Skip to content

रेकी · 19 सितंबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें

शहर की भागदौड़ में तनाव से राहत के लिए रेकी

लंबा सफ़र, डेडलाइन और हर वक़्त बजता फ़ोन, शहर की ज़िंदगी आपको थका सकती है। जानिए तनाव के लिए रेकी कैसे काम करती है, सेशन में कैसा लगता है, और मुंबई के व्यस्त दिन में शांति लाने के आसान तरीक़े।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

शहर की भागदौड़ में तनाव से राहत के लिए रेकी

01

शहर की ज़िंदगी में इतना तनाव क्यों लगता है?

शहर की ज़िंदगी में तनाव इसलिए लगता है कि वह शरीर और मन को लगभग हर समय चौकन्ना रखती है: ट्रैफ़िक, भीड़ भरी ट्रेनें, शोर, लंबे घंटे, डेडलाइन और लगातार बजते फ़ोन। मुंबई जैसे शहर में तो आराम भी भागते-भागते किया हुआ लग सकता है।

समय के साथ इसका असर दिखने लग सकता है: कंधे तने रहते हैं, साँस उथली हो जाती है, नींद ख़राब होती है, चिड़चिड़ापन रहता है, या थके होने पर भी बेचैनी बनी रहती है। इन संकेतों को पहचानना पहला क़दम है। अगला क़दम है सच्चे आराम के कुछ पल नियमित रूप से निकालना, और यहीं रेकी जैसी प्रैक्टिस सहायक हो सकती है।

02

रेकी क्या है और यह तनाव में कैसे मदद कर सकती है?

रेकी जापान की रिलैक्सेशन और ऊर्जा-संतुलन की प्रैक्टिस है, जिसमें प्रैक्टिशनर हाथ हल्के से शरीर पर या थोड़ा ऊपर रखकर सार्वभौमिक जीवन-ऊर्जा देता है। यह नाम 'रे' (सार्वभौमिक) और 'की' (जीवन-ऊर्जा) से मिलकर बना है, और भारतीय सोच के प्राण (जीवन-ऊर्जा) से मिलता-जुलता है।

तनाव में रेकी मुख्य रूप से इस तरह काम करती है कि वह गहरे आराम और शांति का ऐसा अनुभव देती है जिसमें शरीर की रफ़्तार धीमी हो पाती है। इसमें न मालिश है, न दबाव, न दवा। कई लोग बाद में ख़ुद को ज़्यादा शांत, हल्का और संतुलित बताते हैं, और रात को उन्हें दिमाग बंद करना आसान लगता है। रेकी एक सहायक वेलनेस प्रैक्टिस है, और मेडिकल या मनोवैज्ञानिक स्थितियों का इलाज नहीं करती।

03

रेकी सेशन में क्या होता है?

रेकी सेशन में आप आराम से लेटे या बैठे रहते हैं और प्रैक्टिशनर सिर से पैरों तक की कई जगहों पर अपने हाथ हल्के से रखते हैं या ठीक ऊपर रखते हैं।

  • 01

    छोटी सी बातचीत

    आप बताते हैं कि आप क्या महसूस कर रहे हैं, जैसे तनाव, बेचैनी, कोई कठिन दौर, और कौन सा मेडिकल इलाज चल रहा है।

  • 02

    आराम से लेटना या बैठना

    आप कपड़े पहने हुए लेटते या बैठते हैं और आँखें बंद कर लेते हैं।

  • 03

    रेकी देना

    प्रैक्टिशनर धीरे-धीरे हाथों की जगह बदलता जाता है और आप बस आराम करते हैं।

  • 04

    धीरे से वापसी

    अंत में आप कुछ पल लेकर धीरे-धीरे सामान्य होते हैं, पानी पीते हैं और बताते हैं कि आपको कैसा लगा।

04

रेकी के दौरान लोग क्या महसूस करते हैं, और कितनी बार जाना चाहिए?

रेकी के दौरान लोगों को आम तौर पर गर्माहट, हल्की झनझनाहट, शरीर में भारीपन, गहरा रिलैक्सेशन या आधी नींद जैसा, बहता हुआ एहसास होता है। कुछ लोग सो जाते हैं, कुछ भावुक हो जाते हैं, और कुछ को उस समय ज़्यादा कुछ महसूस नहीं होता, पर दिन में आगे चलकर शांति महसूस होती है।

ये सारी प्रतिक्रियाएँ सामान्य हैं। आपको कुछ करना या हासिल करना नहीं है। सेशन बस आपके नर्वस सिस्टम के आराम करने का समय है, और शहर की व्यस्त दिनचर्या में ऐसा समय कम ही मिलता है।

तनाव के लिए रेकी कितनी बार करवानी है, यह आपकी ज़रूरत और दिनचर्या पर निर्भर करता है। इसका कोई तय शेड्यूल नहीं है। कुछ लोग किसी ख़ास मुश्किल दौर में एक सेशन बुक करते हैं, तो कुछ अपनी देखभाल के लिए इसे नियमित रखना पसंद करते हैं, जैसे हर हफ़्ते या दो हफ़्ते में एक बार।

हर सेशन के बाद देखें कि आपको कैसा लगा, और सेशन कितने-कितने दिन पर रखने हैं, इस पर अपने प्रैक्टिशनर से बात करें। सेशन के साथ रोज़ की कुछ आदतें जोड़ लें, जैसे कुछ मिनट धीमी साँसें, बिना स्क्रीन की शाम, बाहर खुले में कुछ समय। इससे दो सेशन के बीच शांति ज़्यादा देर टिकती है।

05

तनाव के लिए रेकी से किसे लाभ हो सकता है?

तनाव के लिए रेकी हर उस व्यक्ति के लिए ठीक हो सकती है जो रिलैक्स होने का ऐसा कोमल तरीक़ा चाहता हो जिसमें शरीर के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, जैसे:

  • 01

    नौकरीपेशा लोग

    जिनके काम के घंटे लंबे हैं, आना-जाना लंबा है और काम में दबाव ज़्यादा है।

  • 02

    विद्यार्थी

    परीक्षा की तैयारी करने वाले या कॉलेज और हॉस्टल की ज़िंदगी में ढलने वाले।

  • 03

    माता-पिता और देखभाल करने वाले

    बच्चों, बुज़ुर्गों या बीमार परिजनों की देखभाल करने वाले लोग।

  • 04

    बिज़नेस मालिक

    फ़ैसलों, पैसों और टीम को एक साथ संभालते उद्यमी।

  • 05

    बदलाव से गुज़रते लोग

    घर बदलने, नौकरी बदलने, किसी को खोने या पारिवारिक मुश्किल से गुज़र रहा कोई भी व्यक्ति।

06

क्या सेशन के बीच घर पर कुछ किया जा सकता है?

जी हाँ, सेशन के बीच रोज़ की आसान आदतें व्यस्त दिनों में भी तनाव को क़ाबू में रखने में मदद करती हैं।

  • 01

    पाँच मिनट की साँसें

    काम से पहले या सफ़र के बाद चुपचाप बैठें और धीरे-धीरे साँस लें: चार गिनती में अंदर, छह गिनती में बाहर।

  • 02

    एक शांत कोना

    एक छोटी सी जगह फ़ालतू सामान से ख़ाली रखें, हो सके तो उत्तर-पूर्व (ईशान्य) या पूर्व में, और वहाँ एक कुशन, पौधा या दीया रखें।

  • 03

    रात को स्क्रीन बंद

    सोने से कुछ देर पहले फ़ोन दूर रख दें, और सोते समय उसे पहुँच से बाहर रखें।

  • 04

    सोने की दिशा

    सिर दक्षिण या पूर्व की ओर करके सोएँ। चैन की नींद के लिए वास्तु की यही जानी-मानी सलाह है।

  • 05

    आवाज़ और ख़ुशबू

    हल्का मंत्र, सिंगिंग बाउल, या शाम को डिफ़्यूज़र में लैवेंडर तेल की कुछ बूँदें रिलैक्स होने में मदद कर सकती हैं।

  • 06

    सुबह की रोशनी

    खिड़कियाँ खोलें और कुछ मिनट दिन की रोशनी में बिताएँ, ताकि शरीर की लय फिर से ठीक बैठ जाए।

07

आपका घर और ऑफ़िस रोज़ के तनाव को कैसे कम कर सकते हैं?

आपका घर और ऑफ़िस तब रोज़ का तनाव कम करते हैं जब वे रोशन, व्यवस्थित और शांत लगें। सामान का ढेर, कम रोशनी और शोर दबाव का एहसास बढ़ाते हैं, इसलिए डेस्क साफ़ करना, प्राकृतिक रोशनी आने देना और एक हरा-भरा पौधा रखना साफ़ फ़र्क़ ला सकता है।

ऑफ़िस में कोशिश करें कि उत्तर या पूर्व की ओर मुँह करके बैठें और पीछे ठोस दीवार हो। घर में ब्रह्मस्थान (घर का केंद्र) खुला और फ़ालतू सामान से ख़ाली रखें। रेकी वास्तु, यानी जगह को दी गई रेकी, उन घरों और ऑफ़िस को ताज़ा करने के लिए भी इस्तेमाल होती है जो किसी कठिन दौर के बाद भारी लगते हैं।

08

तनाव की बात डॉक्टर से कब करनी चाहिए?

तनाव की बात डॉक्टर या मानसिक-स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तब करनी चाहिए जब वह लगातार रहे, आपकी नींद, भूख, सेहत, काम या रिश्तों पर असर डाले, या पैनिक, बर्नआउट या ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने के ख़याल तक ले जाए। रेकी इस देखभाल के साथ चल सकती है, लेकिन उसका विकल्प नहीं है।

जो दवा या थेरेपी आपको बताई गई है, उसे जारी रखें। अगर आप परेशान हैं, तो कृपया किसी मानसिक-स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में आप मुफ़्त Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 (या 1-800-891-4416) पर कॉल कर सकते हैं, जो 24×7 उपलब्ध है।

09

रेकी सेशन कब बुक करें

रेकी सेशन तब बुक करें जब आप व्यस्त दिनचर्या से नियमित, आराम भरा विराम चाहते हों, या जब आप ख़ास तौर पर तनाव भरे दौर से गुज़र रहे हों और कोमल सहारा चाहते हों। डॉ. किमया पारिख-आंबेकर मुंबई के अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस में आमने-सामने रेकी करती हैं, और जो लोग यात्रा नहीं कर सकते उनके लिए डिस्टेंस रेकी भी।

वे व्यक्तिगत रेकी को आपके घर या ऑफ़िस के रेकी वास्तु के साथ भी जोड़ सकती हैं, ताकि आप भी हल्का महसूस करें और आपके आसपास की जगह भी। ॐ शान्तिः (ओम शांति)।

सवाल

आम सवाल

क्या रेकी सच में तनाव में मदद करती है?

कई लोगों का अनुभव है कि रेकी से वे ज़्यादा रिलैक्स महसूस करते हैं और तनाव कम लगता है, मुख्य रूप से इसलिए कि इसमें बिना किसी रुकावट के गहरा आराम मिलता है। हर किसी का अनुभव अलग होता है, और यह मेडिकल देखभाल के साथ सहायक है, उसका विकल्प नहीं।

तनाव से राहत के लिए कितने रेकी सेशन चाहिए?

तनाव से राहत के लिए रेकी सेशन की कोई तय संख्या नहीं है। कुछ लोग एक सेशन के बाद शांत महसूस करते हैं, जबकि कुछ मुश्किल दौर में नियमित सेशन पसंद करते हैं।

क्या रेकी सुरक्षित है?

रेकी एक कोमल प्रैक्टिस है, जिसमें शरीर के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होती, आप कपड़े पहने रहते हैं और कोई दबाव नहीं डाला जाता। डॉक्टर का बताया पूरा इलाज इसके साथ जारी रखें।

क्या लंच ब्रेक में रेकी हो सकती है?

लंच ब्रेक में छोटा डिस्टेंस रेकी सेशन या किसी शांत जगह पर कुछ मिनट धीमी साँसें लेना हो सकता है। पूरा आमने-सामने सेशन तब ज़्यादा आराम देता है जब उसके बाद आपको कहीं भागना न हो।

रेकी और मेडिटेशन में क्या फ़र्क़ है?

मेडिटेशन में अपने ध्यान को आप ख़ुद दिशा देते हैं, जबकि रेकी में प्रैक्टिशनर ऊर्जा देता है और आप बस आराम करते हैं। कई लोगों को लगता है कि दोनों साथ में अच्छे चलते हैं।

यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?

मुफ़्त परामर्श बुक करें

और पढ़ें

सेल्फ़ रेकी: रोज़ की एक सरल दिनचर्यारेकी

सेल्फ़ रेकी: रोज़ की एक सरल दिनचर्या

घर पर की जा सकने वाली 10–15 मिनट की शांत सेल्फ़ रेकी दिनचर्या: कौन इसे कर सकता है, हाथ रखने की सात जगहें, दिन में इसे कब करें, लोग आमतौर पर क्या महसूस करते हैं, और इसकी सीमाएँ कहाँ हैं।

डिस्टेंस रेकी: जब आप कमरे में नहीं होते, तब सेशन कैसे चलता हैरेकी

डिस्टेंस रेकी: जब आप कमरे में नहीं होते, तब सेशन कैसे चलता है

यह उन लोगों के लिए है जो मुंबई से बाहर हैं, विदेश में हैं, घर से निकल नहीं सकते या जिनके पास समय ही नहीं है। डिस्टेंस सेशन कैसे तय होता है, आपको अपनी ओर से क्या करना है, क्या उम्मीद रखें, और यह कैसे परखें कि प्रैक्टिशनर आपसे साफ़ और सच्ची बात कर रही हैं या नहीं।

परीक्षा का तनाव: सचमुच किससे मदद मिलती है, और रेकी की जगह कहाँ हैरेकी

परीक्षा का तनाव: सचमुच किससे मदद मिलती है, और रेकी की जगह कहाँ है

बोर्ड परीक्षाएँ फ़रवरी से सिर पर होती हैं। तनाव में आए विद्यार्थी को सचमुच किससे मदद मिलती है: नींद, पढ़ाई का कोना, माता-पिता का व्यवहार। और इन सबके बीच आराम देने वाली प्रैक्टिस की छोटी-सी जगह, ईमानदारी से।

डॉ. किमया से पूछें

अपना नंबर दीजिए, डॉ. किमया की टीम आपको वापस कॉल करेगी। पहली कॉल मुफ़्त है।

कॉल अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी या गुजराती में हो सकती है।

Google पर 5.0 रेटिंग · 15 रिव्यू