त्योहार और अनुष्ठान · 5 अक्टूबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें
दशहरा और कुछ नया शुरू करने का वास्तु
दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को है और परंपरा से इसे शुरुआत के लिए शुभ दिन माना जाता है। क्या हटाएँ, नई ख़रीदी चीज़ कहाँ रखें, और जिस डेस्क पर आप नई शुरुआत कर रहे हैं, उसे कैसे लगाएँ।
लेखिका: डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

01
दशहरे को शुरुआत का दिन क्यों माना जाता है
दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को है, और इसी के साथ नवरात्रि की नौ रातें पूरी होती हैं। हिंदू पंचांग में यह उन दिनों में से है जिन्हें परंपरा से अपने आप में शुभ माना जाता है। इसीलिए लोग इस दिन अलग से मुहूर्त (शुभ समय) देखे बिना गाड़ी ख़रीदते हैं, बही-खाते खोलते हैं, पढ़ाई शुरू करते हैं और कारोबार रजिस्टर करवाते हैं।
आप यह बात मानें या न मानें, इसका व्यावहारिक असर सचमुच होता है। जब एक तय तारीख को आपके आसपास सब लोग शुरुआत का दिन मानते हैं, तो जो काम अब तक रुका पड़ा था, उसे सचमुच शुरू कर देने के लिए वह अच्छा दिन है।
02
नया लाने से पहले जो ख़त्म हो चुका है, उसे हटाएँ
किसी भी नई शुरुआत के लिए वास्तु की सबसे पहली सलाह बड़ी सीधी-सादी है। किसी चीज़ को लाने से पहले उसके लिए जगह बनानी पड़ती है, और ज़्यादातर घरों में नई चीज़ की राह में रुकावट बस यही होती है कि उसे रखने की जगह ही नहीं है।
दशहरे से पहले एक बार देख लें कि घर में ऐसा क्या-क्या है जिसका समय पूरा हो चुका है।
- पूरे हो चुके काम के काग़ज़ और फ़ाइलें: जो ज़रूरी है उसे स्कैन कर लें, बाकी हटा दें।
- वे कपड़े और जूते जो साल भर से नहीं पहने गए और आगे भी नहीं पहने जाएँगे।
- वह टूटी चीज़ जो इस सोच से रखी है कि शायद ठीक हो जाए। वह ठीक नहीं होगी।
- दरवाज़े के पास वाली दराज़ में पड़ी पुरानी चाबियाँ, एक्सपायर हो चुके कार्ड और बंद फ़ोन।
03
नई ख़रीदी हुई चीज़ कहाँ रखनी चाहिए?
दशहरे पर ख़रीदी गई गाड़ियाँ, गहने, वाद्य और औज़ार परंपरा से पहले घर वालों को दिखाए जाते हैं, और फिर उन्हें जहाँ-तहाँ पड़ा नहीं छोड़ा जाता, एक पक्की जगह दी जाती है।
जो भी क़ीमती चीज़ घर में ही रहनी है, उसके लिए परंपरा से दक्षिण-पश्चिम का ज़ोन माना गया है, जो घर का सबसे भारी और सबसे स्थिर कोना है। आमतौर पर लॉकर या अलमारी दक्षिण-पश्चिम में रखी जाती है और उत्तर की ओर खुलती है। गाड़ी की पार्किंग के लिए आमतौर पर उत्तर-पश्चिम को पसंद किया जाता है, क्योंकि यह गति से जुड़ा ज़ोन है।
04
जिस डेस्क पर नई शुरुआत कर रहे हैं, उसे कैसे लगाएँ
अगर नई शुरुआत काम की है, जैसे कारोबार, कोई कोर्स या घर से नौकरी, तो डेस्क पर की गई किसी भी पूजा-विधि से ज़्यादा मायने ख़ुद डेस्क रखती है।
उत्तर या पूर्व की ओर मुँह करके बैठें। पीठ के पीछे ठोस दीवार हो, खिड़की या खुला दरवाज़ा नहीं। पीठ पीछे सहारा होने का एहसास सिर्फ़ प्रतीक भर नहीं है; यही वह बदलाव है जिसका फ़र्क लोगों को सबसे जल्दी महसूस होता है। सामने मेज़ पर इतनी जगह ख़ाली रखें कि उस पर सचमुच काम हो सके, और भारी स्टोरेज अपने दक्षिण या पश्चिम में रखें।
- पैसे, सौदे की बातचीत या स्थिर तरक्की वाले काम के लिए उत्तर की ओर मुँह रखें।
- पढ़ाई, सीखने और एकाग्रता वाले हर काम के लिए पूर्व की ओर मुँह रखें।
- दरवाज़े की ओर पीठ करके या सीधे बीम के नीचे बैठने से बचें।
- पानी, यानी एक गिलास या छोटा कटोरा, डेस्क के उत्तर-पूर्व में रखें, इलेक्ट्रॉनिक सामान के पास नहीं।
05
कारोबार रजिस्टर करवाना या कुछ साइन करना
अगर कोई कारोबार औपचारिक रूप से शुरू हो रहा है, तो आम चलन यह है कि काग़ज़ात जमा होने तक उन्हें घर या ऑफ़िस के उत्तर या उत्तर-पूर्व में रखा जाए, और हस्ताक्षर उत्तर या पूर्व की ओर मुँह करके किए जाएँ।
पर कारोबार चलेगा या नहीं, यह जिन बातों से सचमुच तय होता है, उनकी जगह इनमें से कोई चीज़ नहीं ले सकती: समझौता ठोस हो, हिसाब-किताब सही बैठे, और किसी योग्य अकाउंटेंट या वकील की सलाह ली जाए। वास्तु को माहौल समझें, रणनीति नहीं।
06
उस दिन क्या न करें
दो बातें साफ़-साफ़ कह देनी चाहिए। पहली: ज़रूरत न हो और सिर्फ़ तारीख शुभ होने की वजह से कोई महँगी चीज़ ख़रीद लेना वास्तु का सिद्धांत नहीं है। यह मार्केटिंग है, और अक्टूबर में इसकी भरमार रहती है।
दूसरी: शुरुआत का दिन अच्छा होने से तैयारी की कमी पूरी नहीं हो जाती। अगर योजना पूरी नहीं हुई है, तो दशहरा अगले साल फिर आएगा।
सवाल
आम सवाल
क्या दशहरा 2026 घर ख़रीदने के लिए अच्छा दिन है?
परंपरा से इसे बड़ी ख़रीदारी के लिए शुभ माना जाता है, और कई लोग इस दिन प्रॉपर्टी बुक भी करते हैं। फिर भी बुकिंग किस तारीख को हुई, इससे कहीं ज़्यादा मायने प्रॉपर्टी का अपना वास्तु रखता है, इसलिए पक्का करने से पहले फ़्लैट की जाँच करवा लें।
दशहरे पर नया काम शुरू करते समय मुख किस दिशा में रखें?
उत्तर या पूर्व की ओर। पैसे से जुड़े किसी भी काम के लिए आमतौर पर उत्तर चुना जाता है, और पढ़ाई व सीखने के लिए पूर्व।
वास्तु के अनुसार नई गाड़ी कहाँ पार्क करनी चाहिए?
उत्तर-पश्चिम गति से जुड़ा परंपरागत ज़ोन है और आमतौर पर इसे ही पसंद किया जाता है। मुंबई की बिल्डिंग में पार्किंग स्लॉट चुनने का मौक़ा कम ही मिलता है, इसलिए इसे नियम नहीं, एक पसंद की तरह लें।
अगर मैं दशहरे पर शुरू करूँ, तो क्या अलग से मुहूर्त चाहिए?
दशहरे को परंपरा से उन दिनों में गिना जाता है जो अपने आप में शुभ माने जाते हैं, और ठीक इसी वजह से इस दिन अलग से मुहूर्त निकाले बिना नए काम शुरू किए जाते हैं।
क्या नवरात्रि के बाद दशहरे के लिए घर की फिर से सफ़ाई करनी चाहिए?
अगर घर नवरात्रि से पहले तैयार कर लिया गया था, तो पूरी सफ़ाई की ज़रूरत नहीं है। दशहरे के हिस्से का काम बस इतना है कि जो पूरा हो चुका है, जैसे पुराने काग़ज़ और ख़त्म हो चुके प्रोजेक्ट, उसे हटा दें।
यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?
मुफ़्त परामर्श बुक करें

