Skip to content

घर का वास्तु · 8 अक्टूबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें

वास्तु के अनुसार गैस स्टोव की दिशा: कहाँ रखें और किस ओर मुँह करें

गैस स्टोव कहाँ रखें, और खाना बनाते समय किस ओर मुँह होना चाहिए? मुंबई की उन रसोइयों के लिए आसान वास्तु गाइड, जहाँ प्लेटफ़ॉर्म, सिंक और गैस लाइन पहले से तय हैं।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

वास्तु के अनुसार गैस स्टोव की दिशा: कहाँ रखें और किस ओर मुँह करें

01

वास्तु के अनुसार गैस स्टोव किस दिशा में होना चाहिए?

वास्तु के अनुसार गैस स्टोव परंपरा से रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में रखा जाता है। इस कोने को आग्नेय (दक्षिण-पूर्व) कहते हैं और यह अग्नि (अग्नि देवता) का ज़ोन है।

वास्तु हर दिशा को पंचतत्व (पाँच तत्वों) में से एक से जोड़ता है। अग्नि तत्व दक्षिण-पूर्व में है, इसलिए माना जाता है कि खाना पकाने की लौ वहाँ अपनी सही जगह पर होती है। रसोई फ़्लैट में कहीं और हो, तब भी स्टोव उसके दक्षिण-पूर्व वाले हिस्से में रखा जा सकता है।

दूसरे विकल्प के तौर पर आमतौर पर उत्तर-पश्चिम को माना जाता है। यह वायु का ज़ोन है, और हवा लौ को बढ़ाती है।

02

खाना बनाते समय मुँह किस ओर होना चाहिए?

आदर्श यह है कि खाना बनाते समय मुँह पूर्व की ओर हो। पूर्व सूर्य की दिशा है और परंपरा से सेहत और दिन की ताज़ा शुरुआत से जुड़ी मानी जाती है।

यानी स्टोव रसोई की पूर्वी दीवार से लगा हो, ताकि खाना बनाने वाला पूर्व की ओर देखे। जहाँ यह संभव न हो, वहाँ जानकारों की राय अलग-अलग है। कई जानकार उत्तर या पश्चिम की ओर मुँह करके पकाना भी ठीक मानते हैं। घंटों दक्षिण की ओर मुँह करके पकाने से परंपरा के अनुसार बचा जाता है, पर यह एक रिवाज है, चिंता की बात नहीं।

दिशा जाँचने के लिए कम्पास का इस्तेमाल करें, बिल्डर के ब्रोशर पर भरोसा न करें। हमारा मुफ़्त डायरेक्शन फ़ाइंडर बताता है कि आपका प्लेटफ़ॉर्म असल में किस ओर है।

03

सिंक और स्टोव को एक-दूसरे से दूर क्यों रखा जाता है?

सिंक और स्टोव को इसलिए दूर रखा जाता है कि वास्तु में जल और अग्नि विरोधी तत्व माने जाते हैं। माना जाता है कि दोनों को अगल-बगल रखने से रसोई में, और रसोई से पूरे घर में, टकराव पैदा होता है।

परंपरा से सिंक, वॉटर फ़िल्टर और पीने के पानी का मटका रसोई के उत्तर या उत्तर-पूर्व की ओर रखे जाते हैं, और स्टोव दक्षिण-पूर्व में रहता है। आम तौर पर दोनों के बीच दो से तीन फ़ुट की दूरी रखी जाती है।

04

तय किचन प्लेटफ़ॉर्म पर स्टोव न हट सके तो क्या करें?

अगर स्टोव हट नहीं सकता, तो जो जगह है उसी में तीन बातों पर काम किया जाता है: स्टोव प्लेटफ़ॉर्म पर कहाँ रखा है, पकाते समय मुँह किधर रहता है, और सिंक से उसकी दूरी कितनी है। मुंबई के ज़्यादातर फ़्लैट में ग्रेनाइट का प्लेटफ़ॉर्म, तय सिंक और पाइप वाला गैस पॉइंट पहले से होता है, इसलिए स्लैब तोड़ने में शायद ही कभी समझदारी होती है, और उसकी ज़रूरत भी शायद ही पड़ती है।

  • 01

    स्टोव को खिसकाएँ

    स्टोव को प्लेटफ़ॉर्म पर उसके दक्षिण-पूर्व वाले सिरे की ओर खिसकाएँ, पर उतना ही जितना गैस पाइप के हिसाब से सुरक्षित हो।

  • 02

    सही बर्नर इस्तेमाल करें

    तीन या चार बर्नर वाले हॉब पर रोज़ का ज़्यादातर खाना दक्षिण-पूर्व के सबसे पास वाले बर्नर पर बनाएँ।

  • 03

    डिवाइडर लगाएँ

    अगर सिंक स्टोव के ठीक बगल में है, तो दोनों के बीच लकड़ी का चॉपिंग बोर्ड या छोटा सिरेमिक पार्टिशन खड़ा कर दें।

  • 04

    साफ़ रखें

    हर रात बर्नर पोंछें, और कमज़ोर या असमान लौ को जल्दी ठीक करवाएँ।

05

स्टोव के लिए कौन सी जगह कैसी है?

पहली पसंद दक्षिण-पूर्व है, उत्तर-पश्चिम मान्य विकल्प है, और उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और केंद्र में परंपरा के अनुसार स्टोव नहीं रखा जाता। नीचे एक नज़र में तुलना देखिए।

  • 01

    दक्षिण-पूर्व

    अग्नि का ज़ोन। परंपरा के अनुसार स्टोव की अपनी जगह यही है।

  • 02

    उत्तर-पश्चिम

    वायु का ज़ोन। दूसरा विकल्प, जिसे ज़्यादातर लोग मानते हैं।

  • 03

    उत्तर-पूर्व

    जल का ज़ोन, जिसे हल्का और साफ़ रखा जाता है। परंपरा के अनुसार यहाँ स्टोव नहीं रखा जाता, और जगह बदली न जा सके तो उपायों से संतुलन बनाया जाता है।

  • 04

    दक्षिण-पश्चिम

    पृथ्वी का ज़ोन, जो स्थिरता से जुड़ा है। यह आमतौर पर भारी सामान रखने की जगह होती है, आग की नहीं।

  • 05

    केंद्र

    ब्रह्मस्थान (घर का केंद्र) खुला रखा जाता है, इसलिए घर के बीच में आइलैंड हॉब लगाने की सलाह नहीं दी जाती।

06

गैस स्टोव के आसपास किन बातों से बचें?

स्टोव को मुख्य द्वार की सीध में या तेज़ हवा वाली खिड़की के ठीक नीचे रखने से बचें, और पुरानी गैस फ़िटिंग को नज़रअंदाज़ न करें। इनमें से कुछ वास्तु के रिवाज हैं और कुछ सीधी सुरक्षा की बातें।

  • 01

    दरवाज़े की सीध में

    जो स्टोव मुख्य द्वार या रसोई के दरवाज़े से सीधा दिखता हो, उसे परंपरा से पर्दे या आधे पार्टिशन से ढका जाता है।

  • 02

    तेज़ हवा वाली खिड़की के नीचे

    समुद्री हवा धीमी लौ को बुझा सकती है। बर्नर के ठीक पीछे वाली खिड़की से बगल की खिड़की बेहतर रहती है।

  • 03

    पुरानी फ़िटिंग

    फटी गैस ट्यूब बदलें और रेगुलेटर की नियमित जाँच करवाएँ। सुरक्षा भी संतुलित रसोई का ही हिस्सा है।

07

वास्तु विशेषज्ञ से कब सलाह लें

वास्तु विशेषज्ञ से तब सलाह लें जब रसोई उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम में पड़ती हो, जब आप मॉड्यूलर किचन बनवा रहे हों, या फ़्लैट खरीदने से पहले उसका लेआउट जँचवाना चाहते हों। पूरी जाँच में रसोई को घर के बाकी हिस्सों के साथ देखा जाता है, अकेले नहीं। शुरुआती अंदाज़ा आप वास्तु स्कोर टूल से लगा सकते हैं।

VastuKimaya की डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अपने अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस से पूरे मुंबई में साइट पर परामर्श देती हैं, और फ़्लोर प्लान व तस्वीरों के ज़रिए दूर से भी। उपाय बिना तोड़-फोड़ के होते हैं, इसलिए प्लेटफ़ॉर्म, सिंक और गैस लाइन जहाँ हैं वहीं रहती हैं।

सवाल

आम सवाल

क्या गैस स्टोव उत्तर-पश्चिम में रखा जा सकता है?

हाँ, दक्षिण-पूर्व में जगह न हो तो गैस स्टोव के लिए उत्तर-पश्चिम दूसरा विकल्प है, जिसे आमतौर पर माना जाता है। यह वायु का ज़ोन है, और हवा आग को बढ़ाती है। लेआउट में गुंजाइश हो तो स्टोव ऐसे रखें कि खाना बनाते समय मुँह तब भी पूर्व की ओर रहे, और सिंक को बर्नर से दूर रखें।

क्या दक्षिण की ओर मुँह करके खाना बनाना गलत है?

दक्षिण की ओर मुँह करके पकाने से परंपरा के अनुसार बचा जाता है, लेकिन यह एक रिवाज है, डरने की बात नहीं। अगर आपके प्लेटफ़ॉर्म पर और कोई चारा नहीं है, तो उस जगह को रोशन, साफ़ और हवादार रखें। पूरे फ़्लैट की कम्पास रीडिंग देखने के बाद सलाहकार कोई आसान, बिना तोड़-फोड़ वाला उपाय बता सकते हैं।

क्या स्टोव और सिंक एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर हो सकते हैं?

हाँ, स्टोव और सिंक एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर हो सकते हैं, और ज़्यादातर फ़्लैट में होते भी हैं। स्लैब पर जितनी दूरी बन सके, उतनी रखें; दो से तीन फ़ुट हो तो आदर्श है। अगर दोनों बिल्कुल अगल-बगल हैं, तो बीच में लकड़ी का बोर्ड या छोटा पार्टिशन रखें ताकि जल और अग्नि देखने में अलग-अलग रहें।

गैस सिलेंडर कहाँ रखना चाहिए?

गैस सिलेंडर परंपरा से रसोई के दक्षिण-पूर्व में, स्टोव के पास रखा जाता है, क्योंकि वह अग्नि तत्व का है। दिशा चाहे जो हो, उसे हवादार जगह पर सीधा खड़ा रखें, सिंक और सीधी गर्मी से दूर, और अपने गैस सप्लायर के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

क्या इंडक्शन और माइक्रोवेव पर भी यही नियम लागू होता है?

हाँ, इंडक्शन प्लेट, ओवन और माइक्रोवेव को अग्नि के उपकरण माना जाता है और परंपरा से रसोई के दक्षिण-पूर्व या दक्षिण की ओर रखा जाता है। पाइप वाले गैस स्टोव के मुकाबले इन्हें खिसकाना आसान है, इसलिए खाना पकाने का काम अग्नि ज़ोन के पास लाने का यह एक आसान तरीका है।

यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?

मुफ़्त परामर्श बुक करें

और पढ़ें

वास्तु के अनुसार बेडरूम की दीवारों का रंग: दिशा के हिसाब से गाइडघर का वास्तु

वास्तु के अनुसार बेडरूम की दीवारों का रंग: दिशा के हिसाब से गाइड

आपके बेडरूम की दीवारों पर कौन-सा रंग जंचेगा? मुख्य बेडरूम, बच्चों के बेडरूम और गेस्ट बेडरूम के लिए दिशा के हिसाब से वास्तु गाइड, और किराए के फ़्लैट के लिए कपड़े और लैंप के आसान सुझाव, जहां दीवारें पेंट नहीं हो सकतीं।

कार पार्किंग और गैराज का वास्तु: बंगलों और सोसाइटियों के लिएघर का वास्तु

कार पार्किंग और गैराज का वास्तु: बंगलों और सोसाइटियों के लिए

गैराज कहाँ बनाएं और कार का मुँह किस ओर रखें? बंगलों के लिए कार पार्किंग का पारंपरिक वास्तु, और मुंबई की सोसाइटियों के लिए सच्ची सलाह, जहाँ पार्किंग स्लॉट आपको मिलता है, आप चुनते नहीं।

मुख्य द्वार की नेम प्लेट का वास्तु: सामग्री, ऊँचाई और रोशनीघर का वास्तु

मुख्य द्वार की नेम प्लेट का वास्तु: सामग्री, ऊँचाई और रोशनी

मेहमान आपके दरवाज़े पर सबसे पहले नेम प्लेट पढ़ता है। जानिए उसकी सामग्री, ऊँचाई, रोशनी और देखभाल के बारे में वास्तु परंपरा क्या कहती है; साथ में मुंबई के फ़्लैटों के लिए काम के सुझाव।

डॉ. किमया से पूछें

अपना नंबर दीजिए, डॉ. किमया की टीम आपको वापस कॉल करेगी। पहली कॉल मुफ़्त है।

कॉल अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी या गुजराती में हो सकती है।

Google पर 5.0 रेटिंग · 15 रिव्यू