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घर का वास्तु · 17 सितंबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें

लिविंग रूम का वास्तु: बैठने की जगह, रंग और टीवी की जगह

मुंबई के घरों के लिए लिविंग रूम वास्तु की व्यावहारिक गाइड: हॉल के लिए कौन-सी दिशा ठीक है, सोफ़ा और टीवी कहाँ रखें, कौन-से रंग अपनापन देते हैं, और लेआउट बदला न जा सके तो आसान उपाय।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

लिविंग रूम का वास्तु: बैठने की जगह, रंग और टीवी की जगह

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वास्तु के अनुसार लिविंग रूम के लिए कौन-सी दिशा आदर्श है?

लिविंग रूम के लिए उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व सबसे सहायक दिशा है, क्योंकि ये ज़ोन रोशनी, ताज़ा प्राण (जीवन-ऊर्जा) और नए अवसरों से जुड़े हैं। जिन परिवारों में मेहमान अक्सर आते हैं, उनके लिए उत्तर-पश्चिम भी अच्छा है, क्योंकि यह वायु देव, यानी वायु तत्व और गति का ज़ोन है।

मुंबई के ज़्यादातर फ़्लैटों में हॉल की जगह बिल्डर पहले से तय कर देता है, इसलिए अगर आपका हॉल कहीं और है तो चिंता न करें। वास्तु में जितना मायने रखता है कि कमरा कहाँ है, उतना ही यह भी कि आप उसे कैसे इस्तेमाल करते हैं। बैठने की जगह, रंग, रोशनी और हर कोने में आप क्या रखते हैं, ये सब एक भी दीवार तोड़े बिना लिविंग रूम को संतुलन में ला सकते हैं।

घर के दक्षिण-पश्चिम कोने को भीड़ वाली, शोर भरी बैठक की जगह बनाने से बचें, और हॉल का दक्षिण-पूर्व कोना कबाड़ रखने की जगह न बनने दें। अगर आपका हॉल इन्हीं ज़ोनों में पड़ता है, तब भी नीचे के सुझाव लागू होते हैं।

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लिविंग रूम में सोफ़ा कहाँ रखना चाहिए?

मुख्य सोफ़ा और बैठने का बाकी भारी फ़र्नीचर दक्षिण या पश्चिम की दीवारों के साथ रखें, ताकि उन पर बैठने वालों का मुँह उत्तर या पूर्व की ओर रहे। दक्षिण और पश्चिम में भारी फ़र्नीचर कमरे को जमा हुआ और स्थिर एहसास देता है, जबकि उत्तर और पूर्व हल्के और ज़्यादा खुले रहते हैं।

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    परिवार के मुखिया

    बुज़ुर्ग या मेज़बान को ऐसे बिठाएँ कि मेहमानों से बात करते समय उनका मुँह पूर्व या उत्तर की ओर रहे।

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    बीम से बचें

    सोफ़ा खुले बीम के ठीक नीचे न रखें। अगर उसे हिला न सकें तो फ़ॉल्स सीलिंग या नरम कपड़े का चंदवा मदद करता है।

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    पीछे ठोस दीवार रखें

    सोफ़ा कमरे के बीच में, दरवाज़े या रास्ते की ओर पीठ करके रखने से अच्छा है कि उसके पीछे दीवार हो। इससे ज़्यादा सहारा महसूस होता है।

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    केंद्र को खुला रखें

    ब्रह्मस्थान (केंद्र) में भारी टेबल और फ़ालतू सामान नहीं होना चाहिए। हल्का गलीचा ठीक है।

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    मेहमानों की सीटें

    हल्की कुर्सियाँ या पाउफ़ उत्तर-पश्चिम में रखे जा सकते हैं, जो आने-जाने वालों के लिए ठीक रहता है।

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वास्तु के अनुसार टीवी के लिए सही दीवार कौन-सी है?

दक्षिण-पूर्व की दीवार टीवी के लिए अच्छी जगह है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अग्नि तत्व के हैं और दक्षिण-पूर्व अग्नि देव का ज़ोन है। टीवी इस दीवार पर हो तो देखने वालों का मुँह आम तौर पर उत्तर-पश्चिम की ओर रहता है, और परिवार के साथ आराम से बैठने के लिए यह ठीक रहता है।

अगर दक्षिण-पूर्व की दीवार व्यावहारिक न हो, तो दक्षिण या पूर्व की दीवारें चल सकती हैं। टीवी को उत्तर-पूर्व कोने में न लगाने की कोशिश करें, जिसे आदर्श रूप से हल्का और शांत रखा जाता है और जहाँ फ़ालतू सामान नहीं रखा जाता। तारें सलीके से छिपाकर रखें, रात को टीवी को पूरी तरह बंद करें, और ऐसा न होने दें कि स्क्रीन में मुख्य द्वार दिखाई दे।

छोटे हॉल में जहाँ टीवी का मुँह डाइनिंग टेबल या दरवाज़े की ओर करना पड़े, वहाँ पल्ले वाली सादी अलमारी या इस्तेमाल न होने पर कपड़े का कवर स्क्रीन को कमरे पर हावी होने से रोकता है।

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वास्तु में लिविंग रूम के लिए कौन-से रंग अच्छे हैं?

लिविंग रूम के लिए हल्के, गर्म और अपनापन देने वाले रंग ठीक रहते हैं: सफ़ेद, क्रीम, ऑफ़-व्हाइट, हल्का पीला, हल्का हरा और हल्का नीला। ये रंग रोशनी को वापस फैलाते हैं, छोटे कमरों को बड़ा दिखाते हैं और आराम से बातचीत में सहायक हैं।

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    क्रीम और ऑफ़-व्हाइट

    सादे, उजले और ऐसे कि रोज़ देखकर भी अखरें नहीं। ज़्यादातर फ़्लैटों के लिए आदर्श बेस रंग।

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    हल्का पीला

    गर्माहट और समृद्धि से जुड़ा है। पूर्व या उत्तर-पूर्व की ओर की दीवार पर बहुत सुंदर लगता है।

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    हल्का हरा

    तरक्की और सुकून से जुड़ा है। उत्तर की दीवार या कुशन और पर्दों के लिए ठीक है।

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    हल्का नीला

    शांति और साफ़ बातचीत से जुड़ा है। इसे पूरे कमरे में नहीं, बस थोड़ी-सी जगह पर इस्तेमाल करें।

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लिविंग रूम में कौन-सी सजावट और तस्वीरें रखनी चाहिए?

ऐसी तस्वीरें चुनें जिनमें प्रकृति, सूर्योदय, बहता पानी, हरे-भरे नज़ारे या परिवार के खुशनुमा पल हों। युद्ध, रोते चेहरों, हमला करते जंगली जानवरों या अकेले इंसानों की तस्वीरों से बचें। हम रोज़ जो देखते हैं, उसका असर चुपचाप घर के मिज़ाज पर पड़ता है।

उत्तर-पूर्व कोने में ताज़े फूल या कोई स्वस्थ पौधा कमरे में जान डाल देता है। अगर आप पानी साफ़ रख सकें तो छोटा इनडोर फ़व्वारा या एक्वेरियम उत्तर या उत्तर-पूर्व में रखा जा सकता है। शीशे उत्तर या पूर्व की दीवारों पर ठीक रहते हैं, जहाँ वे रोशनी फैलाते हैं, और उनका मुँह मुख्य द्वार की ओर नहीं होना चाहिए। सूखे फूल, टूटे शोपीस और बंद घड़ियाँ हटा दें। परंपरा से माना जाता है कि इनमें ठहरी हुई ऊर्जा रहती है।

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मुंबई के छोटे फ़्लैट में लिविंग रूम वास्तु कैसे अपनाएँ?

छोटे 1BHK या 2BHK में सबसे पहले रोशनी, फ़ालतू सामान और बैठने की दिशा पर ध्यान दें, क्योंकि कमरे के एहसास में सबसे ज़्यादा फ़र्क यही तीन बदलाव डालते हैं। महँगे रेनोवेशन की ज़रूरत नहीं है।

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    प्रवेश की तरफ़ से सामान हटाएँ

    दरवाज़े के पास जूतों के रैक, बैग और पार्सल घर में आती ऊर्जा को शुरू में ही रोक देते हैं। उन्हें बंद अलमारी में रखें।

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    उत्तर-पूर्व को रोशन करें

    सुबह पर्दे खोल दें और शाम को इस कोने में लैंप या दीया रखें।

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    सोफ़ा-कम-बेड समझदारी से इस्तेमाल करें

    हर सुबह उसे मोड़ दें, ताकि दिन में कमरा खुला रहे।

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    एक ही एक्सेंट दीवार चुनें

    अगर दोबारा पेंट कराना संभव न हो तो कुशन, गलीचे और पर्दों से रंग लाएँ।

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    बालकनी खाली रखें

    हॉल से खुलने वाली बालकनी स्टोरेज न बने। कुछ पौधे रख दें तो वह कमरे का ही ताज़गी भरा हिस्सा लगने लगती है।

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अपने लिविंग रूम के लिए वास्तु विशेषज्ञ से कब मिलें

परामर्श के बारे में तब सोचें जब कोशिश के बावजूद लिविंग रूम भारी लगे, जब इसी जगह में बहस शुरू होती लगे, या जब आप इंटीरियर बदलने की योजना बना रहे हों और शुरू से सही करना चाहते हों। हॉल का मुख्य द्वार से भी गहरा संबंध होता है। मुख्य द्वार के लिए कम्पास से पद (उप-ज़ोन) की सही रीडिंग लेनी पड़ती है, जिसका अंदाज़ा आँखों से लगाना मुश्किल है।

VastuKimaya की डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अपने अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस से पूरे मुंबई में घरों में जाती हैं, और आपके फ़्लोर प्लान व तस्वीरों के ज़रिए दूर से भी परामर्श देती हैं। उनके उपाय बिना तोड़-फोड़ वाले होते हैं, जैसे रंग, क्रिस्टल, पिरामिड और रेकी, इसलिए वे किराए के फ़्लैट और अपने घर, दोनों के लिए ठीक हैं।

सवाल

आम सवाल

लिविंग रूम में बैठते समय हमारा मुँह किस दिशा में होना चाहिए?

वास्तु में बैठते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुँह रखना अच्छा माना जाता है। मुख्य सोफ़ा दक्षिण या पश्चिम की दीवार के साथ रखें, ताकि बातचीत के दौरान परिवार और मेज़बान का मुँह अपने आप इन्हीं दिशाओं में रहे।

क्या लिविंग रूम की उत्तर वाली दीवार पर टीवी लगा सकते हैं?

टीवी के लिए उत्तर और उत्तर-पूर्व की दीवारों से बचना बेहतर है, क्योंकि इन ज़ोनों को हल्का और शांत रखा जाता है। दक्षिण-पूर्व की दीवार बेहतर मानी जाती है, और दक्षिण या पूर्व की दीवारें भी चल सकती हैं।

क्या वास्तु के अनुसार लिविंग रूम में मछली का एक्वेरियम अच्छा है?

हाँ, लिविंग रूम के उत्तर या उत्तर-पूर्व में एक्वेरियम शुभ माना जाता है, बशर्ते पानी साफ़ रखा जाए और मछलियों की अच्छी देखभाल हो। जिस एक्वेरियम की देखभाल न हो पाए, उसे हटा देना बेहतर है।

लिविंग रूम में शीशा कहाँ लगाना चाहिए?

शीशे लिविंग रूम की उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाएँ, जहाँ वे रोशनी लौटाते हैं और जगह को खुला दिखाते हैं। ठीक मुख्य द्वार की ओर मुँह किया हुआ शीशा लगाने से बचें।

क्या किराए के फ़्लैट में लिविंग रूम वास्तु अपना सकते हैं?

हाँ। फ़र्नीचर को सही जगह रखना, पर्दे-कुशन जैसे कपड़ों से रंग लाना, पौधे, रोशनी और फ़ालतू सामान हटाना, ये सब बिना तोड़-फोड़ वाले बदलाव हैं जो आप किराए के फ़्लैट में कर सकते हैं और घर बदलने पर साथ ले जा सकते हैं।

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