स्टोरेज, वॉशरूम, रंग और रोशनी।

दुकान का वास्तु: ज़्यादा ग्राहक और बेहतर बिक्री के लिएकमर्शियल वास्तु

दुकान का वास्तु: ज़्यादा ग्राहक और बेहतर बिक्री के लिए

ग्राहकों की लगातार आवाजाही के लिए दुकान का आसान वास्तु: स्वागत भरा प्रवेश द्वार, मालिक और कैशियर की सीट, कैश ड्रॉअर की दिशा, स्टॉक और डिस्प्ले की जगह, रोशनी और किराए की दुकान के उपाय।

ऑफ़िस डेस्क और केबिन के लिए वास्तु: बैठने की दिशा और जगहकमर्शियल वास्तु

ऑफ़िस डेस्क और केबिन के लिए वास्तु: बैठने की दिशा और जगह

काम करते समय किस तरफ़ मुँह रखें, मालिक का केबिन कहाँ हो और डेस्क पर क्या रखें? ऑफ़िस डेस्क, केबिन और वर्क-फ़्रॉम-होम सेट-अप के लिए व्यावहारिक वास्तु सुझाव।

कमर्शियल वास्तु टिप्स और सिद्धांतों से अपने कारोबार को सहारा देंकमर्शियल वास्तु

कमर्शियल वास्तु टिप्स और सिद्धांतों से अपने कारोबार को सहारा दें

कारोबारियों के लिए व्यावहारिक कमर्शियल वास्तु टिप्स: पंचतत्व, ऊर्जा का प्रवाह, प्रवेश और रिसेप्शन, मालिक, स्टाफ़ और कैश की जगह, रंग, और असल में क्या उम्मीद रखें।

वास्तु टिप्स

वास्तु के अनुसार झाड़ू और कूड़ेदान कहां रखेंवास्तु टिप्स

वास्तु के अनुसार झाड़ू और कूड़ेदान कहां रखें

घर में झाड़ू, पोछा और कूड़ेदान कहां रहें? घर के काम-काज वाले हिस्से के लिए एक सहज वास्तु गाइड, झाड़ू लगाने से जुड़ी मान्यताएं, और उनके पीछे छिपा साफ-सफाई का सीधा-सा तर्क।

वास्तु के अनुसार बुद्ध और लाफिंग बुद्धा की मूर्ति कहां रखेंवास्तु टिप्स

वास्तु के अनुसार बुद्ध और लाफिंग बुद्धा की मूर्ति कहां रखें

बुद्ध और लाफिंग बुद्धा दो अलग हस्तियां हैं, और दोनों को रखने की रीतियां भी अलग हैं। घर में हर एक को परंपरागत रूप से कहां रखा जाता है, और साथ में यह साफ बात भी कि इनमें से क्या शास्त्रीय वास्तु का हिस्सा नहीं है।

वास्तु के अनुसार कैलेंडर की दिशा: कौन सी दीवार चुनेंवास्तु टिप्स

वास्तु के अनुसार कैलेंडर की दिशा: कौन सी दीवार चुनें

नया कैलेंडर लगाने जा रहे हैं? जानिए वास्तु की पारंपरिक सलाह: कौन सी दीवार चुनें, कहाँ न लगाएं, पुराने कैलेंडर का क्या करें और ऑफ़िस में डेस्क कैलेंडर कैसे रखें।

वास्तु में कपूर: घर में पारंपरिक उपयोग और सुरक्षावास्तु टिप्स

वास्तु में कपूर: घर में पारंपरिक उपयोग और सुरक्षा

कपूर लगभग हर भारतीय पूजा का हिस्सा है। जानिए घर में इसका पारंपरिक उपयोग कैसे होता है, यह असल में क्या कर सकता है, और बच्चों वाले हर परिवार को कौन से सुरक्षा नियम पता होने चाहिए।

लकी बैंबू प्लांट का वास्तु: कहाँ रखें और देखभाल कैसे करेंवास्तु टिप्स

लकी बैंबू प्लांट का वास्तु: कहाँ रखें और देखभाल कैसे करें

लकी बैंबू नए घरों और ऑफ़िसों के लिए लोकप्रिय तोहफ़ा है। यह पौधा कहाँ से आया, वास्तु जानकार इसे कहाँ रखते हैं, पानी में इसकी देखभाल कैसे करें और पालतू जानवरों की सुरक्षा से जुड़ी बात, सब साफ़-साफ़।

मनी प्लांट का वास्तु: दिशा, जगह और देखभालवास्तु टिप्स

मनी प्लांट का वास्तु: दिशा, जगह और देखभाल

मनी प्लांट परंपरा से कहाँ रखा जाता है और कहाँ नहीं? मनी प्लांट की वास्तु दिशा, पानी या मिट्टी और रोज़ की देखभाल पर सीधी-सादी गाइड, साथ में पालतू जानवरों की सुरक्षा पर एक खरी बात।

वास्तु के अनुसार नए साल पर घर का रीसेटवास्तु टिप्स

वास्तु के अनुसार नए साल पर घर का रीसेट

वास्तु के अनुसार नए साल के लिए एक वीकेंड में, ज़ोन-दर-ज़ोन घर का रीसेट। शुरुआत मुफ़्त कदमों से करें: प्रवेश, उत्तर-पूर्व, केंद्र, दक्षिण-पश्चिम, रसोई और हर टूटी या बंद पड़ी चीज़।

सात घोड़ों की पेंटिंग का वास्तु: दिशा, दीवार और जाँचने लायक बातेंवास्तु टिप्स

सात घोड़ों की पेंटिंग का वास्तु: दिशा, दीवार और जाँचने लायक बातें

सात घोड़ों की पेंटिंग किस दीवार पर लगाएँ, और घोड़े किस ओर दौड़ते दिखें? लगाने की जगह, तस्वीर में क्या देखें और परंपरा असल में क्या कहती है, इसकी काम की जानकारी।

सिंगल पेरेंट के लिए सहारा देने वाला घरवास्तु टिप्स

सिंगल पेरेंट के लिए सहारा देने वाला घर

अकेले बच्चों को पालना किसी एक इंसान के लिए बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है। ये सरल वास्तु सुझाव सिंगल पेरेंट के घर में ऐसा माहौल बनाने में मदद करते हैं जो आपके और आपके बच्चों के लिए स्थिर, व्यवस्थित और सुकून भरा लगे।

परिवार के घर में बेडरूम का बंटवारा: वास्तु के अनुसारवास्तु टिप्स

परिवार के घर में बेडरूम का बंटवारा: वास्तु के अनुसार

कौन कहां सोए? घर के मुखिया, माता-पिता, दादा-दादी, बच्चों, बड़े हो चुके बच्चों और मेहमानों के लिए बेडरूम का वास्तु, और मुंबई के दो बेडरूम वाले फ़्लैट में क्या करें।

कुबेर और उत्तर दिशा: समृद्धि के वास्तु प्रतीकवास्तु टिप्स

कुबेर और उत्तर दिशा: समृद्धि के वास्तु प्रतीक

वास्तु में उत्तर दिशा धन के रक्षक कुबेर की है। कुबेर दिशा का मतलब क्या है, उसे खुला और सक्रिय कैसे रखें, और वहाँ परंपरा से रखे जाने वाले समृद्धि के प्रतीक कौन-से हैं।

वास्तु के अनुसार घर में लॉकर और तिजोरी की दिशावास्तु टिप्स

वास्तु के अनुसार घर में लॉकर और तिजोरी की दिशा

घर में लॉकर या तिजोरी कहाँ रखें? लॉकर की दिशा पर वास्तु की साफ़ बात: किस दीवार से लगाएँ, दरवाज़ा किस ओर खुले, अंदर क्या रखें और किन बातों से बचें।

नवविवाहित जोड़े के घर का वास्तु: अपना पहला घर कैसे सजाएँवास्तु टिप्स

नवविवाहित जोड़े के घर का वास्तु: अपना पहला घर कैसे सजाएँ

साथ में अपना पहला घर बसा रहे हैं? नवविवाहित जोड़े के लिए आसान वास्तु: बेडरूम, बिस्तर और आईने, रंग, रसोई, मंदिर और गर्मजोशी भरी शुरुआत के छोटे रीति-रिवाज़।

घर में बेहतर संवाद के लिए वास्तु: उत्तर-पश्चिम ज़ोनवास्तु टिप्स

घर में बेहतर संवाद के लिए वास्तु: उत्तर-पश्चिम ज़ोन

उत्तर-पश्चिम वास्तु में वायु, गति और जुड़ाव का ज़ोन है। जानिए उत्तर-पश्चिम ज़ोन का वास्तु साफ़ बातचीत, बेहतर रिश्तों और मददगार लोगों से जुड़ाव में कैसे सहायक हो सकता है।

घर से काम करने वाले बिज़नेस मालिकों के लिए वास्तुवास्तु टिप्स

घर से काम करने वाले बिज़नेस मालिकों के लिए वास्तु

खाली कमरे, डाइनिंग टेबल या बेडरूम के एक कोने से बिज़नेस चला रहे हैं? अपने वर्क ज़ोन, बैठने की दिशा, कैश, स्टॉक और क्लाइंट मीटिंग के लिए घर से बिज़नेस का व्यावहारिक वास्तु।

कर्ज़ के तनाव के लिए वास्तु: घर के व्यावहारिक उपायवास्तु टिप्स

कर्ज़ के तनाव के लिए वास्तु: घर के व्यावहारिक उपाय

लोन और EMI का बोझ भारी लग रहा है? कर्ज़ के तनाव में वास्तु का हल्का सहारा: घर का माहौल शांत करें, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम को मज़बूत करें, और घर के उपायों के साथ पैसों से जुड़े व्यावहारिक कदम भी उठाएँ।

परिवार में सुकून और कम झगड़ों के लिए वास्तुवास्तु टिप्स

परिवार में सुकून और कम झगड़ों के लिए वास्तु

घर में अक्सर बहस होती है? परिवार की शांति के लिए सरल वास्तु: सुकून से जुड़े ज़ोन, बेडरूम और लिविंग रूम के सुझाव, रंग, क्रिस्टल और रोज़ की छोटी आदतें जो माहौल को नरम बनाती हैं।

फ़्रीलांसर और क्रिएटर के लिए वास्तु: घर पर वर्कस्पेस कैसे बनाएँवास्तु टिप्स

फ़्रीलांसर और क्रिएटर के लिए वास्तु: घर पर वर्कस्पेस कैसे बनाएँ

मुंबई के फ़्लैट के किसी कोने से काम करते हैं? डिज़ाइनर, लेखक, कंसल्टेंट और कंटेंट क्रिएटर के लिए वर्कस्पेस वास्तु के सुझाव: डेस्क की दिशा, शूटिंग कॉर्नर, तारें, पैसे और काम की सीमाएँ।

ससुराल वालों के साथ तालमेल के लिए वास्तुवास्तु टिप्स

ससुराल वालों के साथ तालमेल के लिए वास्तु

संयुक्त परिवार में रहते हैं? ससुराल वालों के साथ तालमेल के लिए सरल वास्तु सुझाव: बेडरूम की जगह, साझा जगहें, रसोई, परिवार की तस्वीरें और रोज़ की छोटी आदतें।

नौकरी में तरक्की और प्रमोशन के लिए वास्तुवास्तु टिप्स

नौकरी में तरक्की और प्रमोशन के लिए वास्तु

नौकरी में प्रमोशन और करियर की तरक्की के लिए व्यावहारिक वास्तु: काम करते समय आपकी दिशा, घर का उत्तर ज़ोन, ऑफ़िस की सीट, वर्क फ़्रॉम होम सेटअप और ध्यान टिकाने वाली सरल आदतें।

मुंबई के घरों में संयुक्त परिवार के लिए वास्तुवास्तु टिप्स

मुंबई के घरों में संयुक्त परिवार के लिए वास्तु

मुंबई के फ़्लैट में एक छत के नीचे तीन पीढ़ियाँ रहती हैं? बेडरूम, रसोई, साझा जगहों और घर के सुकून के लिए संयुक्त परिवार का व्यावहारिक वास्तु, और साथ में बिना तोड़-फोड़ वाले सरल उपाय।

घर में पालतू जानवरों के लिए वास्तु: आपका पालतू कहाँ सोए और खेलेवास्तु टिप्स

घर में पालतू जानवरों के लिए वास्तु: आपका पालतू कहाँ सोए और खेले

कुत्ते, बिल्ली, पक्षी और मछलियाँ हमारे घर और उसकी ऊर्जा, दोनों का हिस्सा हैं। उनके बिस्तर, कटोरे, एक्वेरियम और लिटर ट्रे कहाँ रखें, इसकी व्यावहारिक वास्तु गाइड, सुरक्षा को सबसे पहले रखते हुए।

प्रॉपर्टी निवेश के फ़ैसलों के लिए वास्तुवास्तु टिप्स

प्रॉपर्टी निवेश के फ़ैसलों के लिए वास्तु

निवेश के लिए फ़्लैट, दुकान या प्लॉट ख़रीद रहे हैं? क़ानूनी, आर्थिक और लोकेशन की जाँच के साथ प्रॉपर्टी निवेश के फ़ैसले में वास्तु को सोच-समझकर जोड़े गए एक और पहलू की तरह कैसे इस्तेमाल करें, यहाँ जानें।

बिज़नेस में नुकसान के लिए वास्तु उपायवास्तु टिप्स

बिज़नेस में नुकसान के लिए वास्तु उपाय

मेहनत के बावजूद नुकसान हो रहा है? जब बिज़नेस बार-बार अटकता है तो वास्तु क्या देखता है, प्रवेश द्वार और कैश लॉकर से लेकर उत्तर ज़ोन तक, साथ में व्यावहारिक उपाय।

वास्तु के अनुसार सोने की सबसे अच्छी दिशावास्तु टिप्स

वास्तु के अनुसार सोने की सबसे अच्छी दिशा

सोते समय सिर किस तरफ होना चाहिए? बड़ों, विद्यार्थियों, बच्चों और पति-पत्नी के लिए सोने की दिशा पर वास्तु की सलाह, और तब क्या करें जब आपके बेडरूम का नक्शा साथ न दे।

घर से नकारात्मक ऊर्जा कैसे हटाएँ: वास्तु और हीलिंग के आसान उपायवास्तु टिप्स

घर से नकारात्मक ऊर्जा कैसे हटाएँ: वास्तु और हीलिंग के आसान उपाय

क्या आपका घर भारी, तनाव भरा या अटका हुआ-सा लगता है? नकारात्मक ऊर्जा हटाने के आसान और व्यावहारिक तरीके: साफ़-सफ़ाई, रोशनी, नमक, ध्वनि, ख़ुशबू, क्रिस्टल और रेकी, और कब वास्तु जाँच करवाना फ़ायदेमंद है।

करियर के अवसरों के लिए उत्तर ज़ोन का वास्तुवास्तु टिप्स

करियर के अवसरों के लिए उत्तर ज़ोन का वास्तु

वास्तु में उत्तर कुबेर की दिशा है, यानी अवसर, आमदनी और करियर में तरक्की का ज़ोन। घर और काम की जगह पर इसे खुला और रोशन कैसे रखें, ताकि यह आपके काम आए।

शादी में देरी के लिए वास्तु: सहायक उपायवास्तु टिप्स

शादी में देरी के लिए वास्तु: सहायक उपाय

सही रिश्ते का इंतज़ार पूरे परिवार के लिए तनाव भरा लग सकता है। शादी में देरी हो रही हो तो वास्तु का हल्का सहारा: दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम ज़ोन, बेडरूम की टिप्स और आसान उपाय।

वैवाहिक जीवन में सामंजस्य के लिए वास्तु: दक्षिण-पश्चिम और उससे आगेवास्तु टिप्स

वैवाहिक जीवन में सामंजस्य के लिए वास्तु: दक्षिण-पश्चिम और उससे आगे

खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए वास्तु दक्षिण-पश्चिम, बेडरूम, आईने, रंग और जोड़े वाले प्रतीकों के साथ उन रोज़ की आदतों को भी देखता है, जो पति-पत्नी को करीब और स्थिर महसूस कराती हैं।

पैसे के लिए वास्तु: धन और बचत से जुड़े ज़ोनवास्तु टिप्स

पैसे के लिए वास्तु: धन और बचत से जुड़े ज़ोन

घर में पैसे के मामलों के लिए वास्तु कहाँ देखता है? आमदनी के लिए उत्तर, पैसे के प्रबंधन के लिए दक्षिण-पूर्व, बचत के लिए दक्षिण-पश्चिम, और वे आसान आदतें जो इन ज़ोन को ठीक रखती हैं।

टैरो

डेथ, द टावर और द डेविल: टैरो के डरावने कार्ड का असली मतलबटैरो

डेथ, द टावर और द डेविल: टैरो के डरावने कार्ड का असली मतलब

तीन टैरो कार्ड देखकर लोग सहम जाते हैं: डेथ, द टावर और द डेविल। जानिए हर कार्ड सीधा और उलटा आने पर क्या कहता है, ये इतने डरावने क्यों लगते हैं, और कौन-सी बात एक ज़िम्मेदार रीडर कभी नहीं कहेगा।

हाँ या ना टैरो: यह ईमानदारी से क्या बता सकता हैटैरो

हाँ या ना टैरो: यह ईमानदारी से क्या बता सकता है

एक कार्ड वाला "हाँ या ना" टैरो सबसे ज़्यादा खोजा जाने वाला तरीका है और सबसे कम काम का। जानिए क्यों, बंद सवाल को ऐसे सवाल में कैसे बदलें जिसे कार्ड अच्छे से संभाल सकें, और क्या कभी नहीं पूछना चाहिए।

आने वाले साल के लिए टैरो रीडिंग: असल में क्या पूछेंटैरो

आने वाले साल के लिए टैरो रीडिंग: असल में क्या पूछें

आने वाले साल की रीडिंग नवंबर और दिसंबर में बुक होती हैं। किन सवालों से कुछ काम का निकलता है, किनसे सत्र बेकार चला जाता है, और बारह पत्तों का साल का स्प्रेड क्या बता सकता है और क्या नहीं।

टैरो रीडिंग कितनी बार करवानी चाहिए?टैरो

टैरो रीडिंग कितनी बार करवानी चाहिए?

ज़्यादातर रीडर जितना बताएँगे, उससे कम। एक ही सवाल बार-बार पूछने से रीडिंग क्यों बिगड़ती है, स्पष्टता चाहने और तसल्ली चाहने में फ़र्क़ कैसे पहचानें, और एक ठीक-ठाक लय कैसी होती है।

अपने लिए टैरो पढ़ना या किसी और से पढ़वानाटैरो

अपने लिए टैरो पढ़ना या किसी और से पढ़वाना

अपने लिए कार्ड पढ़ना सीखने लायक है, पर उसमें एक ख़ास कमज़ोरी है। यह किसमें अच्छा काम करता है, कहाँ गड़बड़ होती है, और किन सवालों पर बाहर के रीडर की फ़ीस वसूल होती है।

टैरो या ज्योतिष: आपके सवाल का जवाब कौन देता है?टैरो

टैरो या ज्योतिष: आपके सवाल का जवाब कौन देता है?

दोनों से एक जैसे सवाल पूछे जाते हैं, पर दोनों का काम करने का तरीक़ा बिल्कुल अलग है।

सेल्टिक क्रॉस स्प्रेड: दस पोज़िशन का मतलबटैरो

सेल्टिक क्रॉस स्प्रेड: दस पोज़िशन का मतलब

सबसे पुराना और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला टैरो लेआउट, पोज़िशन दर पोज़िशन। दसों में से हर जगह क्या पूछती है, क्रॉस और स्टाफ़ का काम अलग-अलग क्यों है, और दस कार्ड का स्प्रेड कब गलत चुनाव होता है।

दो विकल्पों वाला स्प्रेड: अटके हुए फ़ैसले की रीडिंगटैरो

दो विकल्पों वाला स्प्रेड: अटके हुए फ़ैसले की रीडिंग

रुकें या शिफ़्ट हो जाएँ, यह नौकरी या वह, अभी बोलें या इंतज़ार करें। ऑप्शन स्प्रेड कैसे बिछाया जाता है, हर पोज़िशन क्या पूछती है, यह क्यों नहीं बताता कि कौन-सा चुनें, और सवाल कैसे पूछें कि रीडिंग काम की हो।

आपकी पहली टैरो रीडिंग में असल में क्या होता हैटैरो

आपकी पहली टैरो रीडिंग में असल में क्या होता है

पहली रीडिंग बुक करने में घबराहट हो रही है? सेशन शुरू से आख़िर तक कैसा होता है, कार्ड कौन फेंटता है, आपसे क्या पूछा जाता है, कोई डरावना कार्ड आ जाए तो क्या होता है, और किन बातों को बताना ज़रूरी नहीं है।

NRI के लिए ऑनलाइन टैरो रीडिंग: यह कैसे काम करती हैटैरो

NRI के लिए ऑनलाइन टैरो रीडिंग: यह कैसे काम करती है

अगर आप भारत से बाहर रहते हैं और ऐसे व्यक्ति से रीडिंग चाहते हैं जो आपके सवाल के पीछे की पारिवारिक पृष्ठभूमि समझता हो, तो वीडियो सत्र दूरी मिटा देता है। जानिए यह कैसे तय होता है और असल में क्या होता है।

भारत में ऑनलाइन टैरो रीडिंग: क्या उम्मीद रखेंटैरो

भारत में ऑनलाइन टैरो रीडिंग: क्या उम्मीद रखें

रीडर के साथ बैठने के लिए आपका किसी मेट्रो शहर में होना ज़रूरी नहीं। जानिए भारत के किसी भी शहर से ऑनलाइन सत्र कैसे बुक होता है, उसमें क्या होता है, और असली रीडिंग और बेचने के जाल में फ़र्क़ कैसे पहचानें।

भारत में टैरो रीडर कैसे चुनेंटैरो

भारत में टैरो रीडर कैसे चुनें

कोई भी खुद को टैरो रीडर कह सकता है। जानिए सोच-समझकर की गई नैतिक रीडिंग और भविष्यवाणी में फ़र्क़ कैसे पहचानें, बुक करने से पहले कौन-से सवाल पूछें, और किन संकेतों से सावधान रहें।

घर पर टैरो कार्ड देखभाल से कैसे रखेंटैरो

घर पर टैरो कार्ड देखभाल से कैसे रखें

डेक को सोच-समझकर रखा जाए तो वह ज़्यादा चलता है और इस्तेमाल में अच्छा लगता है। घर पर टैरो कार्ड लपेटने, रखने की जगह, शुद्धि और सँभालने की व्यावहारिक सलाह।

टैरो जर्नल रखना: जो सीखा उसका हिसाब कैसे रखेंटैरो

टैरो जर्नल रखना: जो सीखा उसका हिसाब कैसे रखें

जर्नल हो, तभी रीडिंग से आप सच में कुछ सीख पाते हैं। क्या लिखें, उसे दोबारा कैसे पढ़ें, और कौन-सी बातें न लिखना ही बेहतर है।

मेजर अर्काना का मतलब: 22 कार्ड आसान भाषा मेंटैरो

मेजर अर्काना का मतलब: 22 कार्ड आसान भाषा में

मेजर अर्काना के 22 कार्ड एक यात्रा की तरह पढ़े जाते हैं, द फ़ूल के पहले क़दम से द वर्ल्ड की पूर्णता तक। हर कार्ड किस ओर इशारा करता है, यह आसान भाषा में समझिए, बिना किसी भविष्यवाणी के।

रोज़ एक कार्ड टैरो: सुबह का एक आसान अभ्यासटैरो

रोज़ एक कार्ड टैरो: सुबह का एक आसान अभ्यास

हर सुबह सिर्फ़ एक कार्ड निकालना डेक को समझने का सबसे आसान और उसे इस्तेमाल करने का सबसे शांत तरीका है। जानिए यह अभ्यास कैसे शुरू करें, क्या पूछें और दिन भर कार्ड का क्या करें।

ऑनलाइन टैरो रीडिंग: क्या यह वैसे ही काम करती है?टैरो

ऑनलाइन टैरो रीडिंग: क्या यह वैसे ही काम करती है?

टैरो रीडिंग बातचीत से चलती है, इसलिए वीडियो कॉल पर भी लगभग वही सब हो सकता है जो आमने-सामने बैठकर होता है। जानिए ऑनलाइन क्या बदलता है, अपनी तरफ़ की तैयारी कैसे करें और किन बातों से सावधान रहें।

टैरो और वास्तु: दोनों साथ कैसे काम करते हैंटैरो

टैरो और वास्तु: दोनों साथ कैसे काम करते हैं

टैरो की मदद से आप किसी फ़ैसले को साफ़ देख पाते हैं; वास्तु उस जगह पर काम करता है जहाँ आप रहते और काम करते हैं। जानिए दोनों एक-दूसरे का साथ कैसे देते हैं, और क्या इन दोनों में से कोई नहीं कर सकता।

मुंबई में टैरो कार्ड रीडिंग: क्या उम्मीद रखेंटैरो

मुंबई में टैरो कार्ड रीडिंग: क्या उम्मीद रखें

मुंबई में टैरो कार्ड रीडिंग में असल में क्या होता है — तैयारी कैसे करें, कार्ड आपकी अपनी सोच का आईना कैसे बनते हैं, और ज़िम्मेदार रीडर कभी क्या नहीं करती।

बिज़नेस ओनर्स और स्टार्टअप के लिए टैरोटैरो

बिज़नेस ओनर्स और स्टार्टअप के लिए टैरो

फ़ाउंडर के सिर पर ऐसे फ़ैसले होते हैं जो उनकी जगह कोई और नहीं ले सकता। टैरो रीडिंग में सिलसिलेवार मनन के लिए एक घंटा मिलता है — भविष्यवाणी, फ़ंडिंग की सलाह या नतीजों के वादे नहीं।

घर खरीदने या नए घर में शिफ्ट होने के लिए टैरोटैरो

घर खरीदने या नए घर में शिफ्ट होने के लिए टैरो

घर खरीदना या शिफ्ट होना किसी भी परिवार के सबसे बड़े फ़ैसलों में से एक है। जानिए टैरो रीडिंग इस फ़ैसले को साफ़ सोचने में कैसे मदद कर सकती है, और वह ईमानदारी से क्या नहीं बता सकती।

करियर के फ़ैसलों के लिए टैरो: नौकरी बदलना या शुरुआत करनाटैरो

करियर के फ़ैसलों के लिए टैरो: नौकरी बदलना या शुरुआत करना

करियर के सवालों में टैरो लेने का मतलब है यह परखना कि आप क्या चाहते हैं, किस बात से बच रहे हैं और आगे किस बात का पछतावा होगा — कार्डों से यह पूछना नहीं कि ऑफ़र मिलेगा या नहीं।

प्यार और रिश्तों के लिए टैरो: भविष्यवाणी नहीं, साफ़ समझटैरो

प्यार और रिश्तों के लिए टैरो: भविष्यवाणी नहीं, साफ़ समझ

रिश्ते के सवाल पर टैरो सच में साफ़ समझ दे सकता है, बशर्ते सवाल आपके बारे में हो। जानिए क्या पूछना चाहिए, किसी भी रीडर को क्या दावा नहीं करना चाहिए, और रीडिंग का अच्छा इस्तेमाल कैसे करें।

विद्यार्थियों और परीक्षा के तनाव के लिए टैरोटैरो

विद्यार्थियों और परीक्षा के तनाव के लिए टैरो

रीडिंग से नतीजा तय नहीं होता और उसके लिए इसका इस्तेमाल कभी नहीं करना चाहिए। एक वयस्क विद्यार्थी के लिए यह साफ़ सोचने का एक घंटा है, और चिंतित माता-पिता के लिए अपने फ़ैसलों को सुलझाने की जगह।

टैरो के मिथक और सच: टैरो क्या नहीं कर सकताटैरो

टैरो के मिथक और सच: टैरो क्या नहीं कर सकता

डेथ कार्ड, शापित डेक, "क़ुदरती देन" वाले रीडर और भविष्य बताने के दावे: टैरो के सबसे ज़्यादा जमे हुए मिथक, और यह सच कि पत्तों का इस्तेमाल असल में कैसे होता है।

टैरो में कौन-से सवाल पूछें: अच्छा सवाल कैसे बनाएँटैरो

टैरो में कौन-से सवाल पूछें: अच्छा सवाल कैसे बनाएँ

रीडिंग कितनी अच्छी होगी, यह लगभग पूरी तरह सवाल पर निर्भर करता है। जानिए घबराहट भरे हाँ-या-ना वाले सवालों को खुले सवालों में कैसे बदलें, जिनसे आपको सचमुच कुछ हाथ लगे।

टैरो के चार सूट का मतलब: कप्स, वैंड्स, स्वॉर्ड्स और पेंटाकल्सटैरो

टैरो के चार सूट का मतलब: कप्स, वैंड्स, स्वॉर्ड्स और पेंटाकल्स

टैरो के चार सूट भावना, ऊर्जा, सोच और भौतिक जीवन को दिखाते हैं। जानिए हर सूट क्या बताता है, नंबर और कोर्ट कार्ड्स क्या जोड़ते हैं, और सूट के संतुलन से स्प्रेड कैसे पढ़ा जाता है।

थ्री कार्ड टैरो स्प्रेड: अतीत, वर्तमान और दिशाटैरो

थ्री कार्ड टैरो स्प्रेड: अतीत, वर्तमान और दिशा

नए सीखने वाले के लिए थ्री कार्ड स्प्रेड सबसे काम का लेआउट है। जानिए इसे कैसे बिछाएँ, भविष्यवाणी किए बिना तीसरा कार्ड कैसे पढ़ें, और इसके छह रूप जो आज़माने लायक हैं।

टैरो रीडिंग क्या है? शुरुआत करने वालों के लिए गाइडटैरो

टैरो रीडिंग क्या है? शुरुआत करने वालों के लिए गाइड

टैरो का सादी भाषा में परिचय: यह डेक कहाँ से आया, इसके 78 कार्ड कैसे बँटे हैं, रीडिंग से आपको क्या मिल सकता है, और वे बातें जो टैरो ईमानदारी से नहीं कर सकता।

अपनी पहली टैरो रीडिंग: तैयारी कैसे करेंटैरो

अपनी पहली टैरो रीडिंग: तैयारी कैसे करें

रीडिंग बुक करने में घबराहट हो रही है? जानिए सत्र में असल में क्या होता है, पूछने लायक सवाल कैसे बनाएँ, क्या नहीं पूछना है, और जो समझ में आए उसका बाद में क्या करें।

रेकी

सेल्फ़ रेकी: रोज़ की एक सरल दिनचर्यारेकी

सेल्फ़ रेकी: रोज़ की एक सरल दिनचर्या

घर पर की जा सकने वाली 10–15 मिनट की शांत सेल्फ़ रेकी दिनचर्या: कौन इसे कर सकता है, हाथ रखने की सात जगहें, दिन में इसे कब करें, लोग आमतौर पर क्या महसूस करते हैं, और इसकी सीमाएँ कहाँ हैं।

डिस्टेंस रेकी: जब आप कमरे में नहीं होते, तब सेशन कैसे चलता हैरेकी

डिस्टेंस रेकी: जब आप कमरे में नहीं होते, तब सेशन कैसे चलता है

यह उन लोगों के लिए है जो मुंबई से बाहर हैं, विदेश में हैं, घर से निकल नहीं सकते या जिनके पास समय ही नहीं है। डिस्टेंस सेशन कैसे तय होता है, आपको अपनी ओर से क्या करना है, क्या उम्मीद रखें, और यह कैसे परखें कि प्रैक्टिशनर आपसे साफ़ और सच्ची बात कर रही हैं या नहीं।

परीक्षा का तनाव: सचमुच किससे मदद मिलती है, और रेकी की जगह कहाँ हैरेकी

परीक्षा का तनाव: सचमुच किससे मदद मिलती है, और रेकी की जगह कहाँ है

बोर्ड परीक्षाएँ फ़रवरी से सिर पर होती हैं। तनाव में आए विद्यार्थी को सचमुच किससे मदद मिलती है: नींद, पढ़ाई का कोना, माता-पिता का व्यवहार। और इन सबके बीच आराम देने वाली प्रैक्टिस की छोटी-सी जगह, ईमानदारी से।

आपको असल में कितने रेकी सेशन चाहिए?रेकी

आपको असल में कितने रेकी सेशन चाहिए?

आमतौर पर उतने नहीं, जितने आपको बताए जाएँगे। पैकेज क्यों बेचे जाते हैं, पहले सेशन के बाद कैसे परखें, कब रुकना चाहिए, और वे चेतावनी के संकेत जो बताते हैं कि कोई मदद करने के बजाय आपको अपने ऊपर निर्भर बना रहा है।

इलाज के साथ रेकी: क्या सही है और क्या नहींरेकी

इलाज के साथ रेकी: क्या सही है और क्या नहीं

लोग पूछते हैं कि इलाज के दौरान, या इलाज करा रहे किसी अपने की देखभाल करते हुए, क्या रेकी सेशन लिया जा सकता है। क्या ठीक है, प्रैक्टिशनर को क्या बताना चाहिए, और कौन-से दावे सुनकर आपको वहाँ से उठ जाना चाहिए।

रेकी और नींद: क्या मदद कर सकती है और क्या नहींरेकी

रेकी और नींद: क्या मदद कर सकती है और क्या नहीं

खराब नींद सेशन बुक करने की सबसे आम वजह है। आराम देने वाली प्रैक्टिस किस काम आती है और किस काम नहीं, नींद की कौन-सी समस्याओं के लिए डॉक्टर चाहिए, और बेडरूम में सबसे पहले क्या बदलें, इसका ईमानदार ब्योरा।

रेकी सेशन में असल में कैसा लगता हैरेकी

रेकी सेशन में असल में कैसा लगता है

आपके पहुँचने से लेकर लौटने तक क्या-क्या होता है, लोग आमतौर पर क्या महसूस होना बताते हैं, ईमानदारी से क्या उम्मीद रखना ठीक है, और किन बातों को आपको हर हाल में जारी रखना चाहिए।

डिस्टेंस रेकी हीलिंग ऑनलाइन: सेशन में क्या होता हैरेकी

डिस्टेंस रेकी हीलिंग ऑनलाइन: सेशन में क्या होता है

अगर आप किसी दूसरे शहर या देश से रेकी बुक कर रहे हैं, तो सबसे पहले ये सीधे सवाल मन में आते हैं: कॉल पर क्या तय होता है, सेशन के दौरान आपको क्या करना है, और उसके बाद क्या उम्मीद रखें।

विदेश में रहने वालों के लिए रेकी: ख़ुद को स्थिर रखनारेकी

विदेश में रहने वालों के लिए रेकी: ख़ुद को स्थिर रखना

लंबी सर्दियाँ, छोटा सा फ़्लैट, दो देशों में बँटी ज़िंदगी। NRI के लिए रेकी का मक़सद आम तौर पर कोई बड़ा उलट-फेर नहीं, बस आराम और ठहराव होता है। जानिए विदेश की ज़िंदगी में इसकी जगह कहाँ बनती है।

चक्र और रेकी: सात ऊर्जा केंद्ररेकी

चक्र और रेकी: सात ऊर्जा केंद्र

सात चक्रों की सरल जानकारी: हर चक्र किससे जुड़ा माना जाता है, रेकी प्रैक्टिशनर उनके साथ कैसे काम करते हैं, और घर पर संतुलन में मदद के आसान तरीक़े।

रेकी सेशन कितनी बार लेना चाहिए?रेकी

रेकी सेशन कितनी बार लेना चाहिए?

हर हफ़्ते, हर महीने, या सिर्फ़ तब जब ज़िंदगी भारी लगे? रेकी सेशन कितनी बार लें, यह लय किन बातों से तय होती है, और सेशनों के बीच खुद का ख़याल कैसे रखें, इस पर एक व्यावहारिक नज़र।

रेकी और ध्यान: दोनों साथ कैसे काम करते हैंरेकी

रेकी और ध्यान: दोनों साथ कैसे काम करते हैं

रेकी और ध्यान अलग-अलग प्रैक्टिस हैं जो एक-दूसरे का बहुत अच्छा साथ देती हैं। दोनों में क्या फ़र्क है, घर पर इन्हें कैसे मिलाएँ और सेशन में कैसा लगता है।

गर्भावस्था में रेकी: आराम और सुरक्षारेकी

गर्भावस्था में रेकी: आराम और सुरक्षा

कई होने वाली माँएँ आराम के कोमल तरीके ढूँढ़ती हैं। गर्भावस्था में रेकी में क्या होता है, सेशन को आरामदायक और सुरक्षित कैसे रखा जाता है, और यह हमेशा आपकी प्रसव-पूर्व देखभाल के साथ ही क्यों चलती है।

बच्चों के लिए रेकी: ऊर्जा का कोमल सहारारेकी

बच्चों के लिए रेकी: ऊर्जा का कोमल सहारा

रेकी एक शांत, हल्के हाथों वाली प्रैक्टिस है जिसे कई परिवार बच्चों को आराम देने के लिए अपनाते हैं। बच्चों के लिए रेकी में क्या होता है, सेशन बच्चे के हिसाब से कैसे ढाले जाते हैं, और बच्चे की सामान्य देखभाल के साथ यह कैसे चलती है।

ऑफ़िस टीम और कार्यस्थल की ऊर्जा के लिए रेकीरेकी

ऑफ़िस टीम और कार्यस्थल की ऊर्जा के लिए रेकी

ऑफ़िस डेडलाइन, मतभेद और देर तक चलते काम का दबाव सोखता रहता है। जानिए, कार्यस्थल के लिए रेकी, यानी जगह की शुद्धि, रेकी वास्तु और टीम की कुछ आसान आदतें, ऑफ़िस का माहौल ज़्यादा शांत और फ़ोकस्ड बनाने में कैसे मदद कर सकती हैं।

नींद और रिलैक्सेशन के लिए रेकीरेकी

नींद और रिलैक्सेशन के लिए रेकी

रात को दिमाग बंद नहीं होता? जानिए नींद के लिए रेकी कैसे काम करती है, सेशन में कैसा लगता है, सोने से पहले ख़ुद करने की एक आसान प्रैक्टिस क्या है, और रेकी वास्तु बेडरूम को ज़्यादा सुकून भरा कैसे बना सकता है।

शहर की भागदौड़ में तनाव से राहत के लिए रेकीरेकी

शहर की भागदौड़ में तनाव से राहत के लिए रेकी

लंबा सफ़र, डेडलाइन और हर वक़्त बजता फ़ोन, शहर की ज़िंदगी आपको थका सकती है। जानिए तनाव के लिए रेकी कैसे काम करती है, सेशन में कैसा लगता है, और मुंबई के व्यस्त दिन में शांति लाने के आसान तरीक़े।

रेकी के लेवल 1, 2 और 3 सरल भाषा मेंरेकी

रेकी के लेवल 1, 2 और 3 सरल भाषा में

रेकी सीखने की जिज्ञासा है? रेकी के लेवल की एक सरल गाइड: लेवल 1, लेवल 2 और मास्टर लेवल में क्या सिखाया जाता है, दीक्षा (अट्यूनमेंट) का मतलब क्या है और टीचर कैसे चुनें।

रेकी के मिथक और सचरेकी

रेकी के मिथक और सच

क्या रेकी कोई धर्म है? क्या यह दवा की जगह लेती है? क्या इसमें विश्वास करना ज़रूरी है? रेकी के आम मिथकों के शांत और ईमानदार जवाब, ताकि आपको पता रहे कि इससे क्या उम्मीद रखनी है।

रेकी के सिंबल सरल भाषा मेंरेकी

रेकी के सिंबल सरल भाषा में

चो कु रेई, सेई हे की, होन शा ज़े शो नेन और दाई को म्यो सुनने में रहस्यमय लगते हैं, लेकिन इनका मक़सद सीधा है। रेकी के सिंबल और उनके मतलब की सरल भाषा में गाइड।

डिस्टेंस रेकी: दूर रहकर भी हीलिंग कैसे होती हैरेकी

डिस्टेंस रेकी: दूर रहकर भी हीलिंग कैसे होती है

क्या रेकी शहर के दूसरे सिरे तक, या दुनिया के दूसरे छोर तक भेजी जा सकती है? डिस्टेंस रेकी हीलिंग क्या है, सेशन कैसे चलता है, तैयारी कैसे करें, और यह क्या कर सकती है और क्या नहीं।

रेकी हीलिंग सेशन में क्या होता है?रेकी

रेकी हीलिंग सेशन में क्या होता है?

रेकी के बारे में जानने की उत्सुकता है, पर पता नहीं कि उसमें क्या होता है? रेकी हीलिंग सेशन पर कदम-दर-कदम नज़र: तैयारी, हीलर क्या करते हैं, आप क्या महसूस कर सकते हैं, डिस्टेंस रेकी, सेशन के बाद की देखभाल और जगहों के लिए रेकी का इस्तेमाल।

रेकी क्या है? शुरुआत करने वालों के लिए आसान गाइडरेकी

रेकी क्या है? शुरुआत करने वालों के लिए आसान गाइड

रेकी आपके लिए नई है? एक साफ़, आसान गाइड कि रेकी क्या है, सेशन में क्या होता है, आप क्या महसूस कर सकते हैं, डिस्टेंस रेकी, घरों के लिए रेकी, और यह चिकित्सा देखभाल के साथ कैसे चलती है।

रेकी हीलिंग और वास्तु को साथ अपनाने के फ़ायदेरेकी

रेकी हीलिंग और वास्तु को साथ अपनाने के फ़ायदे

कुछ जगहें शांत क्यों लगती हैं और कुछ थका क्यों देती हैं, और आराम, नींद, स्पष्टता और ज़्यादा सामंजस्य भरे घर के लिए रेकी को वास्तु शास्त्र के साथ अपनाने के फ़ायदे।

सेहत और खुशहाली

अपनों की देखभाल करने वालों के लिए एक शांत घरसेहत और खुशहाली

अपनों की देखभाल करने वालों के लिए एक शांत घर

बुज़ुर्ग माता-पिता या बीमार परिजन की देखभाल में खुद के लिए साँस लेने की फुर्सत कम ही मिलती है। देखभाल करने वाले के लिए शांत घर के कुछ सरल सुझाव: अपने प्रियजन के लिए आराम का कमरा और अपने लिए एक छोटा-सा कोना।

घबराहट और आपका माहौल: घर में शांति लाने वाले बदलावसेहत और खुशहाली

घबराहट और आपका माहौल: घर में शांति लाने वाले बदलाव

आपके आसपास का माहौल चुपचाप घबराहट को बढ़ा भी सकता है और घटा भी। शांत घर के लिए व्यावहारिक बदलाव: रोशनी, सामान का ढेर, नींद, रंग, आवाज़ और एक छोटा शांत कोना, और इन सबके साथ सही मदद।

जीवन के बड़े बदलाव: नई शुरुआत के लिए घर के छोटे अनुष्ठानसेहत और खुशहाली

जीवन के बड़े बदलाव: नई शुरुआत के लिए घर के छोटे अनुष्ठान

नई नौकरी, शादी, बच्चे का जन्म, घर बदलना, रिटायरमेंट या किसी का बिछड़ना: घर पर किए जाने वाले हल्के-फुल्के अनुष्ठान, जो एक अध्याय को विदा करने और अगले को सोच-समझकर शुरू करने में मदद करते हैं।

ब्रह्मस्थान और सुकून: घर का बीच का हिस्सा खुला रखेंसेहत और खुशहाली

ब्रह्मस्थान और सुकून: घर का बीच का हिस्सा खुला रखें

आपके घर का केंद्र वह जगह है जहां हर दिशा मिलती है। ब्रह्मस्थान का वास्तु बताता है कि यह जगह खुली और हल्की क्यों रहनी चाहिए, और छोटे फ़्लैट में इसकी देखभाल कैसे करें।

बर्नआउट से उबरना: घर और काम में अपनी ऊर्जा वापस पाएंसेहत और खुशहाली

बर्नआउट से उबरना: घर और काम में अपनी ऊर्जा वापस पाएं

घर और ऑफ़िस में हर समय थकान महसूस होती है? बर्नआउट से उबरने के सरल उपाय: आराम, सीमाएं और छोटे-छोटे वास्तु बदलाव, जिनसे आपका घर और ऑफ़िस ही आपकी ऊर्जा लौटाने में मदद करें।

दिशा के हिसाब से घर की सफ़ाई: मन की स्पष्टता के लिए वास्तुसेहत और खुशहाली

दिशा के हिसाब से घर की सफ़ाई: मन की स्पष्टता के लिए वास्तु

घर में फैला फ़ालतू सामान घर और मन, दोनों पर बोझ बनता है। यह वास्तु गाइड आपको एक-एक ज़ोन से होकर ले चलती है, उत्तर-पूर्व से घर के केंद्र तक, ताकि आप जान सकें कि शुरुआत कहाँ से करनी है और क्या-क्या हटाना है।

ज़िंदगी अटकी-सी लग रही है? घर में ऊर्जा की रुकावटें और उन्हें कैसे दूर करेंसेहत और खुशहाली

ज़िंदगी अटकी-सी लग रही है? घर में ऊर्जा की रुकावटें और उन्हें कैसे दूर करें

जब ज़िंदगी अटकी-सी लगे, तो कभी-कभी घर भी अटका-सा लगता है। वास्तु में घर की आम ऊर्जा रुकावटें, जैसे कबाड़, अँधेरे कोने, सामान से घिरा प्रवेश, टूटी चीज़ें, और उन्हें दूर करने के सहज तरीके।

ताज़ा हवा और रोशनी: स्वस्थ घर के वास्तु सिद्धांतसेहत और खुशहाली

ताज़ा हवा और रोशनी: स्वस्थ घर के वास्तु सिद्धांत

एयर प्यूरीफ़ायर आने से बहुत पहले से वास्तु में घर धूप और हवा को ध्यान में रखकर बनाए जाते थे। खिड़कियों, क्रॉस-वेंटिलेशन, रसोई, बाथरूम और मुंबई के सीलन भरे मानसून के लिए वेंटिलेशन के वास्तु सिद्धांत।

होम जिम वास्तु: कसरत कहाँ करेंसेहत और खुशहाली

होम जिम वास्तु: कसरत कहाँ करें

लिविंग रूम में ट्रेडमिल, बेड के नीचे डम्बल या बालकनी में योग? कसरत कहाँ करें, किस ओर मुँह रखें और भारी उपकरण कहाँ रखें, इसके लिए होम जिम वास्तु सुझाव।

वास्तु के अनुसार सेहत के लिए इनडोर पौधेसेहत और खुशहाली

वास्तु के अनुसार सेहत के लिए इनडोर पौधे

वास्तु के अनुसार कौन-से इनडोर पौधे स्वस्थ और शांत घर में सहायक हैं, और उन्हें कहाँ रखना चाहिए? तुलसी, मनी प्लांट, एरेका पाम और भी बहुत कुछ, देखभाल के आसान सुझावों के साथ।

अकेलापन और घर की ऊर्जा: घर को फिर से अपना-सा बनानासेहत और खुशहाली

अकेलापन और घर की ऊर्जा: घर को फिर से अपना-सा बनाना

जब घर सूना लगे, चाहे बच्चे दूर चले गए हों, किसी अपने को खोया हो, नए शहर में आए हों या अकेले रहते हों, तब वास्तु के कुछ छोटे, सहज कदम घर में फिर से गर्माहट, बसे होने का एहसास और अपनापन लाने में मदद कर सकते हैं।

मेडिटेशन कॉर्नर का वास्तु: कहाँ बैठें और क्योंसेहत और खुशहाली

मेडिटेशन कॉर्नर का वास्तु: कहाँ बैठें और क्यों

वास्तु के अनुसार घर में ध्यान कहाँ करें? उत्तर-पूर्व, पूर्व या उत्तर की ओर मुँह, और छोटे फ़्लैट में भी शांत मेडिटेशन कॉर्नर कैसे बनाएँ।

तलाक़ के बाद आगे बढ़ना: अपने घर की ऊर्जा को ताज़ा करेंसेहत और खुशहाली

तलाक़ के बाद आगे बढ़ना: अपने घर की ऊर्जा को ताज़ा करें

शादी ख़त्म होने के बाद भी घर में उसकी यादें लंबे समय तक टिकी रह सकती हैं। तलाक़ के बाद घर की ऊर्जा ताज़ा करने और घर को फिर अपना बनाने के लिए वास्तु, रेकी और स्पेस क्लीनज़िंग के कुछ सहज कदम।

भावनात्मक संतुलन के लिए रेकी: क्या कर सकती है और क्या नहींसेहत और खुशहाली

भावनात्मक संतुलन के लिए रेकी: क्या कर सकती है और क्या नहीं

भावनात्मक सुकून के लिए रेकी पर ईमानदार नज़र: सेशन में कैसा लगता है, यह आपको आराम करने और ज़्यादा स्थिर महसूस करने में कैसे मदद कर सकती है, और यह पेशेवर देखभाल के साथ क्यों चलती है, उसके बदले में नहीं।

भारतीय परंपराओं से प्रेरित घर पर सेल्फ़-केयर के तरीकेसेहत और खुशहाली

भारतीय परंपराओं से प्रेरित घर पर सेल्फ़-केयर के तरीके

भारतीय परंपराओं से रोज़ के आसान सेल्फ़-केयर के तरीके: सुबह की धूप और तेल की मालिश से लेकर दीया जलाने और शाम को शांति से आभार जताने तक, व्यस्त घरों के लिए।

बीमारी के बाद घर पर स्वास्थ्य-लाभ के लिए वास्तुसेहत और खुशहाली

बीमारी के बाद घर पर स्वास्थ्य-लाभ के लिए वास्तु

रिकवरी वाले कमरे को ज़्यादा शांत, रोशन और आराम के लायक बनाने के कोमल और व्यावहारिक वास्तु सुझाव, हमेशा डॉक्टर की सलाह के साथ, उसकी जगह कभी नहीं।

बिना तनाव वाले घर के लिए वास्तुसेहत और खुशहाली

बिना तनाव वाले घर के लिए वास्तु

घर में तनाव के लिए कोमल वास्तु: सामान हटाना, रोशनी और हवा, सोने की दिशा, एक शांत कोना, सुकून देने वाले रंग और आवाज़, यानी रोज़ की ज़िंदगी को शांत बनाने में सहायक व्यावहारिक क़दम।

गर्भावस्था में वास्तु का सहारा: एक शांत, स्नेह भरा घरसेहत और खुशहाली

गर्भावस्था में वास्तु का सहारा: एक शांत, स्नेह भरा घर

गर्भावस्था में सरल वास्तु: शांत और स्नेह भरे घर के लिए बेडरूम, सोने की दिशा, रंग और रोज़ की आदतें कैसे रखें, अपने डॉक्टर की देखभाल के साथ।

घर में बुज़ुर्ग माता-पिता के लिए वास्तु टिप्ससेहत और खुशहाली

घर में बुज़ुर्ग माता-पिता के लिए वास्तु टिप्स

घर में बुज़ुर्ग माता-पिता की देखभाल कर रहे हैं? बुज़ुर्गों के लिए सरल वास्तु: सही बेडरूम ज़ोन, सोने की दिशा, रोशनी, सुरक्षा और वे छोटी बातें जिनसे उन्हें सम्मान और सुकून महसूस होता है।

दबाव में जी रहे कामकाजी माता-पिता के लिए वास्तु टिप्ससेहत और खुशहाली

दबाव में जी रहे कामकाजी माता-पिता के लिए वास्तु टिप्स

डाइनिंग टेबल पर ऑफ़िस की कॉल, दरवाज़े पर स्कूल बैग और साँस लेने को एक कोना भी नहीं। व्यस्त कामकाजी माता-पिता के लिए घर में वर्क-लाइफ़ बैलेंस बनाने के सरल वास्तु टिप्स।

शोक और आपका घर: किसी अपने को खोने के बाद सुकून की जगह बनानासेहत और खुशहाली

शोक और आपका घर: किसी अपने को खोने के बाद सुकून की जगह बनाना

किसी अपने के जाने के बाद घर तसल्ली भी देता है और दर्द भी। शोक के दौरान अपनी जगह और अपना ख़याल रखने के कोमल, व्यावहारिक तरीके।

सदमे के बाद घर को सँभालना: अपनी जगह के लिए कोमल कदमसेहत और खुशहाली

सदमे के बाद घर को सँभालना: अपनी जगह के लिए कोमल कदम

किसी अपने को खोने, बीमारी, झगड़े या डरावनी घटना के बाद घर अलग लग सकता है। ये कोमल, बिना जल्दबाज़ी वाले कदम अपनी जगह की देखभाल में आपकी मदद करते हैं, और इस बीच आप और आपका परिवार वह सहारा लेते रहें जिसकी आपको ज़रूरत है।

बेहतर नींद के लिए वास्तु: बेडरूम के मददगार बदलावसेहत और खुशहाली

बेहतर नींद के लिए वास्तु: बेडरूम के मददगार बदलाव

ठीक से आराम नहीं मिल रहा? बेहतर नींद के लिए बेडरूम में वास्तु के हल्के-फुल्के बदलाव: सिर की दिशा, बिस्तर की जगह, शीशे, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रंग, फ़ालतू सामान और शांत दिनचर्या, और साथ में डॉक्टर की सलाह।

अच्छी सेहत के लिए वास्तु: सुकून देने वाले घर के ज़ोनसेहत और खुशहाली

अच्छी सेहत के लिए वास्तु: सुकून देने वाले घर के ज़ोन

घर के कौन-से हिस्से वास्तु में सेहत और सुकून से जुड़े हैं: उत्तर-पूर्व, केंद्र, रसोई और बेडरूम, और रोज़ की कुछ सरल आदतें, जिनसे घर का माहौल ज़्यादा सेहतमंद लगने में मदद मिलती है।

क्रिस्टल थेरेपी

क्रिस्टल ब्रेसलेट: कौन से हाथ में पहनें?क्रिस्टल थेरेपी

क्रिस्टल ब्रेसलेट: कौन से हाथ में पहनें?

क्रिस्टल ब्रेसलेट के बारे में आम सलाह है कि बायाँ हाथ लेने के लिए और दायाँ हाथ देने के लिए। यह सोच कहाँ से आई, मक़सद के हिसाब से कलाई कैसे चुनें, और देखभाल व सुरक्षा की वे बातें जो इससे ज़्यादा मायने रखती हैं।

टाइगर्स आई: मतलब, फ़ायदे और रखने की जगहक्रिस्टल थेरेपी

टाइगर्स आई: मतलब, फ़ायदे और रखने की जगह

टाइगर्स आई सुनहरे-भूरे रंग का वह पत्थर है जिसमें रोशनी की एक पट्टी चलती हुई दिखती है। जानिए यह क्या है, परंपरा में इसे किन बातों से जोड़ा जाता है, वास्तु ज़ोन के हिसाब से इसे कहाँ रखें, और नकली पत्थर कैसे पहचानें।

क्या क्रिस्टल सुरक्षित हैं? बच्चे, पालतू जानवर और ज़हरीले पत्थरक्रिस्टल थेरेपी

क्या क्रिस्टल सुरक्षित हैं? बच्चे, पालतू जानवर और ज़हरीले पत्थर

ज़्यादातर क्रिस्टल से कोई नुकसान नहीं होता। पर गिने-चुने पत्थरों में तांबा, सीसा या फ़्लोराइड होता है; इन्हें कभी पानी में न भिगोएँ, न चाटें, और न ही पहुँच में छोड़ें। और जिस पत्थर की पहचान न हो, उससे बना क्रिस्टल वॉटर सचमुच ज़हर का खतरा है, कोई किताबी बात नहीं।

दिशा के अनुसार क्रिस्टल: घर में कौन-सा पत्थर कहाँ रखेंक्रिस्टल थेरेपी

दिशा के अनुसार क्रिस्टल: घर में कौन-सा पत्थर कहाँ रखें

क्रिस्टल की ज़्यादातर सलाह यह बताकर रुक जाती है कि कोई पत्थर किस काम का है। असल में काम की बात यह है कि पत्थर घर के किस ज़ोन में रखा जाए, और यह कम्पास तय करता है, दुकान नहीं।

क्रिस्टल को शुद्ध और चार्ज कैसे करें, बिना उन्हें ख़राब किएक्रिस्टल थेरेपी

क्रिस्टल को शुद्ध और चार्ज कैसे करें, बिना उन्हें ख़राब किए

आम तरीके कौन-से हैं, कितनी बार करना सच में ज़रूरी है, और वह अहम बात जो कोई नहीं बताता: कौन-से पत्थर पानी, नमक और धूप से ख़राब हो जाते हैं, और कौन-से पानी में भिगोने के लिए सचमुच असुरक्षित हैं।

पैसे देने से पहले नकली क्रिस्टल की पहचान कैसे करेंक्रिस्टल थेरेपी

पैसे देने से पहले नकली क्रिस्टल की पहचान कैसे करें

रंगा हुआ एगेट जो किसी दुर्लभ पत्थर के नाम पर बिकता है, कांच जो क्वार्ट्ज़ बताकर बेचा जाता है, और गर्म करके बनाया गया एमेथिस्ट जो सिट्रीन कहलाता है। दुकान में की जा सकने वाली आसान जाँचें, और किस चीज़ के लिए थोड़ा ज़्यादा देना ठीक है।

कौन-सा क्रिस्टल किस लिए: शुरुआत करने वालों के लिए गाइडक्रिस्टल थेरेपी

कौन-सा क्रिस्टल किस लिए: शुरुआत करने वालों के लिए गाइड

जिन पत्थरों के बारे में लोग सबसे ज़्यादा पूछते हैं, परंपरा में हर एक को किससे जोड़ा जाता है, घर में इन्हें कहाँ रखा जाता है, ज़्यादा दाम देने से कैसे बचें, और क्रिस्टल किसके लिए नहीं हैं।

विदेश में रहते हुए क्रिस्टल कैसे चुनेंक्रिस्टल थेरेपी

विदेश में रहते हुए क्रिस्टल कैसे चुनें

आपको भारत से सूटकेस में पत्थर ले जाने की ज़रूरत नहीं है। विदेश में क्रिस्टल खरीदना आसान है, बस यह पता हो कि क्या जाँचना है, किससे बचना है, और पत्थर कहाँ रखें, इसकी सलाह दूर से कैसे मिलती है।

एमेथिस्ट: शांति और बेहतर नींद के लिएक्रिस्टल थेरेपी

एमेथिस्ट: शांति और बेहतर नींद के लिए

एमेथिस्ट को शांति का पत्थर कहा जाता है। जानिए इसके फायदे, वास्तु के अनुसार बेडरूम और घर में इसे कहाँ रखें, और इसे शुद्ध करने व संभालने का तरीका।

घर और ऑफ़िस की सुरक्षा के लिए ब्लैक टूरमलीनक्रिस्टल थेरेपी

घर और ऑफ़िस की सुरक्षा के लिए ब्लैक टूरमलीन

ब्लैक टूरमलीन को रक्षक क्रिस्टल क्यों कहा जाता है, इसे मुख्य द्वार, डेस्क और भारी कोनों में कहां रखें, इसकी शुद्धि कैसे करें, और यह क्या कर सकता है और क्या नहीं।

समृद्धि के लिए सिट्रीन: इसे कहाँ रखेंक्रिस्टल थेरेपी

समृद्धि के लिए सिट्रीन: इसे कहाँ रखें

सिट्रीन को व्यापारी का पत्थर कहा जाता है। जानिए घर, ऑफ़िस और कैश काउंटर पर वास्तु के अनुसार सिट्रीन कहाँ रखें, कहाँ न रखें, और उसकी देखभाल कैसे करें।

वास्तु में क्रिस्टल ट्री और क्रिस्टल बॉलक्रिस्टल थेरेपी

वास्तु में क्रिस्टल ट्री और क्रिस्टल बॉल

क्रिस्टल ट्री और क्रिस्टल बॉल लोकप्रिय गिफ़्ट और सजावट की चीज़ें हैं। जानिए क्रिस्टल ट्री वास्तु कैसे काम करता है, कौन-सा क्रिस्टल किस ज़ोन के लिए ठीक है, उसे कैसे शुद्ध करें और कहाँ रखने से बचें।

ऑफ़िस डेस्क के लिए क्रिस्टलक्रिस्टल थेरेपी

ऑफ़िस डेस्क के लिए क्रिस्टल

सोच-समझकर चुना गया एक क्रिस्टल भी डेस्क पर ज़्यादा शांति और मक़सद का एहसास ला सकता है। ऑफ़िस डेस्क के लिए क्रिस्टल की व्यावहारिक गाइड: कौन-से क्रिस्टल, कहाँ रखें और उनकी देखभाल कैसे करें।

करियर और भाग्य के लिए ग्रीन एवेंचुरीनक्रिस्टल थेरेपी

करियर और भाग्य के लिए ग्रीन एवेंचुरीन

ग्रीन एवेंचुरीन को अवसर का पत्थर कहा जाता है। करियर, पढ़ाई और नई शुरुआत के लिए इसके फायदे, और वास्तु के अनुसार इसे घर या ऑफ़िस में कहाँ रखें।

असली क्रिस्टल कैसे चुनेंक्रिस्टल थेरेपी

असली क्रिस्टल कैसे चुनें

क्वार्ट्ज़ बताकर बेचा गया काँच, रंगा हुआ एगेट और हीट-ट्रीटेड सिट्रीन आम बातें हैं। जानिए असली क्रिस्टल की पहचान कैसे करें, विक्रेता से कौन-से सवाल पूछें और उनकी देखभाल कैसे करें।

क्रिस्टल को शुद्ध और चार्ज कैसे करेंक्रिस्टल थेरेपी

क्रिस्टल को शुद्ध और चार्ज कैसे करें

क्रिस्टल को सुरक्षित तरीके से शुद्ध और चार्ज करने की साफ़ गाइड: धूप, चाँदनी, नमक, साउंड, धुआँ और रेकी, किन क्रिस्टल को ख़ास ध्यान चाहिए, और यह कितनी बार करें।

पैसे और बिज़नेस के लिए पाइराइट: कहाँ रखेंक्रिस्टल थेरेपी

पैसे और बिज़नेस के लिए पाइराइट: कहाँ रखें

पाइराइट की सुनहरी चमक ने इसे घर, दुकान और ऑफ़िस के लिए समृद्धि का लोकप्रिय क्रिस्टल बना दिया है। पाइराइट कहाँ रखें, उसे सुरक्षित तरीके से कैसे शुद्ध करें और वास्तु के साथ कैसे इस्तेमाल करें।

जगह और दूसरे क्रिस्टल की शुद्धि के लिए सेलेनाइटक्रिस्टल थेरेपी

जगह और दूसरे क्रिस्टल की शुद्धि के लिए सेलेनाइट

सेलेनाइट को 'द क्लींज़र' कहा जाता है। यह नरम, चमकदार क्रिस्टल कमरों को शुद्ध करने और दूसरे क्रिस्टल को तरोताज़ा करने के काम आता है। जानिए इसके फ़ायदे, वास्तु में इसे रखने की जगह, और देखभाल का वह एक नियम जो सबको पता होना चाहिए: इसे सूखा रखें।

क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक): मतलब, फ़ायदे और घर में सही जगहक्रिस्टल थेरेपी

क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक): मतलब, फ़ायदे और घर में सही जगह

क्लियर क्वार्ट्ज़ को अक्सर मास्टर क्रिस्टल कहा जाता है। जानिए यह किसका प्रतीक है, एकाग्रता और साफ़ सोच के लिए इसके पारंपरिक फ़ायदे, घर या ऑफ़िस में इसे कहाँ रखें, और इसे कैसे शुद्ध करें व सँभालें।

प्रेम और रिश्तों के लिए रोज़ क्वार्ट्ज़क्रिस्टल थेरेपी

प्रेम और रिश्तों के लिए रोज़ क्वार्ट्ज़

रोज़ क्वार्ट्ज़ को प्रेम का पत्थर कहा जाता है। जोड़ों, परिवारों और ख़ुद से प्यार के लिए इसके परंपरागत लाभ, साथ ही इसे कहाँ रखें, कैसे शुद्ध करें और वास्तु के साथ कैसे इस्तेमाल करें।

घर में कौन-सा क्रिस्टल कहाँ रखें: कमरे-दर-कमरे गाइडक्रिस्टल थेरेपी

घर में कौन-सा क्रिस्टल कहाँ रखें: कमरे-दर-कमरे गाइड

क्लियर क्वार्ट्ज़, रोज़ क्वार्ट्ज़, एमेथिस्ट, सिट्रीन, ब्लैक टूरमलीन, पाइराइट, ग्रीन एवेंचुरीन या सेलेनाइट: कौन-सा क्रिस्टल किस कमरे और किस दिशा में रखें, और कौन-सी जगहों से बचें।

वास्तु में क्रिस्टल थेरेपी की शक्तिक्रिस्टल थेरेपी

वास्तु में क्रिस्टल थेरेपी की शक्ति

वास्तु में क्रिस्टल थेरेपी कैसे काम करती है: हर दिशा के लिए कौन-से क्रिस्टल ठीक हैं, शांति, समृद्धि और सुरक्षा के क्रिस्टल, और उन्हें सुरक्षित तरीके से कैसे शुद्ध करें, चार्ज करें और प्रोग्राम करें।

त्योहार और अनुष्ठान

मकर संक्रांति और वास्तु: सूर्य का स्वागतत्योहार और अनुष्ठान

मकर संक्रांति और वास्तु: सूर्य का स्वागत

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण की शुरुआत का उत्सव है। जानिए वास्तु में पूर्व की रोशनी को जो अहमियत दी जाती है, उससे यह त्योहार कैसे जुड़ता है, और मुंबई के घर के लिए कुछ सरल बातें।

धनतेरस: जो खरीदें, उसे कहाँ रखेंत्योहार और अनुष्ठान

धनतेरस: जो खरीदें, उसे कहाँ रखें

धनतेरस 6 नवंबर 2026 को है। लॉकर का मुँह किस दिशा में हो, सोना-चाँदी परंपरा से कहाँ रखे जाते हैं, इस दिन का असली मतलब क्या है, और जितना सोचा था उससे ज़्यादा खर्च करने के बहकावे में कैसे न आएँ।

वास्तु के अनुसार दिवाली की सफ़ाई: क्या हटाएँ और किस क्रम मेंत्योहार और अनुष्ठान

वास्तु के अनुसार दिवाली की सफ़ाई: क्या हटाएँ और किस क्रम में

दिवाली 8 नवंबर 2026 को है। यहाँ पढ़िए कि एक-एक कमरे की सफ़ाई किस क्रम में करें, परंपरा से कौन-सी चीज़ें इधर-उधर खिसकाने के बजाय घर से निकाल दी जाती हैं, और कौन-से कुछ कोने बाकी घर से ज़्यादा मायने रखते हैं।

दिवाली के उपहार: परंपरा से क्या दिया जाता है और किनसे बचा जाता हैत्योहार और अनुष्ठान

दिवाली के उपहार: परंपरा से क्या दिया जाता है और किनसे बचा जाता है

कौन-से उपहार अच्छे माने जाते हैं, किनसे कई परिवार चुपचाप बचते हैं, जिसने अभी नया घर लिया है उसे क्या दें, और जितना सोचा था उससे ज़्यादा खर्च कैसे न करें।

दिवाली की रोशनी: घर में असल में रोशनी कहाँ होनी चाहिएत्योहार और अनुष्ठान

दिवाली की रोशनी: घर में असल में रोशनी कहाँ होनी चाहिए

बात सिर्फ़ बालकनी में लाइट की झालर लटकाने की नहीं है। वास्तु के हिसाब से मुंबई के फ़्लैट के किन हिस्सों में रोशनी होनी चाहिए, कौन-से कोने आमतौर पर अँधेरे रह जाते हैं, किस दिशा में किस रंग की रोशनी ठीक रहती है, और यह सब सुरक्षित कैसे रखें।

दशहरा और कुछ नया शुरू करने का वास्तुत्योहार और अनुष्ठान

दशहरा और कुछ नया शुरू करने का वास्तु

दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को है और परंपरा से इसे शुरुआत के लिए शुभ दिन माना जाता है। क्या हटाएँ, नई ख़रीदी चीज़ कहाँ रखें, और जिस डेस्क पर आप नई शुरुआत कर रहे हैं, उसे कैसे लगाएँ।

लक्ष्मी पूजा: किस दिशा में मुँह करें और दीये कहाँ रखेंत्योहार और अनुष्ठान

लक्ष्मी पूजा: किस दिशा में मुँह करें और दीये कहाँ रखें

8 नवंबर 2026 की दिवाली के लिए: लक्ष्मी पूजा में किस दिशा में मुँह करना चाहिए, चौकी कहाँ रखें, कितने दीये जलाएँ और फ़्लैट में उन्हें परंपरा के अनुसार कहाँ रखा जाता है।

नवरात्रि वास्तु: कलश कहाँ रखें और सबसे पहले क्या हटाएँत्योहार और अनुष्ठान

नवरात्रि वास्तु: कलश कहाँ रखें और सबसे पहले क्या हटाएँ

नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर को है। घटस्थापना का कलश कहाँ रखें, किस दिशा में मुँह करें, पहले घर से क्या हटाएँ, और नौ रातें बीतने के बाद उस जगह का क्या करें।

दिवाली से पहले पूजा घर: सफ़ाई करना और सामान जमानात्योहार और अनुष्ठान

दिवाली से पहले पूजा घर: सफ़ाई करना और सामान जमाना

मंदिर कहाँ होना चाहिए, मूर्तियों का मुख किस ओर रहे, परंपरा के अनुसार उसमें से क्या-क्या हटाया जाता है, और मुंबई के जिन फ़्लैटों में अलग कमरा नहीं होता, वहाँ आम तौर पर मंदिर कैसे रखा जाता है।

दिवाली से पहले घर से निकाले सामान का क्या करेंत्योहार और अनुष्ठान

दिवाली से पहले घर से निकाले सामान का क्या करें

सामान निकालना तो आसान है। असली सवाल है उस ढेर का क्या करें: क्या किसी को दिया जा सकता है, क्या सच में फेंकना पड़ेगा, मुंबई में इलेक्ट्रॉनिक सामान और दवाइयाँ कहाँ दें, और यह ढेर दोबारा न लगे इसके लिए क्या करें।

अक्षय तृतीया: शुभ खरीदारी और वास्तुत्योहार और अनुष्ठान

अक्षय तृतीया: शुभ खरीदारी और वास्तु

अक्षय तृतीया सोना खरीदने, घर बुक करने या कुछ नया शुरू करने के सबसे लोकप्रिय दिनों में से एक है। वास्तु के अनुसार घर कैसे तैयार करें, और जो चीज़ें आप लाएँ उन्हें कहाँ रखें।

दिवाली वास्तु: सफ़ाई, रोशनी और लक्ष्मी पूजा की दिशात्योहार और अनुष्ठान

दिवाली वास्तु: सफ़ाई, रोशनी और लक्ष्मी पूजा की दिशा

घर को वास्तु के अनुसार दिवाली के लिए तैयार करें: ज़ोन के हिसाब से सफ़ाई, दीये कहाँ रखें, मुख्य द्वार पर रंगोली और तोरण, और लक्ष्मी पूजा की सही दिशा।

वास्तु के अनुसार दीये और दीपक की दिशात्योहार और अनुष्ठान

वास्तु के अनुसार दीये और दीपक की दिशा

घर में दीया कहाँ जलाएँ और उसकी लौ किस ओर रखें? रोज़ की पूजा, त्योहारों और मुख्य द्वार के लिए दीये की दिशा पर एक व्यावहारिक वास्तु गाइड, फ़्लैट के लिए सुरक्षा टिप्स के साथ।

गुढी पाडवा: नई शुरुआत और घर की ऊर्जात्योहार और अनुष्ठान

गुढी पाडवा: नई शुरुआत और घर की ऊर्जा

गुढी पाडवा मराठी नववर्ष है। घर कैसे तैयार करें, फ़्लैट में गुढी कहाँ लगाएँ, और नई ऊर्जा के स्वागत की आसान, वास्तु के अनुकूल रस्में।

घर में कलश स्थापना: अर्थ और सही जगहत्योहार और अनुष्ठान

घर में कलश स्थापना: अर्थ और सही जगह

कलश भारतीय घर के सबसे शुभ प्रतीकों में से एक है। जानें कलश स्थापना का मतलब क्या है, उसे कैसे रखें, और वास्तु के अनुसार कलश कहाँ रखना चाहिए।

घर में नवरात्रि: घटस्थापना और पूजा का वास्तुत्योहार और अनुष्ठान

घर में नवरात्रि: घटस्थापना और पूजा का वास्तु

घर में नवरात्रि मना रहे हैं? घटस्थापना का वास्तु: कलश और देवी की तस्वीर कहाँ रखें, किस दिशा में मुँह करें, अखंड ज्योत, और नौ दिन घर को पवित्र कैसे रखें।

घर में शांति के लिए शांति मंत्रत्योहार और अनुष्ठान

घर में शांति के लिए शांति मंत्र

भारतीय घरों में पीढ़ियों से शांति के लिए शांति मंत्र बोले जाते रहे हैं। घर की शांति के लिए मंत्र चुनने, उसका अर्थ जानने और जाप को परिवार की एक शांत आदत बनाने की सरल गाइड।

वास्तु के अनुसार तोरण और मुख्य द्वार की सजावटत्योहार और अनुष्ठान

वास्तु के अनुसार तोरण और मुख्य द्वार की सजावट

वास्तु के अनुसार तोरण कैसे चुनें और लगाएँ, कौन-सी सामग्री इस्तेमाल करें, उसे कब बदलें, और मुंबई के फ़्लैट और त्योहारों के लिए मुख्य द्वार सजाने के आसान आइडिया।

तुलसी का पौधा और वास्तु: सही जगह और देखभालत्योहार और अनुष्ठान

तुलसी का पौधा और वास्तु: सही जगह और देखभाल

फ़्लैट या बंगले में तुलसी का पौधा कहाँ रखें? जानिए वास्तु के अनुसार तुलसी के पौधे की सही दिशा, मुंबई की बारिश में उसकी देखभाल, और रोज़ की आसान रस्में।

घर पर गणेश चतुर्थी: वास्तु के अनुसार गणपति कहाँ रखेंत्योहार और अनुष्ठान

घर पर गणेश चतुर्थी: वास्तु के अनुसार गणपति कहाँ रखें

बप्पा को घर ला रहे हैं? वास्तु के अनुसार गणपति की सही दिशा, मुंबई के फ़्लैट में मंडप कहाँ लगाएँ, और जगह को पवित्र रखने के आसान तरीके।

वास्तु के अनुसार गृह प्रवेश के उपहारत्योहार और अनुष्ठान

वास्तु के अनुसार गृह प्रवेश के उपहार

गृह प्रवेश में बुलाए गए हैं? पौधों और पीतल के दीये से लेकर क्रिस्टल और विंड चाइम तक, वास्तु के अनुसार गृह प्रवेश के उपहारों के सोचे-समझे आइडिया, परंपरा में किन चीज़ों से बचा जाता है, और उपहार को कैसे लपेटें और दें।

वास्तु शास्त्र

रिमोट वास्तु परामर्श: फ़्लोर प्लान से यह कैसे होता हैवास्तु शास्त्र

रिमोट वास्तु परामर्श: फ़्लोर प्लान से यह कैसे होता है

अगर साइट विज़िट संभव न हो, तो वास्तु विश्लेषण फ़्लोर प्लान और फ़ोटो से भी हो सकता है। जानिए ठीक-ठीक क्या भेजना है, दिशाएँ कैसे तय होती हैं, और बदले में आपको क्या मिलता है।

दुबई, सिंगापुर और लंदन के अपार्टमेंट के लिए वास्तुवास्तु शास्त्र

दुबई, सिंगापुर और लंदन के अपार्टमेंट के लिए वास्तु

तीन शहर, तीन तरह के अपार्टमेंट, सिद्धांत एक। दुबई के टॉवर, सिंगापुर के कॉन्डोमिनियम और लंदन के फ़्लैट में क्या बदलता है, और क्या बिल्कुल वैसा ही रहता है।

विदेश में NRI घरों के लिए वास्तु: क्या लागू होता है और क्या नहींवास्तु शास्त्र

विदेश में NRI घरों के लिए वास्तु: क्या लागू होता है और क्या नहीं

क्या ओहायो के घर या मेलबर्न के फ़्लैट में भी वास्तु काम करता है? सिद्धांत लागू होते हैं, पर उनके आसपास की कुछ भारतीय आदतें नहीं। दोनों में फ़र्क कैसे करें, यहाँ पढ़ें।

आग्नेय: दक्षिण-पूर्व का अग्नि ज़ोनवास्तु शास्त्र

आग्नेय: दक्षिण-पूर्व का अग्नि ज़ोन

दक्षिण-पूर्व, यानी आग्नेय कोण, वास्तु में अग्नि, ऊर्जा और पोषण का ज़ोन है। यहाँ क्या रखना चाहिए, किन चीज़ों को दूर रखना चाहिए, और फ़्लैट का दक्षिण-पूर्व ठीक न हो तो आसान उपाय क्या हैं।

वास्तु के आम भ्रम और उनकी सच्चाईवास्तु शास्त्र

वास्तु के आम भ्रम और उनकी सच्चाई

दक्षिण मुखी घर अशुभ होते हैं, वास्तु का मतलब तोड़-फोड़ है, शीशे हमेशा खतरनाक हैं, ऐसी बातें कितनी सही हैं? वास्तु के आम भ्रम शांति से समझिए, और जानिए कि परंपरा असल में क्या कहती है।

वास्तु सलाहकार कम्पास का इस्तेमाल कैसे करता हैवास्तु शास्त्र

वास्तु सलाहकार कम्पास का इस्तेमाल कैसे करता है

वास्तु का हर विश्लेषण दिशा से शुरू होता है। जानिए वास्तु कम्पास रीडिंग कैसे ली जाती है, मुंबई के फ़्लैट्स में रीडिंग क्यों गड़बड़ा सकती है, और सलाहकार उससे ज़ोन का नक्शा कैसे बनाता है।

ईशान्य कोण: उत्तर-पूर्व का पवित्र कोनावास्तु शास्त्र

ईशान्य कोण: उत्तर-पूर्व का पवित्र कोना

वास्तु में उत्तर-पूर्व, यानी ईशान्य कोण, सबसे पवित्र ज़ोन क्यों माना जाता है: इसके देवता और तत्व, यहाँ क्या होना चाहिए, किससे बचना चाहिए, और फ़्लैट में उत्तर-पूर्व का दोष हो तो क्या उपाय करें।

मयमतम् और मानसार: वास्तु के शास्त्रीय ग्रंथवास्तु शास्त्र

मयमतम् और मानसार: वास्तु के शास्त्रीय ग्रंथ

मयमतम्, मानसार और विश्वकर्मा प्रकाश वास्तु शास्त्र की उन शास्त्रीय किताबों में हैं जिन्होंने भारतीय वास्तुकला को आकार दिया। इनमें क्या है, आज इन्हें कैसे पढ़ें, और इनके विचार मुंबई के आधुनिक फ़्लैट तक कैसे पहुँचते हैं।

नैऋत्य कोण वास्तु: दक्षिण-पश्चिम का स्थिरता ज़ोनवास्तु शास्त्र

नैऋत्य कोण वास्तु: दक्षिण-पश्चिम का स्थिरता ज़ोन

दक्षिण-पश्चिम, यानी नैऋत्य कोण, वास्तु का पृथ्वी ज़ोन है, जो स्थिरता, रिश्तों और अधिकार का आधार है। जानिए यहाँ क्या होना चाहिए, किससे बचें और फ़्लैट में इसे कैसे संतुलित करें।

पंचतत्व: वास्तु के पाँच तत्ववास्तु शास्त्र

पंचतत्व: वास्तु के पाँच तत्व

जल, अग्नि, वायु, पृथ्वी और आकाश वास्तु की नींव हैं। जानिए आपके घर में पाँचों तत्व कहाँ आते हैं और उन्हें संतुलन में कैसे रखें।

वास्तु के वे संस्कृत शब्द जो हर घर मालिक को जानने चाहिएवास्तु शास्त्र

वास्तु के वे संस्कृत शब्द जो हर घर मालिक को जानने चाहिए

ब्रह्मस्थान, ईशान्य, पद, दोष: वास्तु परामर्श में जो संस्कृत शब्द आपको सुनने को मिलेंगे, उनकी सरल भाषा में शब्दावली, और हर शब्द का आपके घर के लिए क्या मतलब है।

सोसाइटी में मंदिर: वास्तु मार्गदर्शनवास्तु शास्त्र

सोसाइटी में मंदिर: वास्तु मार्गदर्शन

अपनी हाउसिंग सोसाइटी के कंपाउंड में छोटा मंदिर बनाने की सोच रहे हैं? जानिए उसे कहाँ रखें, देवता का मुँह किस ओर हो, उसे सबके लिए खुला और अच्छी तरह सँभाला हुआ कैसे रखें, और किस चीज़ से बचें।

वास्तु के 16 ज़ोन और हर ज़ोन किस बात से जुड़ा हैवास्तु शास्त्र

वास्तु के 16 ज़ोन और हर ज़ोन किस बात से जुड़ा है

वास्तु घर को दिशाओं के 16 ज़ोन में बाँटता है, और हर ज़ोन जीवन के एक पहलू से जुड़ा माना जाता है। जानिए वास्तु के 16 ज़ोन में से हर एक किस बात से जुड़ा है और फ़्लैट में इनका इस्तेमाल कैसे करें।

वास्तु मंडल के 45 देवतावास्तु शास्त्र

वास्तु मंडल के 45 देवता

वास्तु पुरुष मंडल 45 देवताओं में बँटा है, और हर देवता आपके घर के एक हिस्से का स्वामी है। जानिए वास्तु के 45 देवताओं का सरल, व्यावहारिक परिचय और मुंबई के फ़्लैट के लिए ये आज भी क्यों मायने रखते हैं।

वास्तु में आठ दिशाएँ और उनके देवतावास्तु शास्त्र

वास्तु में आठ दिशाएँ और उनके देवता

उत्तर में कुबेर, दक्षिण-पूर्व में अग्नि, पश्चिम में वरुण: वास्तु की दिशाओं के आठ रक्षक देवताओं से मिलिए और जानिए कि आपके घर के लिए हर एक का क्या मतलब है।

वास्तु और विज्ञान: रोशनी, हवा और दिशावास्तु शास्त्र

वास्तु और विज्ञान: रोशनी, हवा और दिशा

पूर्व की ओर मुख क्यों करें, उत्तर-पूर्व खुला क्यों रखें या दक्षिण-पश्चिम में भारी दीवारें क्यों रखें? धूप, हवा, गर्मी और दिशा के सहारे वास्तु और विज्ञान के रिश्ते को समझिए, ईमानदारी से और बिना बढ़ा-चढ़ाकर कहे।

वास्तु दोष: लक्षण, कारण और प्रकारवास्तु शास्त्र

वास्तु दोष: लक्षण, कारण और प्रकार

वास्तु दोष क्या होता है, यह क्यों बनता है और इसके मुख्य प्रकार कौन-से हैं? घर का असंतुलन कैसे पहचानें और बिना तोड़-फोड़ उसे कैसे ठीक करें, इसकी शांत, बिना डराने वाली जानकारी।

वायव्य कोण वास्तु: उत्तर-पश्चिम का वायु ज़ोनवास्तु शास्त्र

वायव्य कोण वास्तु: उत्तर-पश्चिम का वायु ज़ोन

उत्तर-पश्चिम, यानी वायव्य कोण, वास्तु का वायु ज़ोन है, जिससे गति, बातचीत, दूसरों का सहयोग और रिश्ते जुड़े हैं। यहाँ क्या रखना ठीक है, किससे बचें और इसे संतुलित कैसे करें।

वास्तु पुरुष मंडल: आसान भाषा में समझिएवास्तु शास्त्र

वास्तु पुरुष मंडल: आसान भाषा में समझिए

वास्तु पुरुष मंडल वह पवित्र ग्रिड है जिस पर पूरा वास्तु शास्त्र टिका है। यह क्या है, इसके पीछे की कथा क्या है, इसके ज़ोन आपके घर पर कैसे लागू होते हैं, और आज के फ़्लैट के लिए यह अब भी क्यों मायने रखता है।

वास्तु शास्त्र क्या है? इसकी शुरुआत और मूल सिद्धांतवास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र क्या है? इसकी शुरुआत और मूल सिद्धांत

वास्तु शास्त्र का परिचय: इन शब्दों का अर्थ, यह परंपरा कहाँ से आई, पंचतत्व, आठ दिशाएँ और उनके देवता, वास्तु पुरुष मंडल, और आज के फ़्लैट में इसे कैसे अपनाया जाता है।

जेन ज़ी और बच्चे

एस्थेटिक रूम, अच्छी ऊर्जा: Gen Z बेडरूम के लिए वास्तुजेन ज़ी और बच्चे

एस्थेटिक रूम, अच्छी ऊर्जा: Gen Z बेडरूम के लिए वास्तु

फ़ेयरी लाइट्स, आईने, पौधे और डेस्क सेटअप। जानिए ऐसा एस्थेटिक कमरा कैसे बनाएँ जो वास्तु के भी अनुसार हो, सरल और कम खर्च वाले बदलावों के साथ, जो किराए के और साझा कमरों में भी चलते हैं।

बच्चों के कमरे का वास्तु: पढ़ाई में ध्यान, अच्छी नींद और आत्मविश्वासजेन ज़ी और बच्चे

बच्चों के कमरे का वास्तु: पढ़ाई में ध्यान, अच्छी नींद और आत्मविश्वास

बच्चे का कमरा वह जगह है जहाँ वह सोता है, पढ़ता है, खेलता है और सपने देखता है। बच्चों के कमरे के लिए आसान वास्तु सुझाव, जो पढ़ाई में ध्यान, गहरी नींद और सहज आत्मविश्वास में मदद करें, बिना किसी दबाव या डर के।

बदलाव से गुज़र रहे बच्चों के लिए घर में सुरक्षित जगह कैसे बनाएँजेन ज़ी और बच्चे

बदलाव से गुज़र रहे बच्चों के लिए घर में सुरक्षित जगह कैसे बनाएँ

नया घर, नया स्कूल, नया भाई-बहन या परिवार में किसी का जाना, बच्चे बदलाव को गहराई से महसूस करते हैं। वास्तु और सरल दिनचर्या की मदद से घर में बच्चों के लिए सुरक्षित जगह बनाने के नरम, व्यावहारिक तरीके।

विद्यार्थियों के लिए क्रिस्टल: स्टडी डेस्क पर एकाग्रता और याददाश्तजेन ज़ी और बच्चे

विद्यार्थियों के लिए क्रिस्टल: स्टडी डेस्क पर एकाग्रता और याददाश्त

पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए क्लियर क्वार्ट्ज़, एमेथिस्ट, फ्लोराइट और सिट्रीन लोकप्रिय क्रिस्टल हैं। विद्यार्थी इन्हें डेस्क पर कैसे इस्तेमाल करें, कैसे शुद्ध करें, और पढ़ाई की कौन-सी आदतें इनके साथ चलती हैं।

डिजिटल डिटॉक्स कॉर्नर: स्क्रीन से भरे घर में शांति कैसे लाएँजेन ज़ी और बच्चे

डिजिटल डिटॉक्स कॉर्नर: स्क्रीन से भरे घर में शांति कैसे लाएँ

आज के मुंबई के फ़्लैट में फ़ोन, लैपटॉप और टीवी शायद ही कभी बंद होते हैं। वास्तु के हिसाब से बना एक छोटा डिजिटल डिटॉक्स कॉर्नर घर के हर सदस्य को ऐसी शांत जगह देता है जहाँ स्क्रीन नहीं होती और थोड़ी देर ठहरा जा सकता है।

बच्चों में परीक्षा का तनाव: माता-पिता के लिए घर में सहायक बदलावजेन ज़ी और बच्चे

बच्चों में परीक्षा का तनाव: माता-पिता के लिए घर में सहायक बदलाव

बोर्ड परीक्षाएँ, एंट्रेंस टेस्ट और कभी न ख़त्म होने वाला रिवीज़न बच्चों पर भारी पड़ सकते हैं। माता-पिता के लिए परीक्षा के तनाव पर कुछ नरम सुझाव: पढ़ाई की ऐसी जगह जो साथ दे, अच्छी नींद और घर का शांत माहौल।

पहली नौकरी की डेस्क का वास्तु: अच्छी शुरुआत के लिए सेटअपजेन ज़ी और बच्चे

पहली नौकरी की डेस्क का वास्तु: अच्छी शुरुआत के लिए सेटअप

पहली नौकरी शुरू कर रहे हैं? चाहे क्यूबिकल मिले, हॉट डेस्क या घर पर लैपटॉप, पहली नौकरी का डेस्क वास्तु काम की ऐसी जगह बनाने में मदद करता है जहाँ ध्यान लगे, आत्मविश्वास बना रहे और शुरुआत अच्छी हो।

बच्चों को अच्छी नींद कैसे आए: बेडरूम की ऊर्जा के सुझावजेन ज़ी और बच्चे

बच्चों को अच्छी नींद कैसे आए: बेडरूम की ऊर्जा के सुझाव

बेचैन रातें, देर रात तक स्क्रीन और बिखरा कमरा, इन सबसे बच्चे को सुलाना मुश्किल हो सकता है। वास्तु से बच्चों की नींद के लिए बेडरूम के कोमल सुझाव, और शांत दिनचर्या जो पूरा परिवार अपना सकता है।

घर से दूर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल और PG रूम का वास्तुजेन ज़ी और बच्चे

घर से दूर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल और PG रूम का वास्तु

हॉस्टल या PG के कमरे में दीवारें तो नहीं हिलाई जा सकतीं, पर कहाँ बैठना है, कहाँ सोना है और सामान कहाँ रखना है, यह आप तय कर सकते हैं। घर से दूर रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल रूम वास्तु के आसान और साथ ले जाने लायक सुझाव।

मैनिफ़ेस्टेशन और वास्तु: अपनी जगह के लिए संकल्प तय करनाजेन ज़ी और बच्चे

मैनिफ़ेस्टेशन और वास्तु: अपनी जगह के लिए संकल्प तय करना

विज़न बोर्ड, अफ़र्मेशन और संकल्प को जब वास्तु का साथ मिलता है। आपके कमरे, डेस्क और लक्ष्यों के लिए मैनिफ़ेस्टेशन वास्तु की सीधी-सादी गाइड, बिना किसी बढ़ा-चढ़ाकर किए दावे के।

टीनएजर्स के लिए रेकी: शांति, फ़ोकस और भावनात्मक संतुलनजेन ज़ी और बच्चे

टीनएजर्स के लिए रेकी: शांति, फ़ोकस और भावनात्मक संतुलन

परीक्षाएँ, दोस्ती, सोशल मीडिया और बड़ी-बड़ी भावनाएँ, किशोरावस्था के साल काफ़ी भारी हो सकते हैं। जानिए रेकी टीनएजर्स को सुकून से आराम करने का मौक़ा कैसे दे सकती है, सेशन में क्या होता है, और यह बाक़ी सहारे के साथ कैसे चलती है।

कमरे की ऊर्जा का रीसेट: अपनी जगह के लिए वीकेंड क्लींज़जेन ज़ी और बच्चे

कमरे की ऊर्जा का रीसेट: अपनी जगह के लिए वीकेंड क्लींज़

कमरा अटका-अटका सा लगता है? विद्यार्थियों और युवाओं के लिए दो दिन का आसान रूम एनर्जी क्लींज़: सामान हटाना, हवा, नमक, आवाज़, डेस्क का रीसेट और ऐसा माहौल जो टिका रहे।

छोटे बच्चों के नर्सरी रूम और प्ले एरिया के लिए वास्तुजेन ज़ी और बच्चे

छोटे बच्चों के नर्सरी रूम और प्ले एरिया के लिए वास्तु

अपने नन्हे बच्चे के लिए नर्सरी या खेलने का कोना बना रहे हैं? मुंबई के छोटे घरों के लिए दिशा, पालने की जगह, रंग, खिलौनों और सुरक्षा पर नर्सरी रूम वास्तु के आसान सुझाव।

वास्तु के अनुसार विज़न बोर्ड कहाँ लगाएँजेन ज़ी और बच्चे

वास्तु के अनुसार विज़न बोर्ड कहाँ लगाएँ

साल, परीक्षा या करियर के लिए विज़न बोर्ड बनाया है? वास्तु के अनुसार उसे कहाँ टाँगें, कौन-सी दीवार किस लक्ष्य के लिए ठीक है, और क्या करें कि उसे देखकर तनाव नहीं, हौसला मिले।

एंग्ज़ायटी के लिए क्रिस्टल: विद्यार्थियों के लिए एक सच्ची गाइडजेन ज़ी और बच्चे

एंग्ज़ायटी के लिए क्रिस्टल: विद्यार्थियों के लिए एक सच्ची गाइड

एग्ज़ाम का दबाव, हॉस्टल की ज़िंदगी, खत्म न होने वाला स्क्रीन टाइम, क्या क्रिस्टल विद्यार्थियों को शांत महसूस करने में मदद कर सकते हैं? एमेथिस्ट, रोज़ क्वार्ट्ज़ और दूसरे पत्थरों को असली सहारे के साथ इस्तेमाल करने की ईमानदार, व्यावहारिक गाइड।

बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्टडी रूम का वास्तुजेन ज़ी और बच्चे

बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्टडी रूम का वास्तु

बोर्ड, JEE, NEET, CA या UPSC की तैयारी कर रहे हैं? विद्यार्थियों और माता-पिता के लिए स्टडी रूम के वास्तु की शांत, व्यावहारिक गाइड: मेज़ की दिशा, रोशनी, रंग, डिजिटल भटकाव और एक सहज दिनचर्या।

हीलिंग थेरेपी

शांत घर के लिए अरोमाथेरेपी: तेल और सुरक्षाहीलिंग थेरेपी

शांत घर के लिए अरोमाथेरेपी: तेल और सुरक्षा

घर के लिए अरोमाथेरेपी की व्यावहारिक गाइड: हर कमरे और वास्तु ज़ोन के लिए कौन-से एसेंशियल ऑयल ठीक हैं, उन्हें डिफ़्यूज़ कैसे करें, और बच्चों, पालतू जानवरों और गर्भावस्था के लिए सुरक्षा के नियम।

वास्तु में पीतल और तांबे के उपायहीलिंग थेरेपी

वास्तु में पीतल और तांबे के उपाय

तांबे की पट्टियां, पीतल के पिरामिड, घंटियां और दीये वास्तु के सबसे व्यावहारिक, बिना तोड़-फोड़ वाले उपायों में आते हैं। तांबा और पीतल कैसे इस्तेमाल होते हैं, कहां रखे जाते हैं और उनकी देखभाल कैसे करें।

अँधेरे कोनों को रोशन करना: वास्तु में लाइट थेरेपीहीलिंग थेरेपी

अँधेरे कोनों को रोशन करना: वास्तु में लाइट थेरेपी

मुंबई के हर फ़्लैट में कोई न कोई कोना ऐसा होता है जहाँ धूप कभी नहीं पहुँचती। वास्तु की लाइट थेरेपी अँधेरे कोनों को कैसे रोशन करती है, हर ज़ोन के लिए कौन-सी रोशनी ठीक रहती है, और ऊर्जा को बहता रखने की आसान आदतें।

वास्तु के अनुसार पेंटिंग और आर्टवर्कहीलिंग थेरेपी

वास्तु के अनुसार पेंटिंग और आर्टवर्क

आपकी दीवारों पर लगी तस्वीरें चुपचाप तय करती हैं कि कमरे में कैसा लगता है। घर के लिए वास्तु पेंटिंग की व्यावहारिक गाइड: किस दीवार पर कौन-सी थीम, किनसे बचें, और कला को हल्के उपाय की तरह कैसे इस्तेमाल करें।

वास्तु में पिरामिड: एक्टिवेटेड पिरामिड कैसे इस्तेमाल होते हैंहीलिंग थेरेपी

वास्तु में पिरामिड: एक्टिवेटेड पिरामिड कैसे इस्तेमाल होते हैं

पिरामिड वास्तु में दीवारें तोड़े बिना वास्तु दोषों को संतुलित करने के लिए एक्टिवेटेड पिरामिड इस्तेमाल होते हैं। ये कैसे काम करते हैं, कहाँ लगाए जाते हैं, और इस्तेमाल से पहले किन बातों का ध्यान रखें।

नकारात्मक ऊर्जा के लिए नमक के उपायहीलिंग थेरेपी

नकारात्मक ऊर्जा के लिए नमक के उपाय

नमक भारतीय घरों में शुद्धि के सबसे आसान साधनों में से एक है। जानिए नकारात्मक ऊर्जा के लिए समुद्री नमक और सेंधा नमक का इस्तेमाल सुरक्षित और सही तरीके से, बिना अंधविश्वास के कैसे करें।

कछुआ, घोड़े की नाल और दूसरे वास्तु चिह्नहीलिंग थेरेपी

कछुआ, घोड़े की नाल और दूसरे वास्तु चिह्न

धातु के कछुए का मुख किस ओर हो? क्या घोड़े की नाल वास्तु में आती है? कछुआ वास्तु दिशा के साथ तोरण, स्वस्तिक, कलश और हाथी जैसे दूसरे लोकप्रिय चिह्नों की सीधी-सरल जानकारी।

वास्तु के अनुसार वॉटर फ़ीचर और एक्वेरियमहीलिंग थेरेपी

वास्तु के अनुसार वॉटर फ़ीचर और एक्वेरियम

एक्वेरियम या टेबलटॉप फ़ाउंटेन कमरे में जान और सुकून ला सकता है, बशर्ते वह सही ज़ोन में हो। एक्वेरियम की वास्तु दिशा, वॉटर फ़ीचर और देखभाल की एक व्यावहारिक गाइड।

वास्तु में विंड चाइम: कहाँ लगाने से मदद मिलती हैहीलिंग थेरेपी

वास्तु में विंड चाइम: कहाँ लगाने से मदद मिलती है

विंड चाइम आवाज़ से जुड़ा एक सरल उपाय है, लेकिन जगह का ध्यान रखना ज़रूरी है। इस विंड चाइम वास्तु गाइड में जानिए: उत्तर-पश्चिम और पश्चिम, धातु की चाइम या लकड़ी की, किन बातों से बचें, और सोसाइटी में पड़ोसियों का ध्यान रखकर इसे कैसे लगाएँ।

वास्तु में यंत्र: अर्थ और सही जगहहीलिंग थेरेपी

वास्तु में यंत्र: अर्थ और सही जगह

यंत्र क्या हैं, वास्तु में उनका उपयोग कैसे होता है, और श्री यंत्र, वास्तु यंत्र व कुबेर यंत्र जैसे आम यंत्र श्रद्धा और सम्मान के साथ कहाँ रखें।

घर में कलर थेरेपी: दिशा के अनुसार रंग कैसे चुनेंहीलिंग थेरेपी

घर में कलर थेरेपी: दिशा के अनुसार रंग कैसे चुनें

घर में कलर थेरेपी का मतलब है हर दिशा के तत्व और हर कमरे के इस्तेमाल के हिसाब से रंग चुनना। दिशा और कमरे के अनुसार वास्तु रंगों की व्यावहारिक गाइड, वह भी बिना दोबारा पेंट कराए।

घर पर साउंड हीलिंग: घंटी, कटोरे और मंत्रहीलिंग थेरेपी

घर पर साउंड हीलिंग: घंटी, कटोरे और मंत्र

भारतीय घरों में पीढ़ियों से ध्वनि से जगह को तरोताज़ा किया जाता रहा है। घंटी, सिंगिंग बाउल, शंख, ताली और मंत्र से घर पर साउंड हीलिंग की आसान गाइड।

गाइड

अलग-अलग टाइम ज़ोन में ऑनलाइन सेशन का समय कैसे चुनेंगाइड

अलग-अलग टाइम ज़ोन में ऑनलाइन सेशन का समय कैसे चुनें

दुबई, लंदन, सिंगापुर या न्यू जर्सी से भारत में ऑनलाइन परामर्श बुक करने में ज़्यादातर तो समय का जोड़-घटाव है, और थोड़ी अपनी आदतों की समझ। ऐसा स्लॉट कैसे चुनें जो दोनों तरफ सही बैठे।

ऑनलाइन परामर्श की तैयारी कैसे करें: एक चेकलिस्टगाइड

ऑनलाइन परामर्श की तैयारी कैसे करें: एक चेकलिस्ट

बीस मिनट की तैयारी से ऑनलाइन सेशन का फ़ायदा काफ़ी बढ़ जाता है। आपने कोई भी सेवा बुक की हो, यहाँ देखें कि क्या जुटाना है, क्या लिखकर रखना है और कमरा कैसे तैयार करना है।

मुंबई में वास्तु सलाहकार कैसे चुनें: एक व्यावहारिक चेकलिस्टगाइड

मुंबई में वास्तु सलाहकार कैसे चुनें: एक व्यावहारिक चेकलिस्ट

मुंबई में सबसे अच्छा वास्तु सलाहकार ढूँढ रहे हैं? यह चेकलिस्ट इस्तेमाल करें: योग्यता, प्रक्रिया, साइट पर नाप, लिखित रिपोर्ट, बिना तोड़-फोड़ के उपाय, फ़ॉलो-अप और खतरे के वे संकेत जिनसे दूर रहना चाहिए।

बिना तोड़-फोड़ के वास्तु उपाय: घर और ऑफ़िस का ढाँचा बदले बिना समाधानगाइड

बिना तोड़-फोड़ के वास्तु उपाय: घर और ऑफ़िस का ढाँचा बदले बिना समाधान

वास्तु ठीक करने के लिए दीवारें तोड़ना ज़रूरी नहीं है। बिना तोड़-फोड़ वाले उपायों की गाइड: सामान की जगह बदलना, रंग, पिरामिड, धातु की पट्टियाँ, क्रिस्टल, नमक, आवाज़, रोशनी, शीशे, सुगंध और रेकी, और वे कौन-से आम दोष ठीक करते हैं।

वास्तु बनाम फ़ेंग शुई: मुख्य अंतर आसान भाषा मेंगाइड

वास्तु बनाम फ़ेंग शुई: मुख्य अंतर आसान भाषा में

वास्तु शास्त्र और फ़ेंग शुई, दोनों का मक़सद जगह में तालमेल लाना है, लेकिन दोनों कहाँ से आए, उनके तत्व, दिशाएँ और उपाय, सब अलग हैं। यहाँ दोनों की साफ़ तुलना है, और यह भी कि दोनों को मिला देने से घर में उलझन क्यों हो सकती है।

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