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त्योहार और अनुष्ठान · 19 सितंबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें

अक्षय तृतीया: शुभ खरीदारी और वास्तु

अक्षय तृतीया सोना खरीदने, घर बुक करने या कुछ नया शुरू करने के सबसे लोकप्रिय दिनों में से एक है। वास्तु के अनुसार घर कैसे तैयार करें, और जो चीज़ें आप लाएँ उन्हें कहाँ रखें।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

अक्षय तृतीया: शुभ खरीदारी और वास्तु

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अक्षय तृतीया क्या है और इसे शुभ क्यों माना जाता है?

अक्षय तृतीया हिंदू त्योहार है जो वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तीसरी तिथि को आता है, आमतौर पर अप्रैल या मई में। अक्षय शब्द का मतलब है 'जो कभी घटे नहीं', और तृतीया का मतलब है चंद्र पक्ष की तीसरी तिथि।

इसी अर्थ के कारण परंपरा से माना जाता है कि अक्षय तृतीया पर शुरू किया गया काम या घर लाई गई चीज़ बढ़ती है और टिकी रहती है। पूरे भारत में परिवार इस दिन पूजा, दान और खरीदारी करते हैं, और कई लोग इसे अलग से मुहूर्त देखे बिना भी नई शुरुआत के लिए अपने आप में शुभ मानते हैं। रीति-रिवाज अलग-अलग इलाकों और परिवारों में अलग होते हैं, इसलिए वही करें जो आपके घर में मायने रखता हो।

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लोग अक्षय तृतीया पर परंपरा से क्या खरीदते हैं?

लोग अक्षय तृतीया पर परंपरा से सोना, चाँदी और दूसरी टिकाऊ चीज़ें खरीदते हैं, जो टिकने वाली समृद्धि का प्रतीक हैं। बात इसकी कम है कि आपने कितना खर्च किया, और इसकी ज़्यादा कि घर में कुछ ऐसा आए जो आपके लिए मायने रखता हो।

  • 01

    सोना और चाँदी

    गहने, सिक्के या पूजा घर के लिए छोटी चीज़ें।

  • 02

    घर या प्लॉट

    फ़्लैट बुक करना, प्रॉपर्टी रजिस्टर कराना या टोकन राशि देना।

  • 03

    गाड़ी

    कई परिवार नई गाड़ी घर लाने के लिए यही दिन चुनते हैं।

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    काम के औज़ार

    नया लैपटॉप, बही-खाते या बिज़नेस के लिए उपकरण।

  • 05

    पूजा घर की चीज़ें

    पीतल का दीया, कलश या कोई नई मूर्ति या तस्वीर।

  • 06

    दान

    खाना, पानी, कपड़े या अनाज देना इस दिन का उतना ही अहम हिस्सा माना जाता है।

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वास्तु के अनुसार अक्षय तृतीया के लिए घर कैसे तैयार करें?

तैयारी के लिए घर की अच्छी तरह सफ़ाई करें, प्रवेश को खुला और साफ़ रखें और उत्तर-पूर्व को उजला रखें। वास्तु में माना जाता है कि जो जगह खुली, उजली और सँभालकर रखी गई हो, वहाँ समृद्धि का स्वागत ज़्यादा आसानी से होता है।

  • 01

    एक दिन पहले बेकार सामान हटाएँ

    टूटी चीज़ें, पुराने कागज़ और बिना काम का सामान हटा दें, खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्व से।

  • 02

    मुख्य दरवाज़ा साफ़ करें

    दरवाज़ा पोंछें, नेमप्लेट साफ़ रखें और आम के ताज़ा पत्तों या फूलों का तोरण लगाएँ।

  • 03

    रंगोली बनाएँ

    प्रवेश पर सादी-सी रंगोली स्वागत की पारंपरिक रीति है।

  • 04

    उत्तर-पूर्व को उजला करें

    उत्तर-पूर्व (ईशान्य) में पूजा की जगह साफ़ करें और वहाँ फ़ालतू सामान न रखें।

  • 05

    नमक के पानी से पोंछा

    घर को तरोताज़ा करने के लिए पोंछे के पानी में थोड़ा समुद्री नमक मिलाएँ।

  • 06

    जो टूटा है उसे ठीक करें

    त्योहार से पहले टपकते नल, फ्यूज़ बल्ब और अटकते दरवाज़े ठीक करवा लें।

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नया सोना और कीमती सामान कहाँ रखें?

नया सोना, चाँदी और कीमती सामान ऐसे लॉकर या अलमारी में रखें जो उत्तर की ओर खुले। उत्तर कुबेर (धन के रक्षक) की दिशा है, और परंपरा यही है कि लॉकर दक्षिण या पश्चिम की दीवार से लगाकर रखा जाए, ताकि वह उत्तर की ओर खुले।

नए गहने या सिक्के लॉकर में रखने से पहले कई परिवार उन्हें उस दिन की पूजा के लिए पूजा घर में रखते हैं। लॉकर को अंदर से साफ़ रखें, कीमती सामान के साथ पुराने बिल या टूटी चीज़ें न रखें, और अगर आपके परिवार की रीति है तो सिक्कों के लिए छोटा लाल कपड़ा या थैली रखें।

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क्या अक्षय तृतीया गृह प्रवेश के लिए अच्छी है?

हाँ, अक्षय तृतीया को गृह प्रवेश (नए घर की पूजा) और नए घर में जाने के लिए आमतौर पर शुभ माना जाता है। कई परिवार इसे भूमि पूजन या रेनोवेशन शुरू करने के लिए भी चुनते हैं।

गृह प्रवेश करने वाले हों तो उस दिन से पहले नया घर तैयार कर लें: अच्छी तरह सफ़ाई करें, घर का केंद्र यानी ब्रह्मस्थान खुला रखें, पूजा की जगह उत्तर-पूर्व में बनाएँ, और रसोई की व्यवस्था ऐसी रखें कि खाना बनाते समय मुँह पूर्व की ओर रहे। कलश या कोई शुभ वस्तु हाथ में लेकर पहले दायाँ पैर अंदर रखें, और नई रसोई में दूध उबालें, जो समृद्धि का प्रतीक है; कई परिवार परंपरा से ऐसा करते हैं। आपकी परंपरा के हिसाब से कौन-सी विधि ठीक रहेगी, यह आपके पारिवारिक पंडित जी बता सकते हैं।

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घर पर कौन-से आसान रीति-रिवाज इस दिन के लिए ठीक हैं?

प्रार्थना, रोशनी और दान के सरल रीति-रिवाज इस दिन के लिए ठीक हैं, और मुंबई की व्यस्त दिनचर्या में भी आसानी से हो सकते हैं।

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    सुबह की प्रार्थना

    कई परिवार भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

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    दीया जलाएँ

    पूजा घर में घी या तेल का दीया जलाएँ, सुरक्षा का ध्यान रखते हुए।

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    ताज़ा पानी और फूल

    उत्तर-पूर्व में फूलों के साथ ताज़े पानी का कटोरा रखें।

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    दान करें

    ज़रूरतमंदों के साथ खाना, पानी या अनाज बाँटें; खुले दिल से देना ही इस त्योहार की भावना का केंद्र है।

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    संकल्प लें

    आने वाले साल का एक लक्ष्य लिखें और उसे पूजा घर में या अपनी काम की डेस्क के पास रखें।

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क्या सिर्फ़ इसलिए कुछ खरीदना चाहिए कि अक्षय तृतीया है?

नहीं, समझदारी इसी में है कि वही खरीदें जो आपकी ज़रूरत और बजट में फिट हो, और इस दिन को उन फ़ैसलों के लिए अच्छा समय मानें जो आपने पहले से सोच रखे हैं। जल्दबाज़ी में या हैसियत से बाहर की गई खरीदारी से मन को शायद ही शांति मिलती है।

प्रॉपर्टी के मामले में किसी तारीख के चक्कर में जल्दबाज़ी न करें; कागज़ात, बिल्डर की मंज़ूरियाँ और फ़्लैट का लेआउट ध्यान से जाँचें। सौदा पक्का करने से पहले फ़्लोर प्लान को वास्तु की नज़र से दिखवा लेना भी मदद कर सकता है। बड़ी खरीदारी के लिए अलग से आर्थिक और कानूनी सलाह लें; दिन का शुभ होना अच्छी योजना पर आशीर्वाद जैसा है, उसका विकल्प नहीं।

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वास्तु विशेषज्ञ से कब मिलें

अक्षय तृतीया पर फ़्लैट या प्लॉट बुक करने से पहले, गृह प्रवेश से पहले, या नए घर में पूजा घर और लॉकर सही जगह बनवाने के लिए वास्तु विशेषज्ञ से सलाह लेने के बारे में सोचें।

डॉ. किमया पारिख-आंबेकर साइट और फ़्लैट चुनने में मदद करती हैं, हर कमरे का वास्तु देखती हैं और बिना तोड़-फोड़ वाले उपाय सुझाती हैं। परामर्श अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस से पूरे मुंबई में साइट विज़िट के ज़रिए लिया जा सकता है, या फ़्लोर प्लान भेजकर दूर बैठे भी, जो उन खरीदारों के लिए सुविधाजनक है जो त्योहार से पहले कई विकल्पों की तुलना कर रहे हों।

सवाल

आम सवाल

अक्षय तृतीया कब मनाई जाती है?

अक्षय तृतीया वैशाख के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आती है, आमतौर पर अप्रैल या मई में। हर साल सही तारीख और समय के लिए पंचांग देखें।

क्या अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना ज़रूरी है?

नहीं, सोना खरीदना एक लोकप्रिय परंपरा है, ज़रूरत नहीं। दान, पूजा, नई शुरुआत या कोई छोटी सार्थक खरीदारी भी इस दिन की भावना से उतना ही मेल खाती है।

वास्तु के अनुसार घर में सोना कहाँ रखना चाहिए?

सोना परंपरा से उत्तर की ओर खुलने वाले लॉकर में रखा जाता है, जो कुबेर की दिशा है। लॉकर को साफ़ रखें और उसमें पुराने बिल या टूटी चीज़ें न रखें।

क्या हम अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश कर सकते हैं?

हाँ, अक्षय तृतीया को गृह प्रवेश के लिए आमतौर पर शुभ माना जाता है। घर पहले से तैयार करें और विधि की जानकारी के लिए अपने पारिवारिक पंडित जी से पूछें।

अक्षय तृतीया पर क्या दान करना चाहिए?

अक्षय तृतीया पर परंपरा से भोजन, पानी, अनाज और कपड़े दिए जाते हैं। अपनी क्षमता के अनुसार और सच्चे मन से देना ही मायने रखता है।

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