रेकी · 21 अक्टूबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें
त्योहार की थकान के लिए रेकी: दिवाली के बाद आराम करें और फिर से सँभलें
हफ़्तों की सफ़ाई, खाना बनाना, मेहमाननवाज़ी और देर रातें, दिवाली ख़त्म होते ही हममें से ज़्यादातर लोगों पर इनका असर दिखने लगता है। त्योहार के बाद धीरे-धीरे सँभलने का तरीक़ा: सेल्फ़ रेकी की छोटी दिनचर्या, अच्छी नींद के लिए बेडरूम को फिर से ठीक करना, थोड़ा हल्का हफ़्ता, और वे संकेत जिन पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
लेखिका: डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबईउनकी डॉक्टरेट कंप्यूटर साइंस में है; वे मेडिकल डॉक्टर नहीं हैं।

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दिवाली के बाद लोग इतने थके हुए क्यों महसूस करते हैं?
दिवाली के बाद थकान इसलिए होती है क्योंकि त्योहार से पहले हफ़्तों तक अतिरिक्त काम चलता है: सफ़ाई, ख़रीदारी, खाना बनाना, मेहमाननवाज़ी और सफ़र, और फिर कई रातें देर तक जागना। त्योहार का जोश उतरते ही शरीर पर यह सब एक साथ असर दिखाने लगता है।
मुंबई में यह बोझ कुछ अलग ही होता है। नौकरी पर जाते-जाते फ़्लैट की पूरी सफ़ाई, छोटे-से घर में आते मेहमान, हर मुलाक़ात पर मिठाई और तली हुई चीज़ें, देर रात तक पटाखों का शोर और उसके बाद कई दिन तक धुएँ भरी हवा, यह सब मिलकर भारी पड़ता है। कई परिवारों में इसका ज़्यादातर बोझ एक-दो लोगों के कंधों पर ही होता है।
इसका एक भावनात्मक पहलू भी है। परिवार का मिलना-जुलना अपनापन भरा भी हो सकता है और थका देने वाला भी, हो सकता है इस साल किसी अपने की कमी खल रही हो, और भागदौड़ भरे त्योहार के बाद का सन्नाटा फीका लग सकता है। यह सब आम है, और ज़्यादातर लोगों के लिए कुछ दिन ठीक से आराम करने पर यह थम जाता है।
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क्या रेकी त्योहार की थकान और तनाव में मदद कर सकती है?
रेकी कई लोगों को रिलैक्स होने और गहरा आराम करने में मदद कर सकती है, और त्योहार की थकान को ज़्यादातर इसी की ज़रूरत होती है। यह एक कोमल जापानी पद्धति है, जिसमें प्रैक्टिशनर अपने हाथ एक-एक करके कुछ तय जगहों पर हल्के से रखते हैं, या उनसे थोड़ा ऊपर रखते हैं, और आप पूरे कपड़ों में लेटे या बैठे रहते हैं।
इसका विचार प्राण, यानी जीवन ऊर्जा, की भारतीय समझ के काफ़ी क़रीब है: जब यह खुलकर बहती है, तो इंसान ज़्यादा ठहरा हुआ और शांत महसूस करता है। कई लोग सत्र को बेहद सुकून भरा बताते हैं, और कुछ तो बीच में सो भी जाते हैं। कुछ लोगों को कुछ ख़ास महसूस नहीं होता, और यह भी बिल्कुल सामान्य है।
रेकी डॉक्टरी इलाज के साथ सहायक है, उसकी जगह कभी नहीं लेती। यह थकावट, बीमारी या किसी भी मानसिक स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं करती, और अगर कुछ ठीक न लगे तो जाँच टालने की वजह भी नहीं है।
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दिवाली के बाद वाले हफ़्ते के लिए सेल्फ़ रेकी की आसान दिनचर्या क्या है?
आसान दिनचर्या में हाथ रखने की चार जगहें होती हैं, हर जगह दो से तीन मिनट, यानी कुल लगभग दस मिनट; इसे एक हफ़्ते तक रोज़ एक ही समय पर करें। बिस्तर पर लेट जाएँ या आराम से बैठें, हाथों को हल्के से टिकने दें और साँस सामान्य रखें।
परंपरा के अनुसार सेल्फ़ रेकी लेवल 1 की दीक्षा (अट्यूनमेंट) के बाद की जाती है। अगर आपने दीक्षा नहीं ली है, तब भी हाथ रखने की यही जगहें आराम के लिए एक शांत दिनचर्या बन सकती हैं। सातों जगहों वाला पूरा क्रम सेल्फ़ रेकी: रोज़ की एक सरल दिनचर्या में दिया गया है।
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1. आँखें
हथेलियों को हल्का-सा कटोरी की तरह मोड़कर बंद आँखों पर रखें। कई दिनों की स्क्रीन, रोशनियों और देर रातों के बाद शुरुआत के लिए यह अच्छी जगह है।
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2. सिर का पिछला हिस्सा
दोनों हाथों से सिर के पीछे, गर्दन के ठीक ऊपर वाले हिस्से को थामें। कंधों को ढीला छोड़ दें।
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3. हृदय
दोनों हाथ सीने के बीच में सीधे टिकाएँ। आम दिनों से थोड़ा धीरे साँस लें।
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4. पेट का निचला हिस्सा
हाथ नाभि के नीचे रखें। उठने से पहले यहाँ थोड़ी ज़्यादा देर रुकें, ख़ासकर एक हफ़्ते के भारी खाने के बाद।
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त्योहार के बाद अच्छी नींद के लिए बेडरूम को फिर से कैसे ठीक करें?
त्योहार जो कुछ बेडरूम में छोड़ गया है, वह सब बाहर निकालें, चादरें धोएँ, और कमरे को फिर से अँधेरा, शांत और स्क्रीन से ख़ाली बनाएँ। दिवाली के दिनों में बेडरूम अक्सर गिफ़्ट के डिब्बों, शॉपिंग बैग, मेहमानों के गद्दे और बची हुई लाइटों का गोदाम बन जाता है।
वास्तु के अनुसार नींद सबसे आसानी से उस कमरे में आती है जो ठहरा हुआ और सुकून भरा लगे। नींद और रिलैक्सेशन के लिए रेकी वाली हमारी गाइड में सोने से पहले का अभ्यास विस्तार से बताया गया है।
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पलंग के नीचे की जगह ख़ाली करें
डिब्बे, बैग और बची हुई सजावट उठाकर स्टोररूम में या दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम की किसी अलमारी में रख दें, ताकि पलंग के नीचे की जगह ख़ाली रहे।
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फ़ेयरी लाइट्स उतार दें
बेडरूम से त्योहार की लाइटें हटा दें, या कम से कम रात में उन्हें बंद रखें। कमरे में अँधेरा रखें।
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ताज़ी चादरें, ताज़ी हवा
चादरें और तकिए के कवर धोएँ। धुएँ वाले दिनों में खिड़कियाँ बंद रखें, और हवा साफ़ होने पर कमरे में ताज़ी हवा आने दें।
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सिर दक्षिण या पूर्व की ओर
अगर मेहमानों की वजह से पलंग इधर-उधर हुए हों, तो अपना पलंग फिर से ऐसे लगाएँ कि सोते समय आपका सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रहे।
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फ़ोन पहुँच से दूर
फ़ोन कमरे के बाहर या कमरे के दूसरे छोर पर चार्ज करें। त्योहार की तस्वीरें सुबह तक इंतज़ार कर सकती हैं।
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दिवाली के बाद आराम से सँभलने वाला हफ़्ता कैसा हो?
ऐसे हफ़्ते में जल्दी सोना, सादा खाना और दिन की रोशनी हो, और त्योहार के बाद का काम सबमें बँटा हो, किसी एक पर न छोड़ा जाए। आपके पंचांग के अनुसार भाई दूज मंगलवार, 10 नवंबर या बुधवार, 11 नवंबर को है, इसलिए उसके बाद के दिन रफ़्तार धीमी करने का स्वाभाविक समय हैं।
दिवाली 2026 वास्तु कैलेंडर में बताया गया है कि घर में त्योहार को धीरे-धीरे कैसे समेटें। यहाँ बात इसकी है कि आप ख़ुद कैसे धीरे-धीरे थमें।
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बाद की सफ़ाई बाँटें
जो काम बचे हैं उनकी सूची बनाएँ, उधार लिए बर्तन लौटाने से लेकर लाइटें उतारने तक, और उन्हें आपस में बाँट लें। जिसने सबसे ज़्यादा तैयारी की, वही सबसे ज़्यादा समेटने का काम भी न करे।
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दो रातें जल्दी सोएँ
उस हफ़्ते कम से कम दो रातें ऐसी तय करें जिनमें न कोई मिलना-जुलना हो, न देर रात तक स्क्रीन, और बत्तियाँ एक तय समय पर बंद हो जाएँ।
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सादा खाना
कई दिनों की मिठाइयों और तली चीज़ों के बाद, घर का सादा खाना और पर्याप्त पानी आमतौर पर अच्छा लगता है। अगर आपको डायबिटीज़ या कोई और बीमारी है, तो अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार चलें।
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दिन की रोशनी और थोड़ी सैर
धुआँ छँटने के बाद सुबह की रोशनी में थोड़ी देर टहलने से कई लोगों को दिन भर ज़्यादा चुस्ती महसूस होती है।
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एक शांत पल
शाम को कुछ मिनट के लिए उत्तर-पूर्व में एक दीया जलाएँ और बस उसके पास चुपचाप बैठें। दिन के अंत में शांति का एक पल।
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दिवाली के बाद की थकान के लिए डॉक्टर को कब दिखाएँ?
अगर एक-दो हफ़्ते के आम आराम के बाद भी थकान न उतरे, तो डॉक्टर को दिखाएँ, और अगर इसके साथ नीचे दिया कोई भी संकेत हो, तो तुरंत दिखाएँ। रेकी, आराम और सलीक़े से रखा बेडरूम डॉक्टरी जाँच का विकल्प नहीं हैं, और कृपया डॉक्टर की सलाह के बिना कभी भी कोई दवा बंद न करें, न बदलें।
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साँस
साँस फूलना, घरघराहट, या ऐसी खाँसी जो पटाखों का धुआँ हटने के बाद भी बनी रहे, ख़ासकर अगर आपको अस्थमा या दिल या फेफड़ों की कोई बीमारी है।
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सीने में दर्द, बेहोशी या अचानक कमज़ोरी
इन्हें इमरजेंसी समझें। भारत में 112 पर कॉल करें।
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पहले से कोई बीमारी
अगर आपको डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या कोई और बीमारी है, और त्योहार की भागदौड़ में आपकी रीडिंग बिगड़ गई हैं या दवाइयों का क्रम गड़बड़ा गया है।
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नींद
अगर दो-एक हफ़्ते से ज़्यादा समय तक नींद टूटती रहे, या आप कितना भी सोएँ, उठने पर थकावट महसूस हो।
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मन
अगर मन उदास रहे, उन चीज़ों में दिलचस्पी न रहे जिनमें आमतौर पर मज़ा आता है, या ऐसे ख़याल आएँ जो आपको डराते हों।
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अगर उदासी बनी रहे तो सहारा कहाँ मिल सकता है?
किसी भरोसेमंद व्यक्ति से और किसी विशेषज्ञ से बात करें, क्योंकि त्योहार के बाद भी बनी रहने वाली उदासी को सिर्फ़ आराम नहीं, सही देखभाल चाहिए। त्योहारों में अकेलापन, किसी अपने को खोने का दुख या परिवार का तनाव उभर सकता है, और इनमें से कुछ भी आपकी कमी या नाकामी नहीं है।
अगर आपको मुश्किल हो रही है, तो कृपया किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में आप मुफ़्त Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 (या 1-800-891-4416) पर कॉल कर सकते हैं, जो 24×7 उपलब्ध है। अगर लगे कि यह थकान हफ़्तों से नहीं, महीनों से जमा हो रही है, तो बर्नआउट से उबरने पर हमारा लेख भी मदद कर सकता है।
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रेकी सत्र कब बुक करें
सत्र तब बुक करें जब अपने आप आराम करना मुश्किल लगे, जब त्योहार के बाद आप थके हुए कम और बेचैन ज़्यादा महसूस करें, या जब हफ़्तों के मेहमानों और चहल-पहल के बाद घर ही भारी-भारी लगने लगे।
डॉ. किमया पारिख-आंबेकर रेकी हीलिंग और रेकी वास्तु के सत्र अंधेरी ईस्ट, मुंबई में VastuKimaya पर और शहर भर में घरों पर जाकर देती हैं; भारत में कहीं और या विदेश में रहने वाले क्लाइंट्स के लिए डिस्टेंस रेकी की सुविधा है, जो उनके लिए भी ठीक रहती है जो छुट्टियों के बाद अभी सफ़र से लौट ही रहे हैं। सत्र शांत होते हैं, आप पूरे कपड़ों में रहते हैं, और रेकी हमेशा आपके डॉक्टर के इलाज के साथ दी जाती है, उसकी जगह कभी नहीं।
सवाल
आम सवाल
दिवाली के बाद इतनी थकान क्यों होती है?
क्योंकि त्योहार से पहले हफ़्तों तक अतिरिक्त सफ़ाई, ख़रीदारी, खाना बनाना, मेहमाननवाज़ी और देर रातें चलती हैं, और त्योहार ख़त्म होते ही शरीर पर इन सबका असर दिखने लगता है। धुएँ भरी हवा और बिगड़ी नींद इसे और बढ़ा देती हैं। ज़्यादातर लोगों के लिए कुछ दिन ठीक से आराम करने पर यह थम जाती है।
क्या रेकी तनाव और थकान में मदद कर सकती है?
कई लोगों को रेकी बहुत सुकून देने वाली लगती है, और इससे तनाव भरे दौर के बाद आराम करने में मदद मिल सकती है। यह थकावट, बीमारी या किसी भी मानसिक स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं है; यह डॉक्टरी इलाज के साथ सहायक है, उसकी जगह कभी नहीं लेती।
त्योहार की थकान उतरने में कितना समय लगता है?
आमतौर पर कुछ दिन ठीक से आराम, जल्दी सोना और सादा खाना काफ़ी होता है। अगर एक-दो हफ़्ते में थकान न उतरे, या उसके साथ साँस फूलना, सीने में दर्द या मन की उदासी हो, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
क्या दीक्षा (अट्यूनमेंट) के बिना सेल्फ़ रेकी की जा सकती है?
परंपरा के अनुसार सेल्फ़ रेकी लेवल 1 की दीक्षा के बाद की जाती है। दीक्षा के बिना भी आप हाथ रखने की यही जगहें आराम के लिए एक शांत दिनचर्या की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या दवाइयाँ चलते हुए रेकी लेना सुरक्षित है?
रेकी कोमल है, इसमें शरीर के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होती, और इसे डॉक्टरी इलाज के साथ इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपॉइंटमेंट पर जाते रहें, और अपने डॉक्टर को बताएँ कि आप रेकी ले रहे हैं। किसी भी प्रैक्टिशनर को आपसे कोई दवा बंद करने के लिए नहीं कहना चाहिए।
क्या दिवाली के बाद सफ़र के दौरान डिस्टेंस रेकी ली जा सकती है?
हाँ। डिस्टेंस रेकी पहले से तय समय पर होती है, और आप जहाँ भी हों, बस शांति से आराम करते हैं, चाहे किसी रिश्तेदार के घर हों या किसी दूसरे शहर में अपने घर लौट चुके हों।
यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?
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