Skip to content

कमर्शियल वास्तु · 17 सितंबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें

ऑफ़िस डेस्क और केबिन के लिए वास्तु: बैठने की दिशा और जगह

काम करते समय किस तरफ़ मुँह रखें, मालिक का केबिन कहाँ हो और डेस्क पर क्या रखें? ऑफ़िस डेस्क, केबिन और वर्क-फ़्रॉम-होम सेट-अप के लिए व्यावहारिक वास्तु सुझाव।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

ऑफ़िस डेस्क और केबिन के लिए वास्तु: बैठने की दिशा और जगह

01

वास्तु के अनुसार काम करते समय किस दिशा में मुँह रखना चाहिए?

काम करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुँह रखें। पूर्व को उगते सूरज, नए विचारों और बढ़त से जोड़ा जाता है, जबकि उत्तर को अवसरों, करियर और पैसे के प्रवाह से। माना जाता है कि दोनों में से किसी भी दिशा में मुँह करने से ध्यान और साफ़ फ़ैसले लेने में मदद मिलती है।

सेल्स, मार्केटिंग और क्लाइंट से मिलने वाले कामों में अक्सर उत्तर की ओर मुँह करना फ़ायदेमंद रहता है, जबकि रिसर्च, रचनात्मक और सीखने वाले काम के लिए पूर्व की ओर मुँह करना ठीक है। जहाँ तक हो सके, काम करते समय दक्षिण की ओर मुँह करने से बचें, और कमरे के मुख्य दरवाज़े की ओर पीठ करके न बैठें।

02

ऑफ़िस में मालिक का केबिन कहाँ होना चाहिए?

मालिक या डायरेक्टर का केबिन परंपरा के अनुसार ऑफ़िस के दक्षिण-पश्चिम में आदर्श माना जाता है। इस ज़ोन को स्थिरता, अधिकार और नियंत्रण से जोड़ा जाता है, जो अहम फ़ैसले लेने वाले व्यक्ति के लिए ठीक है।

  • 01

    बैठने की जगह

    डेस्क ऐसे रखें कि मालिक का मुँह उत्तर या पूर्व की ओर रहे, और कुर्सी के पीछे ठोस दीवार हो, खिड़की या दरवाज़ा नहीं।

  • 02

    मेहमानों की कुर्सियाँ

    मेहमान डेस्क के सामने बैठें, उनका मुँह दक्षिण या पश्चिम की ओर रहे।

  • 03

    केबिन का आकार

    चौकोर या आयताकार केबिन बेहतर रहता है। बेढंगे या कटे हुए कोनों से बचें।

  • 04

    सिर के ऊपर बीम नहीं

    कुर्सी को सीधे बीम के नीचे न रखें, क्योंकि माना जाता है कि इससे दबाव और तनाव बनता है।

03

मैनेजर और कर्मचारी कहाँ बैठें?

  • 01

    सीनियर मैनेजर

    ऑफ़िस के दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम हिस्से में, उत्तर या पूर्व की ओर मुँह करके।

  • 02

    सेल्स और मार्केटिंग टीम

    उत्तर-पश्चिम में, जिसे आवाजाही और संवाद से जोड़ा जाता है।

  • 03

    अकाउंट्स और फ़ाइनेंस

    दक्षिण-पूर्व या उत्तर में, और नकदी व लॉकर का मुँह उत्तर या पूर्व की ओर।

  • 04

    आम वर्कस्टेशन

    उत्तर, पूर्व या पश्चिम में, और जहाँ हो सके, स्टाफ़ का मुँह उत्तर या पूर्व की ओर।

  • 05

    कॉन्फ़्रेंस रूम

    ऑफ़िस के उत्तर-पश्चिम या पश्चिम में।

04

वास्तु के अनुसार ऑफ़िस डेस्क पर क्या रखना चाहिए?

अपनी डेस्क साफ़, व्यवस्थित और सामान के ढेर से ख़ाली रखें, क्योंकि पुरानी फ़ाइलों के ढेर और टूटी स्टेशनरी को नए अवसरों में रुकावट माना जाता है। सोच-समझकर रखी गई कुछ चीज़ें काफ़ी हैं।

  • 01

    इलेक्ट्रॉनिक सामान

    कंप्यूटर, प्रिंटर और फ़ोन डेस्क के दक्षिण-पूर्व हिस्से में रखें, जिसे अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है।

  • 02

    फ़ाइलें और बचा हुआ काम

    डेस्क के दक्षिण या पश्चिम की ओर रखें, और उन्हें नियमित रूप से निपटाते रहें।

  • 03

    पानी या छोटा पौधा

    डेस्क के उत्तर-पूर्व हिस्से में एक गिलास पानी या एक छोटा स्वस्थ पौधा रखें।

  • 04

    क्रिस्टल

    कारोबार में भरोसे और पैसे के प्रवाह के लिए पाइराइट, या ध्यान और अवसरों के लिए ग्रीन एवेंचुरीन। क्लियर क्वार्ट्ज़ स्पष्टता में सहायक हो सकता है।

  • 05

    स्टेशनरी

    पेन और नोटपैड डेस्क के उत्तर या पूर्व हिस्से में, वहाँ रखें जहाँ हाथ आसानी से पहुँचे।

05

अपनी डेस्क पर किन चीज़ों से बचना चाहिए?

ऐसी हर चीज़ से बचें जिससे काम करते समय आप असुरक्षित, तंग या भटके हुए महसूस करें। इनमें से ज़्यादातर बैठने की जगह में थोड़ा बदलाव करके या जल्दी सफ़ाई करके ठीक की जा सकती हैं, और ये साझा ओपन-प्लान ऑफ़िस में भी उतनी ही मायने रखती हैं जितनी निजी केबिन में।

  • बीम के नीचे बैठना, या ऐसी जगह बैठना जहाँ ठीक पीछे खिड़की या खुला रास्ता हो
  • टूटे उपकरण, सूखे पौधे, पुराने अख़बार और काम में न आने वाली फ़ाइलें
  • फ़र्नीचर के नुकीले कोने जो आपकी सीट की ओर निकले हों
  • दरवाज़े की ओर पीठ करके बैठना, जहाँ लोग बिना दिखे पास आ जाते हैं
  • डेस्क की सतह या सामने की दीवार पर गहरे, भारी रंग

06

ऑफ़िस केबिन के लिए कौन-से रंग और रोशनी ठीक रहते हैं?

ज़्यादातर केबिनों के लिए हल्के और शांत रंग ठीक रहते हैं: सफ़ेद, क्रीम, हल्का पीला, हल्का हरा या नरम नीला। बेज और हल्का भूरा जैसे मिट्टी के रंग दक्षिण-पश्चिम के केबिन में अच्छे लगते हैं, जहाँ स्थिरता मायने रखती है। जिस दीवार की ओर आपका मुँह है, उस पर बहुत गहरे या तीखे रंगों से बचें।

अच्छी रोशनी भी उतनी ही ज़रूरी है। जहाँ हो सके, उत्तर और पूर्व से प्राकृतिक रोशनी आने दें, स्क्रीन पर चमक से बचें और सिर्फ़ एक डेस्क लैंप के भरोसे रहने की जगह पूरा केबिन अच्छी तरह रोशन रखें।

ओपन-प्लान ऑफ़िस में जहाँ आप दीवार का रंग नहीं चुन सकते, वहाँ डेस्क मैट, पिन बोर्ड, फ़ाइलों या डेस्क अथवा पार्टीशन पर रखी किसी छोटी कलाकृति के ज़रिए सही रंग लाएँ।

07

वर्क-फ़्रॉम-होम डेस्क पर वास्तु कैसे लागू करें?

वर्क-फ़्रॉम-होम डेस्क के लिए ऐसा कोना चुनें जहाँ आप पूर्व या उत्तर की ओर मुँह कर सकें और पीछे दीवार हो। मुंबई के फ़्लैट में यह लिविंग रूम का कोई कोना, स्टडी, या बेडरूम का पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम हिस्सा हो सकता है। काम की जगह को बिस्तर से अलग रखें।

बिस्तर पर बैठकर काम न करें, हर दिन के अंत में डेस्क साफ़ कर दें, और लैपटॉप व चार्जर डेस्क के दक्षिण-पूर्व हिस्से में रखें। अगर वीडियो कॉल की वजह से आपको दूसरी तरफ़ मुँह करना पड़े, तो कैमरा ऐसे लगाएँ कि जहाँ हो सके, आपकी बैठने की दिशा फिर भी पूर्व या उत्तर की ओर रहे। ध्यान लगाने के बारे में और जानने के लिए हमारी स्टडी रूम वास्तु गाइड देखें।

08

विशेषज्ञ से कब मिलें

विशेषज्ञ से तब मिलें जब आप नया ऑफ़िस शुरू कर रहे हों, किराए की कमर्शियल जगह में जा रहे हों, या सही योजना के बावजूद कारोबार में बार-बार रुकावटें आ रही हों। VastuKimaya की डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, अंधेरी ईस्ट, मुंबई, पूरे मुंबई में ऑफ़िस और केबिन का साइट पर आकर आकलन करती हैं, जिनमें अंधेरी, पवई, गोरेगाँव, वर्ली और साउथ मुंबई शामिल हैं, और फ़्लोर प्लान व तस्वीरों से दूर बैठे भी। उनके उपाय बिना तोड़-फोड़ वाले हैं, इसलिए किराए के ऑफ़िस के लिए ठीक रहते हैं। हमारे ऑफ़िस वास्तु और कमर्शियल वास्तु पेज देखें।

सवाल

आम सवाल

वास्तु के अनुसार ऑफ़िस में मुझे किस दिशा में मुँह करना चाहिए?

काम करते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुँह रखें। मालिक या डायरेक्टर की डेस्क परंपरा के अनुसार ऑफ़िस के दक्षिण-पश्चिम में रखी जाती है, ताकि उनका मुँह उत्तर या पूर्व की ओर रहे और कुर्सी के पीछे ठोस दीवार हो।

क्या ऑफ़िस में खिड़की की ओर पीठ करके बैठा जा सकता है?

सहारे के लिए कुर्सी के पीछे ठोस दीवार होना बेहतर है। अगर खिड़की से बचा न जा सके, तो ऊँची पीठ वाली कुर्सी या ब्लाइंड को आधा बंद रखना मदद कर सकता है।

ऑफ़िस डेस्क के लिए कौन-सा क्रिस्टल अच्छा है?

पाइराइट आम तौर पर कारोबार में भरोसे और पैसे के प्रवाह के लिए, और ग्रीन एवेंचुरीन ध्यान और अवसरों के लिए इस्तेमाल होता है। क्लियर क्वार्ट्ज़ स्पष्टता में सहायक हो सकता है।

ऑफ़िस में कैश लॉकर कहाँ होना चाहिए?

नकदी और ज़रूरी दस्तावेज़ साफ़, व्यवस्थित जगह पर रखें जहाँ लॉकर का मुँह उत्तर या पूर्व की ओर खुले, और उत्तर ज़ोन को सामान के ढेर से मुक्त रखें।

क्या वास्तु किराए के ऑफ़िस या को-वर्किंग स्पेस में लागू हो सकता है?

हाँ। बैठने की दिशा, डेस्क की व्यवस्था, रंग और क्रिस्टल व पिरामिड जैसे साथ ले जाने लायक उपायों में किसी तोड़-फोड़ की ज़रूरत नहीं होती।

यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?

मुफ़्त परामर्श बुक करें

और पढ़ें

किराना और ग्रोसरी स्टोर वास्तुकमर्शियल वास्तु

किराना और ग्रोसरी स्टोर वास्तु

किराना या ग्रोसरी स्टोर के लिए व्यावहारिक वास्तु लेआउट: काउंटर, गल्ला, तराज़ू, अनाज की बोरियाँ, तेल के टिन और फ़्रिज कहाँ रखें, और तंग दुकान का प्रवेश द्वार खुला कैसे रखें।

नए बिज़नेस के लिए ऑफ़िस उद्घाटन की पूजा और वास्तुकमर्शियल वास्तु

नए बिज़नेस के लिए ऑफ़िस उद्घाटन की पूजा और वास्तु

जल्द ही नया ऑफ़िस खोल रहे हैं? वास्तु के अनुसार उद्घाटन की पूजा से पहले क्या तैयार करें: प्रवेश, मालिक की सीट, कैश और अकाउंट्स की जगह, पूजा की शेल्फ़ और पहले दिन की चेकलिस्ट।

घर से काम करते समय डेस्क का मुँह किस दिशा में हो?कमर्शियल वास्तु

घर से काम करते समय डेस्क का मुँह किस दिशा में हो?

पैसे के काम के लिए उत्तर, ध्यान के लिए पूर्व। और जब डेस्क बस बेडरूम के उस कोने में फिट होती हो जहाँ आपकी पीठ दरवाज़े की ओर रहती हो, तब क्या करें।

डॉ. किमया से पूछें

अपना नंबर दीजिए, डॉ. किमया की टीम आपको वापस कॉल करेगी। पहली कॉल मुफ़्त है।

कॉल अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी या गुजराती में हो सकती है।

Google पर 5.0 रेटिंग · 15 रिव्यू