रेकी · 19 सितंबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें
रेकी के लेवल 1, 2 और 3 सरल भाषा में
रेकी सीखने की जिज्ञासा है? रेकी के लेवल की एक सरल गाइड: लेवल 1, लेवल 2 और मास्टर लेवल में क्या सिखाया जाता है, दीक्षा (अट्यूनमेंट) का मतलब क्या है और टीचर कैसे चुनें।
लेखिका: डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

01
रेकी के लेवल कौन से हैं?
रेकी परंपरागत रूप से तीन लेवल में सिखाई जाती है: लेवल 1, लेवल 2 और लेवल 3, जिसे मास्टर लेवल भी कहते हैं। हर लेवल पिछले लेवल की नींव पर आगे बढ़ता है: पहले ख़ुद की हीलिंग, फिर दूसरों की हीलिंग, और उसके बाद गहरी प्रैक्टिस और कई स्कूलों में सिखाना।
रेकी जापान की एक हीलिंग तकनीक है, जिसमें प्रैक्टिशनर हाथों से सार्वभौमिक जीवन-ऊर्जा देता है। यह शब्द 'रे' यानी सार्वभौमिक और 'की' यानी जीवन-ऊर्जा से बना है, जो भारतीय सोच के प्राण (जीवन-ऊर्जा) के करीब है। बड़े पैमाने पर अपनाई जाने वाली उसुई पद्धति में लेवल के जापानी नाम हैं: शोदेन, ओकुदेन और शिनपिदेन।
अलग-अलग परंपराएँ ट्रेनिंग को थोड़ा अलग तरह से बाँटती हैं। कुछ मास्टर लेवल को मास्टर प्रैक्टिशनर और मास्टर टीचर में बाँटती हैं, और कुछ में और चरण होते हैं। फिर भी पूरा सफ़र कमोबेश एक जैसा है।
02
रेकी लेवल 1 क्या है?
रेकी लेवल 1, यानी शोदेन (पहली शिक्षा), में ख़ुद की हीलिंग और परिवार, दोस्तों, पालतू जानवरों व पौधों को हाथ रखकर रेकी देना सिखाया जाता है। यह आगे की सारी प्रैक्टिस की नींव है और इसके लिए पहले से किसी अनुभव की ज़रूरत नहीं।
01
दीक्षा (अट्यूनमेंट)
टीचर दीक्षा देते हैं, जो विद्यार्थी को रेकी ऊर्जा देने के लिए तैयार करती है।
02
हाथ रखने की जगहें
विद्यार्थी सीखते हैं कि ख़ुद को और दूसरों को रेकी देते समय हाथ कहाँ-कहाँ रखने हैं।
03
रेकी के सिद्धांत
रेकी के पाँच सिद्धांत, जिन्हें अक्सर यूँ समेटा जाता है: सिर्फ़ आज के लिए, क्रोध न करें, चिंता न करें, कृतज्ञ रहें, ईमानदारी से काम करें और दयालु रहें।
04
रोज़ की सेल्फ़-प्रैक्टिस
विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे हर दिन ख़ुद पर हीलिंग का अभ्यास करें।
05
इतिहास और नैतिकता
रेकी की शुरुआत और ज़िम्मेदारी से प्रैक्टिस करने के तरीक़े का परिचय।
03
रेकी लेवल 2 क्या है?
रेकी लेवल 2, यानी ओकुदेन (भीतरी शिक्षा), में रेकी के सिंबल और डिस्टेंस हीलिंग से परिचय होता है। विद्यार्थी रेकी को ज़्यादा सटीक ढंग से केंद्रित करना और ऐसे लोगों व जगहों तक भेजना सीखते हैं जो सामने मौजूद नहीं हैं।
01
तीन सिंबल
आम तौर पर चो कु रेई (शक्ति), सेई हे की (मानसिक और भावनात्मक सामंजस्य) और होन शा ज़े शो नेन (दूरी)।
02
डिस्टेंस रेकी
दूसरे शहर में किसी को, या फ़ोटो के सहारे किसी घर या ऑफ़िस को रेकी भेजना।
03
भावनात्मक सहारा
भावनात्मक संतुलन के लिए रेकी का उपयोग, हमेशा पेशेवर देखभाल के साथ, उसकी जगह कभी नहीं।
04
जगह की हीलिंग
कमरों और घरों को शुद्ध करना। यह काम रेकी वास्तु से सहज ही जुड़ जाता है।
05
प्रैक्टिशनर का रास्ता
कई लोग लेवल 2 और कुछ समय की प्रैक्टिस के बाद दूसरों को सेशन देना शुरू करते हैं।
04
रेकी लेवल 3 या मास्टर लेवल क्या है?
रेकी लेवल 3, यानी शिनपिदेन (रहस्य की शिक्षा), मास्टर लेवल है। इसमें मास्टर सिंबल दाई को म्यो सिखाया जाता है, व्यक्तिगत और आध्यात्मिक प्रैक्टिस गहरी होती है और कई परंपराओं में दीक्षा (अट्यूनमेंट) देना और विद्यार्थियों को सिखाना भी सिखाया जाता है।
रेकी मास्टर होना कोई पदवी पाने से ज़्यादा, लगन से जुड़े रहने की बात है। परंपरागत टीचर इसे रोज़ की प्रैक्टिस, विनम्रता और सेवा का आजीवन रास्ता मानते हैं। कुछ स्कूल व्यक्तिगत महारत को टीचर ट्रेनिंग से अलग रखते हैं, इसलिए दाख़िला लेने से पहले ठीक से पूछ लें कि मास्टर कोर्स में क्या-क्या शामिल है।
05
रेकी के लेवल के बीच कितना इंतज़ार करना चाहिए?
ज़्यादातर टीचर सलाह देते हैं कि एक लेवल के तुरंत बाद दूसरा न लें, बीच में कुछ समय नियमित प्रैक्टिस करें। इस दौरान विद्यार्थी हर चरण को अपने भीतर उतार पाता है, उसकी संवेदनशीलता बढ़ती है और रोज़ सेल्फ़-हीलिंग की आदत बनती है।
यह अंतर टीचर और परंपरा के हिसाब से बदलता है: लेवल 1 और 2 के बीच कुछ हफ़्ते, और मास्टर लेवल से पहले उससे लंबा समय। ऐसे कोर्स से सावधान रहें जो एक ही वीकेंड में सारे लेवल कराने का वादा करते हैं, और जिनमें न टीचर की निगरानी में प्रैक्टिस होती है, न बाद में कोई मदद मिलती है।
06
रेकी दीक्षा (अट्यूनमेंट) के दौरान क्या होता है?
दीक्षा के दौरान विद्यार्थी आँखें बंद करके चुपचाप बैठता है और टीचर एक छोटी सी विधि करते हैं, जिससे विद्यार्थी में रेकी देने की क्षमता खुलती है। यह कोमल होती है, इसमें कोई दर्द नहीं होता, और आम तौर पर कुछ मिनट लगते हैं।
हर किसी का अनुभव अलग होता है। कुछ लोग गर्माहट, झनझनाहट, रंग या भावनाएँ महसूस करते हैं, तो कुछ को बस आराम महसूस होता है। टीचर अक्सर सलाह देते हैं कि दीक्षा के बाद कुछ हफ़्तों तक पानी पिएँ, आराम करें और रोज़ सेल्फ़-हीलिंग करें। यह समय ढलने और ठहरकर सोचने का माना जाता है।
07
आपके लिए रेकी का कौन सा लेवल सही है?
सही रेकी लेवल इस पर निर्भर करता है कि आप क्या पाना चाहते हैं: लेवल 1 हर उस व्यक्ति के लिए ठीक है जो अपनी देखभाल के लिए कोई प्रैक्टिस चाहता है, लेवल 2 उनके लिए जो दूसरों की मदद करना या दूर से काम करना चाहते हैं, और मास्टर लेवल उनके लिए जिनका मन लंबे समय तक गहराई से इससे जुड़ने का है।
लेवल 1 से आगे बढ़ने का कोई दबाव नहीं है। कई लोग सालों तक सेल्फ़-हीलिंग करते हैं, और यह उनकी रोज़ की सुकून देने वाली आदत बन जाती है: सोने से पहले या लंबे दिन के बाद, हाथ रखकर रेकी के कुछ शांत मिनट। कुछ लोगों को नियमित प्रैक्टिस के बाद भीतर से लगता है कि अब और सीखना है। अगला क़दम कोर्स के शेड्यूल से नहीं, अपने अनुभव से तय करें।
01
सेल्फ़-केयर के लिए
लेवल 1, रोज़ की सेल्फ़-प्रैक्टिस के साथ।
02
परिवार और जगह की हीलिंग के लिए
लेवल 2, जिसमें डिस्टेंस रेकी और कमरों की शुद्धि शामिल है।
03
गहरी प्रैक्टिस या सिखाने के लिए
मास्टर लेवल, लगातार प्रैक्टिस और टीचर के मार्गदर्शन के बाद।
08
रेकी टीचर कैसे चुनें?
ऐसा रेकी टीचर चुनें जो अपनी परंपरा, अपनी ट्रेनिंग और हर कोर्स में क्या शामिल है, इस बारे में खुलकर बताए। सर्टिफ़िकेट जल्दी मिल जाए, इससे ज़्यादा मायने यह रखता है कि टीचर के साथ आपका तालमेल बैठे।
01
परंपरा
पूछें कि वे कौन सी रेकी पद्धति सिखाते हैं और उन्हें किसने सिखाया।
02
प्रैक्टिस का समय
ऐसे कोर्स देखें जिनमें सिर्फ़ थ्योरी नहीं, ख़ुद करके प्रैक्टिस भी शामिल हो।
03
क्लास के बाद सहायता
लगातार मार्गदर्शन और प्रैक्टिस सर्कल विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
04
नैतिकता
ज़िम्मेदार टीचर कभी मेडिकल इलाज रोकने की सलाह नहीं देता और रेकी को इलाज के साथ चलने वाला सहारा मानता है।
05
सहजता
आपको लगना चाहिए कि आपका सम्मान हो रहा है, कोई जल्दबाज़ी नहीं है और आप खुलकर सवाल पूछ सकते हैं।
09
रेकी सेशन कब बुक करें
रेकी से लाभ पाने के लिए उसे सीखना ज़रूरी नहीं है। पहले किसी प्रैक्टिशनर से एक सेशन लेकर उसे सहज ढंग से अनुभव किया जा सकता है। डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अंधेरी ईस्ट में VastuKimaya के ऑफ़िस से रेकी हीलिंग और रेकी वास्तु करती हैं, पूरे मुंबई में ऑन-साइट या दूर से। यहाँ रेकी का उपयोग जगहों को शुद्ध करने और वास्तु उपायों को सक्रिय करने के लिए भी होता है।
रेकी रिलैक्सेशन और सेहत में सहायक है, और मेडिकल या मनोवैज्ञानिक देखभाल के साथ चलती है, उसका विकल्प नहीं है।
सवाल
आम सवाल
क्या लेवल 1 के बिना रेकी लेवल 2 सीखा जा सकता है?
आम तौर पर नहीं। लेवल 1 सेल्फ़-हीलिंग और दीक्षा (अट्यूनमेंट) की वह नींव बनाता है जिस पर लेवल 2 टिका है, इसलिए ज़्यादातर टीचर पहले उसे ज़रूरी मानते हैं।
क्या रेकी सीखने के लिए कोई ख़ास क्षमता चाहिए?
किसी ख़ास क्षमता की ज़रूरत नहीं है। परंपरागत रूप से माना जाता है कि रेकी हर वह व्यक्ति सीख सकता है जो दीक्षा (अट्यूनमेंट) लेने और नियमित प्रैक्टिस करने को तैयार हो।
क्या रेकी लेवल 1 के प्रैक्टिशनर दूसरों की हीलिंग कर सकते हैं?
जी हाँ, लेवल 1 के विद्यार्थी परिवार और दोस्तों को हाथ रखकर रेकी देना सीखते हैं, हालाँकि मुख्य ध्यान सेल्फ़-हीलिंग पर होता है।
रेकी मास्टर और रेकी टीचर में क्या फ़र्क़ है?
कुछ परंपराओं में दोनों एक ही हैं। कुछ में मास्टर प्रैक्टिशनर का मतलब अपनी प्रैक्टिस में महारत है, जबकि मास्टर टीचर में विद्यार्थियों को दीक्षा देने और सिखाने की ट्रेनिंग भी जुड़ जाती है।
क्या रेकी किसी धर्म से जुड़ी है?
रेकी एक आध्यात्मिक हीलिंग प्रैक्टिस है, कोई धर्म नहीं, और सभी धर्मों के लोग इसे सीखते और लेते हैं।
यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?
मुफ़्त परामर्श बुक करें
