Skip to content

त्योहार और अनुष्ठान · · 5 मिनट में पढ़ें

हल्दी-कुमकुम 2027: संक्रांति का यह मेल-मिलाप घर पर, वास्तु के अनुसार

2027 में घर पर हल्दी-कुमकुम रखने की तैयारी? संक्रांति से रथ सप्तमी तक का समय, प्रवेश द्वार कैसे सजाएँ, मेहमानों को कहाँ बिठाएँ और थाली कहाँ रखें, वाण में क्या दें, और छोटे फ़्लैट में यह आयोजन कैसे करें।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

हल्दी-कुमकुम 2027: संक्रांति का यह मेल-मिलाप घर पर, वास्तु के अनुसार

01

2027 में हल्दी-कुमकुम कब रखा जा सकता है?

हल्दी-कुमकुम मकर संक्रांति से लेकर रथ सप्तमी तक, अपनी सुविधा के किसी भी दिन रखा जा सकता है। रथ सप्तमी शनिवार, 13 फ़रवरी 2027 को है। कई महाराष्ट्रीय परिवारों में यही अवधि परंपरा है, हालाँकि कुछ परिवार इसे थोड़ा कम या ज़्यादा रखते हैं।

मकर संक्रांति 2027 कई कैलेंडरों में गुरुवार, 14 जनवरी को और कुछ पंचांगों में शुक्रवार, 15 जनवरी को दी गई है, क्योंकि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की देर रात होता है। आपका परिवार कौन-सा दिन मानता है, इसके लिए कालनिर्णय या परिवार का पंचांग देख लें।

ज़्यादातर मेज़बान जनवरी के दूसरे पखवाड़े या फ़रवरी की शुरुआत में किसी वीकेंड की शाम चुनती हैं, ताकि कामकाजी सहेलियाँ भी आ सकें। इस लेख में कोई मुहूर्त नहीं दिया गया है; अगर आपका परिवार कोई खास दिन पसंद करता है, तो घर के बड़े आपको बताएँगे।

02

हल्दी-कुमकुम क्या है, और इसे घर पर क्यों रखा जाता है?

हल्दी-कुमकुम, जिसे मराठी में हळदी-कुंकू कहते हैं, महाराष्ट्र का एक मेल-मिलाप है। इसमें महिलाएँ दूसरी महिलाओं को घर बुलाती हैं, एक-दूसरे को हल्दी और कुमकुम लगाती हैं, तिल-गुड़ बाँटती हैं और वाण नाम का एक छोटा उपहार देती हैं। संक्रांति के त्योहार के बाद पड़ोसियों, रिश्तेदारों और साथ काम करने वालों से रिश्ते ताज़ा करने का यह एक तरीका है।

हर मेहमान का स्वागत माथे पर हल्दी-कुमकुम लगाकर, थोड़ा-सा इत्र लगाकर, गुलाबदानी से गुलाब जल छिड़ककर और तिल-गुड़ देकर किया जाता है, और जाते समय उसे वाण दिया जाता है। महाराष्ट्र में सर्दियों की एक रीत के तहत कई महिलाएँ संक्रांति पर काले कपड़े पहनती हैं, और कुछ बाद के इन आयोजनों में भी यही पहनती हैं।

रीतें हर समुदाय और परिवार में अलग होती हैं। आज कई मेज़बान अपनी हर सहेली और पड़ोसन को बुलाती हैं, चाहे उसकी वैवाहिक स्थिति कुछ भी हो, और यह अपनापन इस दिन की भावना के अनुरूप ही है। तिल-गुड़ का अर्थ और सूर्य का महत्व मकर संक्रांति और वास्तु में बताया गया है; यह लेख आयोजन के बारे में है।

03

मेहमानों के लिए प्रवेश द्वार कैसे तैयार करें?

दहलीज़ साफ़ करें, एक छोटी रंगोली बनाएँ और ध्यान रखें कि दरवाज़ा पूरा खुल सके। हर मेहमान पर पहली छाप मुख्य द्वार पर ही पड़ती है, और वास्तु में यह घर का मुख है, जिससे होकर ऊर्जा अंदर आती है।

  • 01

    सफ़ाई और रोशनी

    दरवाज़ा, चौखट और नेमप्लेट पोंछ लें, और देख लें कि लॉबी या सीढ़ियों के पास की लाइट ठीक से जल रही हो।

  • 02

    रंगोली

    हल्दी, कुमकुम और सफ़ेद रंग से बना सादा डिज़ाइन अच्छा लगता है। साझा लॉबी में रंगोली के रंग और जगह के बारे में हमारा लेख प्रवेश पर रंगोली देखें।

  • 03

    तोरण

    चौखट पर आम के ताज़े पत्तों या गेंदे के फूलों का तोरण लगाएँ; देखें तोरण और मुख्य द्वार की सजावट।

  • 04

    चप्पल-जूते

    एक तरफ़ अस्थायी रैक या चटाई रख दें, ताकि दरवाज़े के सामने चप्पलों का ढेर न लगे। शू रैक और प्रवेश लॉबी वाले लेख में और सुझाव हैं।

04

हल्दी-कुमकुम में मेहमानों को कहाँ बिठाएँ?

मेहमानों को दक्षिण और पश्चिम की दीवारों से लगे सोफ़ों और कुर्सियों पर बिठाएँ, ताकि उनका मुँह उत्तर या पूर्व की ओर रहे, और आने-जाने वालों के लिए उत्तर-पश्चिम में हल्की बैठक रखें। यह वही तरीका है जो रोज़ की लिविंग रूम की बैठक के लिए बताया गया है।

उत्तर-पश्चिम वायु, यानी हवा तत्व, का ज़ोन है, जिसे आवाजाही और बातचीत से जोड़ा जाता है। ऐसे मेल-मिलाप के लिए यह ठीक रहता है, जहाँ मेहमान आते हैं, थोड़ी देर बातें करते हैं और फिर अगले घर के लिए निकल जाते हैं। बुज़ुर्गों को दक्षिण-पश्चिम की तरफ़ सबसे आरामदायक कुर्सियाँ दी जा सकती हैं, जिनके पीछे ठोस दीवार हो।

हॉल का केंद्र, यानी ब्रह्मस्थान, खुला रखें। ज़मीन पर बैठने के लिए वहाँ हल्की दरी या चटाई बिछाई जा सकती है, पर कमरे के बीच में नाश्ते की मेज़ या कुर्सियों का ढेर रखने से बचें।

05

हल्दी-कुमकुम की थाली किस दिशा में रखें?

मेहमानों के आने तक हल्दी-कुमकुम की थाली हॉल के उत्तर-पूर्व या पूर्व में, या मंदिर के पास रखें। उत्तर-पूर्व, यानी ईशान्य, प्रार्थना और मन की स्पष्टता का ज़ोन है, और वहाँ रखने से थाली को सम्मान की जगह मिलती है।

हल्दी-कुमकुम लगाते समय, अगर कमरे की बनावट इजाज़त दे, तो पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके खड़े हों या बैठें। अगर ऐसा न हो पाए, तो चिंता न करें; स्वागत का भाव दिशा से ज़्यादा मायने रखता है।

  • 01

    थाली में

    हल्दी, कुमकुम, इत्र, गुलाब जल से भरी गुलाबदानी, चावल के कुछ दाने, और चाहें तो एक छोटा दीया।

  • 02

    तिल-गुड़

    थाली के पास किसी ढक्कन वाले डिब्बे या कटोरे में।

  • 03

    वाण

    उत्तर-पश्चिम में या दरवाज़े के पास एक टोकरी में, ताकि हर मेहमान को जाते समय वाण दिया जा सके।

  • 04

    दीया

    किसी स्थिर प्लेट पर, साड़ी के पल्लू, दुपट्टों और कागज़ की सजावट से दूर।

06

हल्दी-कुमकुम में वाण में क्या दिया जाता है?

वाण हर मेहमान को दिया जाने वाला एक छोटा, काम का उपहार है। परंपरागत रूप से यह घर में काम आने वाली कोई चीज़ होती है, जैसे स्टील का कटोरा, छोटी प्लेट या कंघी। आज कई परिवार ऐसे उपहार चुनते हैं जो काम के हों और लंबे चलें, और एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से बचते हैं।

आजकल पसंद किए जाने वाले वाण में कपड़े या जूट के थैले, स्टील या पीतल की कटोरियाँ, गमले में लगे छोटे पौधे या तुलसी की पौध, बीजों के पैकेट, माँ के साथ आने वाले बच्चों के लिए नोटबुक, और रसोई के तौलिए शामिल हैं। कई परिवार उपहार में चाकू या कैंची जैसी धारदार चीज़ें देने से बचते हैं; आप अपने परिवार की रीत मानें।

ऐसी चीज़ चुनें जो आपको खुद मिले तो खुशी हो। सादा और सोच-समझकर दिया गया वाण परंपरा के अनुरूप है; महँगा वाण देने की कोई ज़रूरत नहीं।

07

छोटे फ़्लैट में हल्दी-कुमकुम कैसे रखें?

छोटे फ़्लैट में सबको एक ही समय पर न बुलाएँ; कुछ घंटों का समय रखें, जिसमें मेहमान अपनी सुविधा से आते-जाते रहें। शाम को दो-तीन घंटे का 'ओपन हाउस' रखने से हॉल में भीड़ नहीं होती, और आपको हर मेहमान के साथ समय भी मिल जाता है।

  • 01

    हॉल खाली करें

    एक दिन पहले डाइनिंग की कुर्सियाँ, इस्त्री का बोर्ड और अतिरिक्त डिब्बे हॉल से बाहर रख दें। दरी पर ज़मीन पर बैठने में कुर्सियों से कम जगह लगती है।

  • 02

    रास्ता खुला रखें

    दरवाज़े से बैठने की जगह तक जाने और लौटने का रास्ता खाली छोड़ें, ताकि आने और जाने वाले मेहमानों को एक-दूसरे से सटकर न निकलना पड़े।

  • 03

    मदद लें

    आप हल्दी-कुमकुम लगाएँ, तब तक बेटी, बहन या कोई सहेली वाण और तिल-गुड़ बाँट सकती है।

  • 04

    हवा और रोशनी

    ताज़ी हवा के लिए खिड़कियाँ खोलें, खासकर अगर आप धूप कोन या धूपबत्ती जलाएँ, और पूरे हॉल में एक-सी रोशनी रखें।

  • 05

    पड़ोसियों का ख्याल

    आसपास के पड़ोसियों को आयोजन के बारे में बता दें, और साझा लॉबी में चप्पल-जूते जमा न होने दें।

08

वास्तु विशेषज्ञ से कब सलाह लें?

वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लें अगर लोगों के आने पर आपका हॉल हमेशा तंग या अँधेरा लगता है, अगर मुख्य द्वार सीधे किसी दीवार या टॉयलेट के दरवाज़े की ओर खुलता है, या अगर आप नया घर बसा रहे हैं और चाहते हैं कि प्रवेश और लिविंग रूम मेहमानों का अच्छे से स्वागत करें।

VastuKimaya की डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अंधेरी ईस्ट, मुंबई में हैं। वे पूरे मुंबई में साइट पर आकर, और फ़्लोर प्लान और तस्वीरों के आधार पर दूर बैठे भी, घरों और फ़्लैटों के लिए परामर्श देती हैं। उपाय बिना तोड़-फोड़ वाले होते हैं और किराए के घरों में भी काम आते हैं। आप अपनी सुविधा से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।

सवाल

आम सवाल

2027 में हल्दी-कुमकुम कब रखा जा सकता है?

परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति (कैलेंडर के हिसाब से 14 या 15 जनवरी 2027) से लेकर शनिवार, 13 फ़रवरी 2027 को पड़ने वाली रथ सप्तमी तक। आपका परिवार जो तारीखें मानता है, उनके लिए कालनिर्णय या परिवार का पंचांग देख लें।

हल्दी-कुमकुम में मेहमानों को कहाँ बिठाएँ?

दक्षिण और पश्चिम की दीवारों के साथ, उत्तर या पूर्व की ओर मुँह करके, और आने-जाने वाले मेहमानों के लिए उत्तर-पश्चिम में हल्की बैठक रखें। हॉल का केंद्र खुला रखें और बुज़ुर्गों को ऐसी जगह बिठाएँ जिसके पीछे ठोस दीवार हो।

हल्दी-कुमकुम की थाली किस दिशा में रखें?

मेहमानों के आने तक थाली हॉल के उत्तर-पूर्व या पूर्व में, या मंदिर के पास रखें। हल्दी-कुमकुम लगाते समय, अगर कमरे की बनावट इजाज़त दे, तो पूर्व या उत्तर की ओर मुँह रखें।

हल्दी-कुमकुम में वाण में क्या दिया जाता है?

कोई छोटा, काम का उपहार, जैसे स्टील का कटोरा, कपड़े का थैला, छोटा पौधा, बीजों के पैकेट या नोटबुक। आज कई परिवार एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक से बचते हैं, और कई परिवार उपहार में धारदार चीज़ें नहीं देते।

छोटे फ़्लैट में हल्दी-कुमकुम कैसे रखें?

सबको एक साथ बुलाने की जगह दो-तीन घंटे का समय रखें, अतिरिक्त फ़र्नीचर हॉल से बाहर कर दें, ज़मीन पर बैठने का इंतज़ाम करें और दरवाज़े से बैठने की जगह तक रास्ता खाली रखें।

क्या हल्दी-कुमकुम का कोई तय मुहूर्त होता है?

हर घर पर लागू होने वाला कोई एक मुहूर्त नहीं है। ज़्यादातर मेज़बान संक्रांति और रथ सप्तमी के बीच कोई सुविधाजनक शाम चुनती हैं; अगर आपका परिवार कोई खास दिन पसंद करता है, तो घर के बड़े या पंचांग आपको बताएँगे।

यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?

मुफ़्त पहली कॉल बुक करें

और पढ़ें

अन्नपूर्णा जयंती 2026: रसोई और अनाज के भंडार का सम्मानत्योहार और अनुष्ठान

अन्नपूर्णा जयंती 2026: रसोई और अनाज के भंडार का सम्मान

ज़्यादातर पंचांगों के अनुसार अन्नपूर्णा जयंती बुधवार, 23 दिसंबर 2026 को है, यानी दत्त जयंती के ही दिन। रसोई का सम्मान कैसे करें, अन्नपूर्णा की मूर्ति या तस्वीर कहाँ रखें, और वास्तु के हिसाब से चावल और अनाज कैसे रखें।

क्रिसमस ट्री वास्तु: मुंबई के घरों के लिए दिशा और सजावटत्योहार और अनुष्ठान

क्रिसमस ट्री वास्तु: मुंबई के घरों के लिए दिशा और सजावट

वास्तु शास्त्र के पुराने ग्रंथों में क्रिसमस ट्री का कोई नियम नहीं है, फिर भी पंचतत्व की समझ से उसके लिए ठीक कोना चुना जा सकता है। मुंबई के फ़्लैट में ट्री, फ़ेयरी लाइट्स और स्टार कहाँ ठीक रहते हैं, और यह सब सुरक्षित कैसे रखें।

दत्त जयंती 2026: घर में दत्तात्रेय पूजा, और उनकी तस्वीर कहाँ रखेंत्योहार और अनुष्ठान

दत्त जयंती 2026: घर में दत्तात्रेय पूजा, और उनकी तस्वीर कहाँ रखें

ज़्यादातर पंचांगों के अनुसार दत्त जयंती बुधवार, 23 दिसंबर 2026 को है। घर में दत्तात्रेय की सादी पूजा कैसे करें, गुरुचरित्र पारायण में क्या होता है, और बिना पूजा घर वाले फ़्लैट में उनकी तस्वीर कहाँ रखें।

डॉ. किमया से पूछें

अपना नंबर दीजिए, डॉ. किमया की टीम आपको वापस कॉल करेगी। पहली कॉल मुफ़्त है।

कॉल अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी या गुजराती में हो सकती है।

Google पर 5.0 रेटिंग · 15 रिव्यू