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जेन ज़ी और बच्चे · 19 सितंबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें

वास्तु के अनुसार विज़न बोर्ड कहाँ लगाएँ

साल, परीक्षा या करियर के लिए विज़न बोर्ड बनाया है? वास्तु के अनुसार उसे कहाँ टाँगें, कौन-सी दीवार किस लक्ष्य के लिए ठीक है, और क्या करें कि उसे देखकर तनाव नहीं, हौसला मिले।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

वास्तु के अनुसार विज़न बोर्ड कहाँ लगाएँ

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क्या वास्तु बताता है कि विज़न बोर्ड कहाँ रखें?

पारंपरिक वास्तु में विज़न बोर्ड का ज़िक्र नहीं है, लेकिन दिशाओं और इरादों के बारे में उसके जो सिद्धांत हैं, वे इस बात पर भी सहज ही लागू हो जाते हैं कि विज़न बोर्ड कहाँ लगाया जा सकता है। हर दिशा के अपने गुण माने जाते हैं, इसलिए अपने लक्ष्य के हिसाब से दीवार चुनने पर बोर्ड का मतलब और गहरा हो जाता है।

विज़न बोर्ड विद्यार्थियों, Gen Z क्रिएटर्स और युवा प्रोफ़ेशनल्स में ख़ूब चलता है। यह आने वाले साल के लिए तस्वीरों, शब्दों और लक्ष्यों का एक कोलाज होता है। भारतीय परंपरा में इसी से मिलता-जुलता विचार पहले से है, जिसे संकल्प (दिल से लिया गया इरादा) कहते हैं। विज़न बोर्ड बस वही संकल्प है, जो तस्वीरों की शक्ल में रोज़ आपकी आँखों के सामने रहता है।

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करियर या पढ़ाई के विज़न बोर्ड के लिए कौन-सी दीवार ठीक है?

करियर, बिज़नेस या पैसों के विज़न बोर्ड के लिए उत्तर की दीवार ठीक है, और पढ़ाई, कुछ नया सीखने और ख़ुद को निखारने के लिए पूर्व की दीवार। लक्ष्यों वाले बोर्ड के लिए सबसे ज़्यादा इन्हीं दो दीवारों की सलाह दी जाती है।

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    उत्तर

    कुबेर की दिशा, जिसे अवसरों, करियर और आमदनी से जोड़ा जाता है। इंटर्नशिप, नौकरी के लक्ष्य, बिज़नेस के विचार और बचत के लक्ष्य के लिए।

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    पूर्व

    सूर्य, उगते सूरज, सीखने और जीवन-शक्ति से जुड़ी दिशा। परीक्षा, कोर्स, नए हुनर और सेहत की आदतों के लिए।

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    उत्तर-पूर्व

    स्पष्टता और आध्यात्मिकता का ज़ोन। ध्यान, मन की शांति और शुक्रगुज़ारी जैसे भीतर के लक्ष्यों के लिए। इसे हल्का और सादा रखें।

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रिश्तों, रचनात्मकता या यात्रा के लक्ष्य कहाँ लगाएँ?

रिश्तों से जुड़े लक्ष्यों के लिए दक्षिण-पश्चिम ठीक है, रचनात्मक कामों और मौज-मस्ती वाले लक्ष्यों के लिए पश्चिम, और घूमने-फिरने या लोगों से मेल-जोल वाले लक्ष्यों के लिए उत्तर-पश्चिम। ज़्यादातर लोगों का काम एक ही बोर्ड से चल जाता है, लेकिन अगर आपके लक्ष्य कई अलग-अलग तरह के हैं, तो इन दीवारों की मदद से उन्हें अलग-अलग रखा जा सकता है।

  • 01

    दक्षिण-पश्चिम

    पृथ्वी तत्व का ज़ोन, जो स्थिरता और निभाने के भाव से जुड़ा है। परिवार, दोस्ती और रिश्तों से जुड़े इरादों के लिए।

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    पश्चिम

    इसे अक्सर लाभ और काम पूरा होने से जोड़ा जाता है। रचनात्मक प्रोजेक्ट और शौक के लिए ठीक।

  • 03

    उत्तर-पश्चिम

    वायु तत्व का ज़ोन, जो गति और जुड़ाव से जुड़ा है। यात्रा की योजनाओं, नेटवर्किंग और समाज से जुड़े लक्ष्यों के लिए ठीक।

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    दक्षिण

    पहचान और प्रतिष्ठा से जुड़ी दिशा। ऐसे लक्ष्यों के लिए एक छोटा बोर्ड जो लोगों के सामने पूरे होते हैं, जैसे मंच पर कोई प्रस्तुति या कोई प्रतियोगिता।

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विज़न बोर्ड कहाँ नहीं लगाना चाहिए?

विज़न बोर्ड बाथरूम में, अलमारी के अंदर, सामान से भरे कोने में या सीधे सिरहाने के पीछे न लगाएँ। बोर्ड ऐसी जगह हो जहाँ वह दिखे, जहाँ उसका मान रहे और जहाँ शांति हो।

  • 01

    बाथरूम और टॉयलेट

    आपके इरादों की जगह यह नहीं है।

  • 02

    सिरहाने के पीछे

    वहाँ वह आपको दिखेगा नहीं, और सिर के पास ढेर सारी चीज़ों से भरा बोर्ड हो, तो रात को दिमाग़ शांत होने की जगह और चलने लग सकता है।

  • 03

    छोटे कमरे में बिस्तर के सामने

    अगर लक्ष्य देखकर आपको घबराहट होती है, तो रोज़ सुबह उठते ही और रात को सोने से ठीक पहले उन्हीं को देखना शायद ठीक न रहे। ऐसे में पढ़ाई वाली दीवार बेहतर रहती है, वहाँ बोर्ड मन पर उतना ज़ोर नहीं डालता।

  • 04

    सामान के बीच

    बोर्ड कपड़ों या किताबों के ढेर के पीछे छिप जाए, तो उसे लगाने का मक़सद ही ख़त्म हो जाता है।

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    ख़राब हो चुके बोर्ड

    फटे, फीके या उखड़ते बोर्ड बदल दें।

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वास्तु के हिसाब से ठीक विज़न बोर्ड कैसा दिखना चाहिए?

वास्तु के हिसाब से ठीक विज़न बोर्ड साफ़-सुथरा और सकारात्मक होता है, उस पर चीज़ें ठुँसी नहीं होतीं, और तस्वीरें ऐसी होती हैं जो उम्मीद जगाएँ, चिंता नहीं। अक्सर कम चीज़ें ही ज़्यादा असर करती हैं।

ऐसी तस्वीरें चुनें जो हौसला बढ़ाएँ, शब्द साफ़ रखें, और दर्जनों लक्ष्य भरने की जगह कुछ ही ऐसे लक्ष्य रखें जो आपके लिए सचमुच मायने रखते हों। दीवार के हिसाब से रंग रखें: पूर्व और उत्तर-पूर्व के बढ़त वाले बोर्ड के लिए हरे और नीले, और दक्षिण-पश्चिम के रिश्तों वाले बोर्ड के लिए पीले के गर्म शेड, पीच या मिट्टी जैसे रंग। हिंसा या उदासी की तस्वीरें न लगाएँ, और ऐसी कोई चीज़ भी नहीं जिसे देखकर आप दूसरों से अपनी तुलना करके ख़ुद को कोसने लगें।

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विद्यार्थी बिना दबाव के विज़न बोर्ड कैसे इस्तेमाल करें?

विद्यार्थी विज़न बोर्ड का इस्तेमाल बिना दबाव के कर सकते हैं, अगर उनका ध्यान सिर्फ़ अंकों या रैंक पर न रहकर मेहनत, आदतों और पढ़ाई के मज़े पर रहे। विज़न बोर्ड हौसला देने वाला लगना चाहिए, डराने वाला कभी नहीं।

सिर्फ़ प्रतिशत या रैंक लिख देने की जगह बोर्ड पर इन चीज़ों की तस्वीरें भी लगाएँ: वे विषय जो आपको पसंद हैं, वे हुनर जो आप सीखना चाहते हैं, समय पर सोने का नियम, दोस्तों के साथ बिताया समय और कोई शौक। माता-पिता बच्चों को बोर्ड बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन लक्ष्य बच्चे के अपने होने चाहिए। बोर्ड के साथ-साथ स्टडी टेबल ऐसी हो कि पढ़ते समय मुँह पूर्व या उत्तर की ओर रहे, और कमरा शांत और साफ़-सुथरा हो।

अगर परीक्षा का तनाव नींद, भूख या मूड पर असर डालने लगे, तो माता-पिता, शिक्षक या काउंसलर से बात करें। यह इस बात का संकेत है कि रफ़्तार थोड़ी धीमी करनी है, और ज़ोर नहीं लगाना है।

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विज़न बोर्ड को सक्रिय कैसे करें और ताज़ा कैसे रखें?

विज़न बोर्ड को सक्रिय करने के लिए उसे लगाते समय मन में एक साफ़ इरादा तय करें, और ताज़ा रखने के लिए उसे नियमित रूप से देखते-परखते और अपडेट करते रहें। यह तरीक़ा सीधा-सादा है और पूरी तरह आपका अपना।

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    अच्छी शुरुआत चुनें

    उसे ऐसे दिन टाँगें जो आपके लिए ख़ास हो, जैसे नया महीना, जन्मदिन या किसी त्योहार की सुबह।

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    अपना इरादा बोलें

    लक्ष्यों को एक बार शांत मन से ज़ोर से पढ़ें, इस भाव से कि वे आपके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं।

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    पास में एक क्रिस्टल रखें

    बोर्ड के नीचे डेस्क पर रखा ग्रीन एवेंचुरीन या क्लियर क्वार्ट्ज़ एकाग्रता और अवसरों में सहायक है।

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    हर महीने एक बार देखें-परखें

    जो हासिल हो गया उस पर सही का निशान लगाएँ, जो अब मायने नहीं रखता उसे हटा दें और नए लक्ष्य जोड़ें।

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वास्तु विशेषज्ञ से कब मिलें

वास्तु विशेषज्ञ से तब मिलें जब आप अपना स्टडी रूम या काम की जगह इस तरह जमाना चाहें कि मन एकाग्र रहे, या जब अच्छी आदतों के बावजूद विद्यार्थी के कमरे में बेचैनी-सी लगे। विज़न बोर्ड तो एक छोटा-सा हिस्सा है। कमरे का लेआउट उससे ज़्यादा मायने रखता है।

अंधेरी ईस्ट में VastuKimaya की डॉ. किमया पारिख-आंबेकर बच्चों के कमरों, स्टडी रूम और होम ऑफ़िस के बारे में सलाह देती हैं। इसके लिए वे मुंबई में कहीं भी साइट पर आती हैं, या फ़्लोर प्लान और फ़ोटो के ज़रिए दूर से परामर्श देती हैं। उपाय हल्के और बिना तोड़-फोड़ वाले होते हैं।

सवाल

आम सवाल

वास्तु के अनुसार विज़न बोर्ड का मुँह किस दिशा में होना चाहिए?

करियर या पैसों का विज़न बोर्ड उत्तर की दीवार पर और पढ़ाई या बढ़त का बोर्ड पूर्व की दीवार पर लगाएँ। इस तरह बोर्ड उस दिशा के गुणों से मेल खाता रहता है जिसमें वह लगा है।

क्या विज़न बोर्ड बेडरूम में रखा जा सकता है?

हाँ, आप विज़न बोर्ड बेडरूम की उत्तर या पूर्व की दीवार पर रख सकते हैं। उसे सिरहाने के पीछे न लगाएँ, और ऐसी जगह भी नहीं जहाँ सोने से पहले उसे देखकर आपको घबराहट हो।

क्या वास्तु के अनुसार डिजिटल विज़न बोर्ड ठीक है?

हाँ, फ़ोन या लैपटॉप के वॉलपेपर पर डिजिटल विज़न बोर्ड ठीक है। कई लोग अपने डेस्क की उत्तर या पूर्व की तरफ़ उसका एक छोटा प्रिंट भी रखते हैं।

मुझे अपना विज़न बोर्ड कितनी बार बदलना चाहिए?

हर महीने अपने विज़न बोर्ड को एक बार देखें-परखें, और साल में एक बार या जब भी आपके लक्ष्य बदलें, उसे पूरी तरह नया कर लें। पुराना पड़ चुका बोर्ड बेमानी हो जाता है।

जोड़े को रिश्ते का विज़न बोर्ड कहाँ लगाना चाहिए?

जोड़े का रिश्ते वाला विज़न बोर्ड दक्षिण-पश्चिम की दीवार पर ठीक रहता है, जो स्थिरता और साथ निभाने का ज़ोन है। उसे ख़ुशनुमा और सादा रखें, और उस पर वही लक्ष्य हों जो दोनों के साझा हैं।

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