त्योहार और अनुष्ठान · · 7 मिनट में पढ़ें
क्रिसमस ट्री वास्तु: मुंबई के घरों के लिए दिशा और सजावट
वास्तु शास्त्र के पुराने ग्रंथों में क्रिसमस ट्री का कोई नियम नहीं है, फिर भी पंचतत्व की समझ से उसके लिए ठीक कोना चुना जा सकता है। मुंबई के फ़्लैट में ट्री, फ़ेयरी लाइट्स और स्टार कहाँ ठीक रहते हैं, और यह सब सुरक्षित कैसे रखें।
लेखिका: डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

01
क्या वास्तु में क्रिसमस ट्री का कोई नियम है?
नहीं। वास्तु शास्त्र के पुराने ग्रंथों में क्रिसमस ट्री का कोई नियम नहीं है। यह लेख बस एक समझदारी भरा तरीका सुझाता है: ट्री, लाइट्स और स्टार के लिए कोना चुनते समय पंचतत्व (पाँच तत्व) और दिशाओं की समझ को कैसे काम में लाएँ।
इस बार क्रिसमस शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 को है, और मुंबई के कई घरों में सजावट दिसंबर की शुरुआत से लेकर लगभग 6 जनवरी तक रहती है। ईसाई परिवारों के लिए ट्री और चरनी (क्रिब) उनकी आस्था का हिस्सा हैं, जबकि कई हिंदू, पारसी और दूसरे परिवारों के लिए ये मौसम की एक खुशनुमा सजावट हैं। वास्तु के हिसाब से सजे घर में दोनों ही बातें आराम से निभ जाती हैं।
अलग-अलग वेबसाइटें कभी पूर्व, कभी उत्तर-पूर्व तो कभी दक्षिण-पूर्व बताती हैं, क्योंकि हर कोई ट्री की अलग खूबी को देखता है: किसी के लिए उसकी हरियाली अहम है, किसी के लिए त्योहार का माहौल, तो किसी के लिए उसकी लाइट्स। नीचे दिया गया तर्क पढ़कर आप अपने फ़्लैट के लिए खुद तय कर सकते हैं।
02
वास्तु के अनुसार क्रिसमस ट्री किस दिशा में रखना चाहिए?
दिशा मुख्य रूप से ट्री के आकार पर निर्भर करती है। छोटा ट्री या गमले में लगा असली ट्री लिविंग रूम के उत्तर या पूर्व में ठीक रहता है, जबकि ऊँचा और भारी सजावट वाला ट्री दक्षिण या पश्चिम में ज़्यादा जमता है। यह वही तर्क है जो बगीचे में चलता है: छोटे पौधे उत्तर और पूर्व में, ऊँचे और भारी पेड़ दक्षिण और पश्चिम में।
ज़्यादातर फ़्लैटों में ट्री लिविंग रूम में ही लगता है, इसलिए दिशाएँ उसी कमरे के भीतर देखें, और सोफ़े व टीवी वाली दीवार को ध्यान में रखकर जगह निकालें, जैसा लिविंग रूम वास्तु में बताया गया है।
01
छोटा या गमले में लगा असली ट्री
लिविंग रूम का उत्तर या पूर्व, जो हरियाली और सुबह की रोशनी की जगह है।
02
भारी सजावट वाला ऊँचा ट्री
दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम का कोना, जिसका स्थिर पृथ्वी तत्व ऊँचाई और वज़न के लिए ठीक रहता है।
03
जब लाइट्स ही खास आकर्षण हों
दक्षिण-पूर्व के पास, जो अग्नि का ज़ोन है; अक्सर टीवी के सॉकेट भी वहीं होते हैं।
04
इन जगहों से बचें
मुख्य द्वार के ठीक सामने, घर का खुला केंद्र, उत्तर-पूर्व का कोना अगर वहाँ मंदिर हो, और टॉयलेट से सटी दीवार।
03
क्या वास्तु के अनुसार घर में क्रिसमस ट्री रखना ठीक है?
हाँ। सोच-समझकर चुने गए कोने में साफ़-सुथरी और रोशन त्योहार की सजावट पर वास्तु को कोई आपत्ति नहीं है। जिस ट्री के आसपास शाम को परिवार इकट्ठा होता हो, वह वास्तु की उस सोच से मेल खाता है जो रोशनी, व्यवस्था और स्वागत को अहमियत देती है।
ट्री से ज़्यादा फ़र्क इस बात से पड़ता है कि उसे कैसे रखा गया है। जो ट्री रास्ता रोके, धूल जमा करे या त्योहार के कई हफ़्ते बाद तक लगा रहे, उससे कमरा फ़ालतू सामान से भरा-भरा लगने लगता है। किसी भी त्योहार की तरह, घर का ब्रह्मस्थान (घर का केंद्र) खुला रखें।
04
क्या क्रिसमस ट्री मंदिर के पास रखा जा सकता है?
ट्री को उसका अपना कोना दें, मंदिर से थोड़ा हटकर। उसे मंदिर के ठीक सामने या मंदिर से सटाकर न रखें। ईशान्य (उत्तर-पूर्व) मंदिर और जल तत्व का ज़ोन है, और इसे हल्का और फ़ालतू सामान से खाली रखना ही ठीक रहता है।
मुंबई के कई घरों में एक से ज़्यादा परंपराएँ साथ चलती हैं, और इसमें कोई दिक्कत नहीं। बस हर एक को उसकी अपनी जगह दें: मंदिर उत्तर-पूर्व में, जैसा छोटे घरों के लिए पूजा घर वास्तु में बताया गया है, और ट्री कहीं और। मंदिर पर लाइट्स की लड़ियाँ या चमकीली पन्नी (टिनसेल) लपेटने से बचें। ईसाई परिवारों के लिए चरनी अपने आप में एक पवित्र जगह है, और वह कहाँ रखी जाए, यह आपके परिवार की रीत तय करती है।
05
फ़ेयरी लाइट्स और स्टार कहाँ लगाएँ?
फ़ेयरी लाइट्स ट्री पर और दक्षिण-पूर्व के पास ठीक रहती हैं। स्टार ट्री की चोटी पर लगाएँ; अगर कागज़ का स्टार कंदील है, तो उसे सड़क की ओर वाली खिड़की पर टाँगें। रोशनी अग्नि तत्व की चीज़ है और उसकी स्वाभाविक जगह दक्षिण-पूर्व है, पर त्योहार के दिनों में हल्की, वॉर्म रोशनी किसी भी कोने में हो, अच्छी ही लगती है।
01
ट्री की लाइट्स
छोटे कमरे में तेज़ी से जलने-बुझने वाली लड़ियों के मुकाबले वॉर्म व्हाइट या हल्की सुनहरी LED लाइट्स ज़्यादा सुकून देती हैं।
02
स्टार
इसे ट्री की चोटी पर मज़बूती से लगाएँ; नीची छत वाले फ़्लैट में जगमगाता स्टार नज़र को ऊपर की ओर ले जाता है।
03
बालकनी के स्टार कंदील
जैसे दिवाली के आकाश कंदील के साथ होता है, यहाँ भी दिशा से ज़्यादा ज़रूरी यह है कि कंदील सड़क से दिखे; हो सके तो पूर्व या उत्तर की खिड़की चुनें।
04
दरवाज़े पर क्रिसमस रीथ
इसे तोरण की तरह ही रखें: ताज़ा, सलीके से लगा हुआ और ऐसा कि रास्ता न रुके। देखें तोरण और मुख्य द्वार की सजावट।
05
दीये और मोमबत्तियाँ
खुली लौ को ट्री से काफ़ी दूर रखें; दीये और लैंप की दिशा वाली सलाह त्योहार की मोमबत्तियों पर भी लागू होती है।
06
फ़्लैट के लिए कौन-सा ट्री ठीक है, असली या आर्टिफ़िशियल?
दोनों चलते हैं। गमले में लगा असली ट्री उत्तर या पूर्व में ठीक रहता है और त्योहार के बाद भी पौधे की तरह घर में बना रह सकता है, जबकि मज़बूत आर्टिफ़िशियल ट्री उन छोटे फ़्लैटों के लिए व्यावहारिक है जहाँ हर साल सजावट होती है।
दिसंबर में मुंबई की कई नर्सरियों में गमलों में लगे कोनिफ़र पौधे क्रिसमस ट्री के नाम से बिकते हैं। ऐसा ट्री किसी उजली खिड़की के पास रखा जाए, तो जनवरी में उसे बालकनी में ले जाया जा सकता है। घर के अंदर सूखे और पत्तियाँ झाड़ते ट्री रखने से बचें। अगर आर्टिफ़िशियल ट्री लें, तो उसे साफ़ और सूखा करके डिब्बे में रखें, और सजाने से पहले उसकी धूल पोंछ लें।
07
किस कोने में ट्री पर कौन-से रंग अच्छे लगते हैं?
सजावट के मुख्य रंग उस ज़ोन के हिसाब से चुनें जहाँ ट्री खड़ा है। अच्छी बात यह है कि क्रिसमस के पारंपरिक रंग वास्तु के रंगों से आसानी से मेल खा जाते हैं।
01
उत्तर और पूर्व
हरे और सफ़ेद रंग, ताज़ा और हल्के, जो बढ़त और सुबह की ऊर्जा से मेल खाते हैं।
02
दक्षिण-पूर्व और दक्षिण
लाल, सुनहरा और वॉर्म रोशनी, जो अग्नि तत्व से जुड़े हैं।
03
पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम
पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में सफ़ेद और चाँदी जैसा रंग; दक्षिण-पश्चिम में लकड़ी, पाइन कोन और मिट्टी-सी रंगत वाला सुनहरा।
08
ट्री को सुरक्षित कैसे रखें, और समय पर कैसे उतारें?
सर्टिफ़ाइड LED लाइट्स ही इस्तेमाल करें, रात को और घर से बाहर जाते समय उन्हें बंद कर दें, और त्योहार के बाद ट्री जल्दी उतार लें, आमतौर पर 6 जनवरी के आसपास या जब आपका परिवार ठीक समझे। एक ही सॉकेट पर ज़्यादा लोड न डालें, और कोई भी तार गर्म लगे तो इलेक्ट्रीशियन को बुलाएँ। घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर हों, तो ट्री के स्टैंड पर वज़न रखकर उसे मज़बूती से टिकाएँ। मुख्य द्वार तक का रास्ता खाली रखें, और सामान समेटते समय टूटी हुई सजावटी चीज़ें फेंक दें।
09
वास्तु विशेषज्ञ से कब मिलें
अगर आपके लिविंग रूम में कोई कोना खाली नहीं है, अगर हर त्योहार पर घर भरा-भरा और तंग लगने लगता है, या अगर आप इंटीरियर की योजना बना रहे हैं और चाहते हैं कि त्योहारों की सजावट के लिए जगह पहले से तय रहे, तो वास्तु विशेषज्ञ से मिलें। छोटे, बिना तोड़-फोड़ वाले बदलावों से अक्सर ऐसी उलझनें आसान हो जाती हैं।
VastuKimaya की डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अपने अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस से पूरे मुंबई में साइट पर आकर परामर्श देती हैं, और फ़्लोर प्लान व तस्वीरों के आधार पर दूर बैठे परामर्श भी करती हैं।
सवाल
आम सवाल
वास्तु के अनुसार क्रिसमस ट्री किस दिशा में रखना चाहिए?
छोटा ट्री या गमले में लगा असली ट्री लिविंग रूम के उत्तर या पूर्व में ठीक रहता है, और भारी सजावट वाला ऊँचा ट्री दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम में। वास्तु शास्त्र के पुराने ग्रंथों में क्रिसमस ट्री का कोई नियम नहीं है; यह सलाह पंचतत्व के तर्क पर आधारित है।
क्या वास्तु के अनुसार घर में क्रिसमस ट्री रखना ठीक है?
हाँ। सोच-समझकर चुने कोने में रखा साफ़-सुथरा, रोशन ट्री वास्तु की उस सोच से मेल खाता है जो रोशनी और व्यवस्था को अहमियत देती है। उसे आने-जाने के रास्ते और घर के केंद्र से दूर रखें, और त्योहार के बाद उतार लें।
क्या क्रिसमस ट्री मंदिर के पास रखा जा सकता है?
उसे उसके अपने कोने में, मंदिर से थोड़ा हटकर रखें, मंदिर के सामने नहीं। मंदिर पर लाइट्स या टिनसेल लपेटने से बचें।
फ़ेयरी लाइट्स और स्टार कहाँ लगाएँ?
फ़ेयरी लाइट्स ट्री पर लगाएँ, और आदर्श रूप से उनका प्लग दक्षिण-पूर्व के पास वाले सॉकेट में हो। स्टार ट्री की चोटी पर लगाएँ, और स्टार कंदील सड़क की ओर वाली खिड़की पर, बेहतर हो कि पूर्व या उत्तर की खिड़की पर।
फ़्लैट के लिए कौन-सा ट्री ठीक है, असली या आर्टिफ़िशियल?
दोनों चलते हैं। उत्तर या पूर्व की खिड़की के पास रखा गमले वाला असली ट्री बाद में बालकनी में ले जाया जा सकता है, और मज़बूत आर्टिफ़िशियल ट्री छोटे फ़्लैटों के लिए व्यावहारिक है।
यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?
मुफ़्त पहली कॉल बुक करें

