सेहत और खुशहाली · 19 सितंबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें
ज़िंदगी अटकी-सी लग रही है? घर में ऊर्जा की रुकावटें और उन्हें कैसे दूर करें
जब ज़िंदगी अटकी-सी लगे, तो कभी-कभी घर भी अटका-सा लगता है। वास्तु में घर की आम ऊर्जा रुकावटें, जैसे कबाड़, अँधेरे कोने, सामान से घिरा प्रवेश, टूटी चीज़ें, और उन्हें दूर करने के सहज तरीके।
लेखिका: डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

01
घर में ऊर्जा की रुकावटें क्या होती हैं?
घर में ऊर्जा की रुकावटें वे जगहें हैं जहाँ, वास्तु के अनुसार, प्राण (जीवन ऊर्जा) खुलकर नहीं चल पाता। जैसे रास्ते में कचरे का ढेर अड़ जाए तो नदी धीमी पड़कर ठहर जाती है, वैसे ही माना जाता है कि कबाड़, अँधेरे, सीलन और अनदेखी के आसपास घर की ऊर्जा धीमी पड़ जाती है।
आपको ये ऐसे कोनों में दिख सकती हैं जहाँ जाने का मन नहीं करता, ऐसे कमरों में जो भारी लगते हैं, या ऐसी जगहों में जहाँ सामान जमा होता ही रहता है। लोग अक्सर बताते हैं कि बस एक धुँधला-सा एहसास रहता है कि सब कुछ 'अटका' हुआ है: योजनाएँ आगे नहीं बढ़तीं, घर में मन उदास रहता है, या लगता है कि यह जगह साथ नहीं दे रही।
02
क्या सचमुच घर की वजह से ज़िंदगी अटकी-सी लग सकती है?
आप कैसा महसूस करते हैं, इस पर घर का असर पड़ सकता है, हालाँकि अटके होने के एहसास की अकेली वजह घर शायद ही कभी होता है। कबाड़ से भरी, अँधेरी या बेतरतीब जगह में आराम करना, ध्यान लगाना और कुछ नया शुरू करना मुश्किल हो सकता है, और कई लोग आसपास की जगह साफ़ करने के बाद हल्का महसूस करते हैं।
अटके होने का एहसास काम के दबाव, रिश्तों, पैसों, सेहत या ज़िंदगी के किसी कठिन दौर से भी आ सकता है। वास्तु और जगह की शुद्धि सहारे का बस एक हिस्सा हैं; ये काउंसलिंग, इलाज या व्यावहारिक मदद का विकल्प नहीं, उनके साथ सहायक हैं। अगर आप मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, तो कृपया किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में आप मुफ़्त Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 (या 1-800-891-4416) पर कॉल कर सकते हैं, जो 24×7 उपलब्ध है।
03
घर में ऊर्जा की रुकावट के आम संकेत क्या हैं?
ऊर्जा की रुकावट के आम संकेत हैं: कबाड़ जो हटता ही नहीं, टूटी चीज़ें जिनकी मरम्मत नहीं हुई, अँधेरे या सीलन भरे कोने, और वे जगहें जहाँ कोई जाना नहीं चाहता। एक बार ध्यान से देखने लगें तो इन्हें पहचानना आमतौर पर आसान होता है।
01
बार-बार लौट आने वाला कबाड़
उन्हीं जगहों पर काग़ज़ों, बैगों, जूतों या बेकार चीज़ों के ढेर।
02
टूटी या बंद पड़ी चीज़ें
बंद घड़ियाँ, फ़्यूज़ बल्ब, टपकते नल, चटके शीशे, अटकने वाले दरवाज़े।
03
अँधेरे, सीलन भरे कोने
जहाँ रिसाव, फफूँद या रोशनी की कमी हो।
04
सूखे या मुरझाते पौधे
गमलों में सूखते छोड़ दिए गए पौधे।
05
सामान से घिरा मुख्य द्वार
मुख्य दरवाज़े के आसपास ठुँसे जूतों के रैक, कार्टन या फ़र्नीचर।
06
भारी उत्तर-पूर्व या केंद्र
जिन ज़ोन को सबसे हल्का होना चाहिए, उनमें स्टोरेज या कबाड़।
04
घर के किन हिस्सों को सबसे पहले जाँचना चाहिए?
सबसे पहले मुख्य द्वार, उत्तर-पूर्व और केंद्र को जाँचें, क्योंकि वास्तु इन्हें ऊर्जा के प्रवाह के लिए सबसे अहम मानता है।
01
मुख्य द्वार
घर का मुँह, जिससे ऊर्जा और अवसर भीतर आते हैं। इसे साफ़ और रोशन रखें, सामने कोई रुकावट न हो, और दरवाज़ा आसानी से खुले।
02
उत्तर-पूर्व
उत्तर-पूर्व (ईशान्य), जो जल तत्व, स्पष्टता और नई शुरुआत से जुड़ा है। इसे हल्का और खुला रखें, और यहाँ कबाड़ न जमने दें।
03
केंद्र
ब्रह्मस्थान (केंद्र), घर की साँस लेने की जगह। इसे खुला और हल्का रखें।
04
बिस्तर के नीचे और दरवाज़ों के पीछे
छिपी हुई स्टोरेज की जगहें, जहाँ भूली हुई चीज़ें चुपचाप जमा होती रहती हैं।
05
लॉफ़्ट और स्टोर रूम
अक्सर वहाँ सालों से 'कभी काम आएगा' सोचकर रखी चीज़ें भरी होती हैं।
05
ऊर्जा की रुकावटों को क़दम-दर-क़दम कैसे दूर करें?
ऊर्जा की रुकावटें एक ही दिन में पूरे घर से हटाने की कोशिश न करें; एक-एक हिस्सा लेकर, क़दम-दर-क़दम चलें। थोड़ा-थोड़ा करके लगातार आगे बढ़ना निभाना आसान रहता है।
01
1. कबाड़ हटाएँ
एक दराज़, एक शेल्फ़ या मुख्य द्वार से शुरू करें। रखें, दान करें, रिसाइकल करें या फेंक दें।
02
2. मरम्मत करें
टपकते नल ठीक करें, फ़्यूज़ बल्ब बदलें, बंद घड़ियाँ चालू करें या हटा दें, अटकने वाले कब्ज़ों में तेल डालें।
03
3. रोशनी और हवा आने दें
रोज़ सुबह उत्तर और पूर्व की खिड़कियाँ खोलें और अँधेरे कोनों को लैम्प से रोशन करें।
04
4. अच्छी तरह सफ़ाई करें
धूल झाड़ें, पोंछें और पोछा लगाएँ; पोछे के पानी में थोड़ा समुद्री नमक डाल लें।
05
5. ध्वनि से शुद्धि करें
हर कमरे में चलते हुए घंटी बजाएँ, कोनों में ताली बजाएँ या हल्का जाप चलाएँ।
06
6. प्रकृति से ताज़गी लाएँ
सूखे पौधों की जगह स्वस्थ पौधे लगाएँ और ताज़े फूल लाएँ।
07
7. संकल्प लें
पूजा की जगह पर सुरक्षित ढंग से दीया जलाएँ और मन ही मन कहें कि आप अपनी ज़िंदगी में किस चीज़ को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।
06
ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने में कौन-से आसान उपाय मदद करते हैं?
मुख्य रुकावटें दूर कर लेने के बाद नमक, ध्वनि, रोशनी और ताज़ी हवा जैसे आसान और नियमित उपाय ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने में मदद करते हैं। ये उपाय बिना तोड़-फोड़ के हैं और मुंबई के हर फ़्लैट में चलते हैं।
01
नमक के कटोरे
किसी भारी लगने वाले कोने में समुद्री नमक का छोटा कटोरा, जिसे हर एक-दो हफ़्ते में बदलें।
02
हफ़्ते में नमक वाला पोछा
पोछे के पानी में एक चुटकी समुद्री नमक।
03
सुबह की धूप
रोज़ सुबह पूर्व की ओर के परदे खोलें।
04
क्रिस्टल
स्पष्टता के लिए क्लियर क्वार्ट्ज़ या शांति के लिए एमेथिस्ट, शुद्ध करके और सोच-समझकर रखे हुए।
05
'एक आए, एक जाए' की आदत
जब कोई नई चीज़ आए, तो कोई पुरानी चीज़ निकाल दें।
07
अगर सफ़ाई के बाद भी घर भारी लगे तो?
अगर कबाड़ हटाने और सफ़ाई के बाद भी घर भारी लगे, तो अगला क़दम है लेआउट और जगह की शुद्धि को ज़्यादा गहराई से देखना। कुछ रुकावटें ज़ोन के इस्तेमाल से आती हैं, जैसे उत्तर-पूर्व में टॉयलेट, ऐसे ज़ोन में रसोई जो उसके लिए ठीक नहीं, या बेचैन करने वाली दिशा में बेडरूम, और इनके लिए उसी घर के हिसाब से तय किए गए उपाय चाहिए।
ऐसे मामलों में डॉ. किमया दो तरीके अपनाती हैं: नकारात्मक ऊर्जा हटाना और रेकी वास्तु। रेकी वास्तु ध्यान पर आधारित स्कैन से शुरू होता है, जिससे भारी ज़ोन महसूस किए जाते हैं, फिर उन जगहों में रेकी पहुँचाई जाती है और क्रिस्टल व पिरामिड जैसे उपाय सक्रिय किए जाते हैं। इनमें से किसी के लिए भी ढाँचे में बदलाव की ज़रूरत नहीं होती।
08
वास्तु विशेषज्ञ से कब परामर्श करें
वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श के बारे में तब सोचें जब आपकी कोशिशों के बावजूद घर में भारीपन का एहसास बना रहे, किसी ख़ास कमरे में एक ही तरह की समस्याएँ बार-बार होती दिखें, या जब आप किसी कठिन दौर से निकले हों और उसे पीछे छोड़ना चाहते हों।
डॉ. किमया पारिख-आंबेकर वास्तु परामर्श, नकारात्मक ऊर्जा हटाने और रेकी वास्तु की सेवाएँ देती हैं; अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस से पूरे मुंबई में साइट पर जाकर, या फ़्लोर प्लान और तस्वीरों के आधार पर दूर से। उपाय आपके घर के हिसाब से तय होते हैं, बिना तोड़-फोड़ के होते हैं, और बाद में उनका फ़ॉलो-अप भी किया जाता है।
सवाल
आम सवाल
मुझे कैसे पता चले कि मेरे घर में नकारात्मक ऊर्जा है?
आम संकेत हैं: ऐसे कमरे जो भारी लगते हैं, कबाड़ जो हटता ही नहीं, टूटी चीज़ें, अँधेरे या सीलन भरे कोने, और वे जगहें जहाँ कोई जाना नहीं चाहता। पहले क़दम हैं कबाड़ हटाना, सफ़ाई करना और रोशनी व हवा आने देना।
वास्तु के अनुसार मुझे कितनी बार घर का कबाड़ हटाना चाहिए?
ज़्यादातर घरों में हर हफ़्ते थोड़ा कबाड़ हटाना और हर मौसम में एक बार अच्छी तरह छँटाई करना ठीक रहता है। दिवाली जैसे त्योहार पूरी सफ़ाई के पारंपरिक मौक़े हैं।
क्या नमक सचमुच नकारात्मक ऊर्जा हटाता है?
वास्तु में परंपरा से भारीपन सोखने के लिए नमक का इस्तेमाल होता है: नमक के कटोरे रखकर और नमक वाले पानी से पोछा लगाकर। कई लोगों को यह एक आसान और मन को शांत करने वाली रीति लगती है; इसका सबसे ज़्यादा फ़ायदा तब होता है जब साथ में कबाड़ हटाया जाए और सफ़ाई की जाए।
क्या बिस्तर के नीचे का कबाड़ नींद पर असर डाल सकता है?
वास्तु बिस्तर के नीचे की जगह साफ़ और हल्की रखने की सलाह देता है, क्योंकि वहाँ का भारी कबाड़ बेचैनी से जुड़ा माना जाता है। अगर नींद की समस्या बनी रहे, तो कृपया डॉक्टर से मिलें।
घर की ऊर्जा को ताज़ा करने का सबसे तेज़ तरीका क्या है?
खिड़कियाँ खोलें, मुख्य द्वार से सामान हटाएँ, फ़्यूज़ बल्ब बदलें, थोड़े समुद्री नमक से पोछा लगाएँ और हर कमरे में घंटी बजाएँ। इनमें ज़्यादा समय नहीं लगता और घर का माहौल साफ़ तौर पर बदला हुआ लगता है।
यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?
मुफ़्त परामर्श बुक करें