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हीलिंग थेरेपी · 19 सितंबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें

वास्तु के अनुसार पेंटिंग और आर्टवर्क

आपकी दीवारों पर लगी तस्वीरें चुपचाप तय करती हैं कि कमरे में कैसा लगता है। घर के लिए वास्तु पेंटिंग की व्यावहारिक गाइड: किस दीवार पर कौन-सी थीम, किनसे बचें, और कला को हल्के उपाय की तरह कैसे इस्तेमाल करें।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

वास्तु के अनुसार पेंटिंग और आर्टवर्क

01

वास्तु पेंटिंग पर ध्यान क्यों देता है?

वास्तु पेंटिंग पर इसलिए ध्यान देता है कि तस्वीरें अपने साथ भावनाएँ और इशारे लेकर आती हैं, और हम रोज़ उन्हें अपने भीतर उतारते रहते हैं, अक्सर हमें पता भी नहीं चलता। जिस पेंटिंग के सामने से आप दिन में बीस बार गुज़रते हैं, वह आपके घर के माहौल का हिस्सा बन जाती है।

VastuKimaya के कमर्शियल वास्तु के काम में यह बात पहले से कही जाती है कि पेंटिंग, पोस्टर और रंग ऐसे हों जो अच्छी छाप को और पक्का करें। यही बात घर पर भी लागू होती है। कला सबसे आसान बिना तोड़-फोड़ वाले उपायों में से एक है। जिस ज़ोन को सहारे की ज़रूरत हो, वहाँ बिना कुछ बनवाए कला के ज़रिये कोई तत्व, रंग या भाव लाया जा सकता है, और इससे पंचतत्व का संतुलन बनाने में मदद मिलती है।

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कौन-सी दिशा के लिए कौन-सी पेंटिंग ठीक है?

हर दिशा के लिए वह कला ठीक रहती है जिसकी थीम और रंग उस ज़ोन के तत्व और गुणों से मेल खाते हों। इसे सख्त नियम न मानें, बस दिशा दिखाने वाला सुझाव समझें।

  • 01

    पूर्व: तरक्की और नई शुरुआत

    उगता सूरज, हरे खेत, पेड़ या उड़ते पक्षी। पूर्व को इंद्र और सूर्य से जोड़ा जाता है।

  • 02

    उत्तर: अवसर और प्रवाह

    शांत बहती नदियाँ, हल्के झरने या खुले हरे नज़ारे, जो कुबेर और समृद्धि के प्रवाह से मेल खाते हैं।

  • 03

    उत्तर-पूर्व: शांति और आध्यात्मिकता

    कमल, शांत झील या ध्यान में बैठी आकृति जैसी हल्की, सुकून भरी तस्वीरें। इन्हें छोटा रखें और आस-पास भीड़ न करें।

  • 04

    दक्षिण-पूर्व: ऊर्जा

    लाल, नारंगी और सुनहरे जैसे गर्म रंगों वाली कला, जैसे सूर्योदय की लाली या त्योहार का दृश्य। यह अग्नि देव और अग्नि तत्व से जुड़ी है।

  • 05

    दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम: स्थिरता

    पहाड़, मज़बूत इमारतें या परिवार की खुशनुमा तस्वीरें, जो पृथ्वी तत्व और स्थिरता को सहारा देती हैं।

  • 06

    पश्चिम और उत्तर-पश्चिम: लाभ और जुड़ाव

    उपलब्धि, दोस्ती, यात्रा या मिलने-जुलने की तस्वीरें।

03

लिविंग रूम के लिए कौन-सी पेंटिंग ठीक हैं?

लिविंग रूम के लिए मन खुश करने वाली और अपनापन जगाने वाली पेंटिंग ठीक रहती हैं, क्योंकि वहीं मेहमान और परिवार जुटते हैं। ऐसी कला चुनें जो खुली और खुशनुमा लगे, भारी या नाटकीय नहीं।

प्राकृतिक नज़ारे, फूल, परिवार के हँसते पल, और मधुबनी, वारली या पिछवाई जैसी पारंपरिक भारतीय कला अच्छी रहती है। दौड़ते घोड़ों की पेंटिंग कई भारतीय लिविंग रूम में ऊर्जा और प्रगति के प्रतीक के रूप में लोकप्रिय है। ध्यान रखें कि घोड़े शांत और खुश दिखें, डरे हुए नहीं। कमरे का ब्रह्मस्थान खुला रखें, और किसी एक दीवार को ढेर सारे फ़्रेमों से न भर दें।

04

बेडरूम के लिए कौन-सी पेंटिंग ठीक हैं?

बेडरूम के लिए हल्की, आराम देने वाली और स्नेह भरी तस्वीरें ठीक रहती हैं। दक्षिण-पश्चिम का मुख्य बेडरूम स्थिरता और साथ का स्थान है, इसलिए यहाँ की कला शांत और अपनेपन भरी लगनी चाहिए।

  • 01

    दंपतियों के लिए

    जोड़े वाली तस्वीरें, जैसे दो पक्षी, दो फूल या किसी स्नेह भरे जोड़े की तस्वीर, दक्षिण-पश्चिम की दीवार पर लगाएँ।

  • 02

    सुकून भरे नज़ारे

    हल्के सूर्यास्त, बाग़ और शांत ग्रामीण दृश्य।

  • 03

    पानी के दृश्यों से बचें

    बड़े झरने या तूफ़ानी समुद्र की तस्वीरें आम तौर पर बेडरूम में नहीं लगाई जातीं।

  • 04

    बिस्तर की ओर मुँह किए देवी-देवताओं की तस्वीर न लगाएँ

    कई परिवार देवी-देवताओं की तस्वीरें बेडरूम की जगह पूजा घर में रखना पसंद करते हैं।

  • 05

    सिर के ऊपर कुछ भारी नहीं

    हेडबोर्ड के ठीक ऊपर बड़े और भारी फ़्रेम न लगाएँ।

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घर में किन पेंटिंग से बचना चाहिए?

ऐसी पेंटिंग से बचें जिनमें हिंसा, दुख, अकेलापन, उजड़ापन या संघर्ष दिखे, क्योंकि वास्तु मानता है कि वे उन भावनाओं को घर में ले आती हैं। कला सुंदर हो, तब भी उसका मूड भारी हो सकता है।

  • 01

    युद्ध, हथियार और लड़ाई

    महाकाव्यों के युद्ध के दृश्य भी, जिन्हें किताबों में ही पढ़ना बेहतर है।

  • 02

    डूबते जहाज़ और तूफ़ान

    डूबने, जहाज़ टूटने या उफनते समुद्र की तस्वीरें।

  • 03

    रोती या अकेली आकृतियाँ

    उदासी, अकेलेपन या भीख माँगने के दृश्य वाली पेंटिंग।

  • 04

    उजाड़ या सूखती प्रकृति

    सूखे पेड़, रेगिस्तान और मुरझाते फूल।

  • 05

    आक्रामक जानवर

    शिकार करते या हमला करते जंगली जानवर।

  • 06

    अस्त-व्यस्त लगने वाली एब्स्ट्रैक्ट कला

    मॉडर्न आर्ट में कोई दिक्कत नहीं। बस ऐसी कलाकृतियाँ चुनें जो आपको और आपके परिवार को तालमेल भरी लगें।

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परिवार और पूर्वजों की तस्वीरें कहाँ लगाएँ?

परिवार की तस्वीरें लिविंग रूम या मुख्य बेडरूम के दक्षिण-पश्चिम में ठीक रहती हैं, जबकि दिवंगत पूर्वजों की तस्वीरें परंपरा से दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम की दीवार पर लगाई जाती हैं। दक्षिण-पश्चिम का संबंध स्थिरता और परिवार के पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते रहने से माना जाता है।

कई परिवार दिवंगत पूर्वजों की तस्वीरें न तो पूजा घर में देवी-देवताओं के साथ रखना पसंद करते हैं, न बेडरूम में। फ़्रेम साफ़ रखें, और अपनी परंपरा के अनुसार पुण्यतिथि पर फूल चढ़ाएँ या दीया जलाएँ। घर के जीवित, हँसते-मुस्कुराते सदस्यों की तस्वीरें उन कमरों में अपनापन ला सकती हैं जहाँ सब साथ बैठते हैं।

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कलाकृति को वास्तु उपाय की तरह कैसे इस्तेमाल करें?

किसी ज़ोन में जिस तत्व या रंग की कमी हो, उसे कलाकृति के ज़रिये वहाँ लाया जा सकता है, और इस तरह कला एक हल्के वास्तु उपाय का काम करती है। यह तरीका कलर थेरेपी से गहरा जुड़ा है।

उदाहरण के लिए, जहाँ उत्तर-पूर्व का टॉयलेट हटाया नहीं जा सकता, वहाँ दूसरे उपायों के साथ उसके बाहर (अंदर नहीं) पानी और कमल की शांत तस्वीर सुझाई जा सकती है। कमज़ोर लगते दक्षिण-पश्चिम को पहाड़ की पेंटिंग से सहारा दिया जा सकता है। किराये के फ़्लैट में जहाँ दीवारें रंगी नहीं जा सकतीं, वहाँ रंग जोड़ने का आसान तरीका कला है। ऐसे उपाय तब सबसे असरदार होते हैं जब उन्हें आपके घर के ज़ोन ठीक से समझकर चुना जाए, इसलिए सलाहकार की राय काम आती है।

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वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श कब लें

वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श तब लें जब आप नया घर सजा रहे हों, जब उपहार में मिली कलाकृति कहाँ लगाएँ यह समझ न आए, या जब आप कला को किसी बड़ी उपाय योजना का हिस्सा बनाना चाहते हों। डॉ. किमया पारिख-आंबेकर आपके ज़ोन का नक्शा बनाकर हर पीस के लिए थीम, रंग और दीवारें सुझा सकती हैं।

परामर्श अंधेरी ईस्ट के ऑफ़िस में, पूरे मुंबई में साइट विज़िट के ज़रिये, या आपके फ़्लोर प्लान और दीवारों व कलाकृतियों की फ़ोटो के आधार पर दूर से लिया जा सकता है।

सवाल

आम सवाल

वास्तु के अनुसार पूर्व की दीवार के लिए कौन-सी पेंटिंग अच्छी है?

पूर्व की दीवार के लिए उगता सूरज, हरा नज़ारा, पेड़ या उड़ते पक्षी ठीक रहते हैं। पूर्व को तरक्की और नई शुरुआत से जोड़ा जाता है, और ये तस्वीरें उसी से मेल खाती हैं।

सात घोड़ों की पेंटिंग कहाँ लगानी चाहिए?

दौड़ते घोड़ों की पेंटिंग आम तौर पर लिविंग रूम या ऑफ़िस की पूर्व या दक्षिण दीवार पर लगाई जाती है। ऐसी पेंटिंग चुनें जिसमें घोड़े शांत और खुश दिखें।

क्या बेडरूम में झरने की पेंटिंग लगाई जा सकती है?

झरने और बड़े पानी वाली पेंटिंग आम तौर पर बेडरूम में नहीं लगाई जातीं। वे लिविंग रूम की उत्तर की दीवार के लिए ठीक रहती हैं।

दिवंगत परिवारजनों की तस्वीरें कहाँ रखनी चाहिए?

दिवंगत पूर्वजों की तस्वीरें परंपरा से दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम की दीवार पर रखी जाती हैं, बेडरूम में नहीं और अक्सर पूजा घर में भी नहीं।

क्या वास्तु के अनुसार एब्स्ट्रैक्ट पेंटिंग बुरी होती हैं?

एब्स्ट्रैक्ट पेंटिंग अपने आप में बुरी नहीं होतीं। ऐसे पीस चुनें जिनके रंग आपस में मेल खाते हों और जिन्हें देखकर शांति लगे, और अस्त-व्यस्त या आक्रामक रचनाओं से बचें।

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