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वास्तु टिप्स · 8 अक्टूबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें

वास्तु के अनुसार नए साल पर घर का रीसेट

वास्तु के अनुसार नए साल के लिए एक वीकेंड में, ज़ोन-दर-ज़ोन घर का रीसेट। शुरुआत मुफ़्त कदमों से करें: प्रवेश, उत्तर-पूर्व, केंद्र, दक्षिण-पश्चिम, रसोई और हर टूटी या बंद पड़ी चीज़।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

वास्तु के अनुसार नए साल पर घर का रीसेट

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वास्तु के अनुसार नए साल के लिए अपना घर कैसे रीसेट करें?

नए साल के लिए घर का रीसेट एक वीकेंड में, एक-एक ज़ोन करके किया जाता है, और शुरुआत उन कदमों से होती है जिनमें कोई खर्च नहीं। पहले सामान हटाना, सफ़ाई और मरम्मत; खरीदारी सबसे आख़िर में, और वह भी तभी जब सचमुच ज़रूरत हो।

एक सीधी योजना यह है कि शनिवार को प्रवेश, उत्तर-पूर्व और केंद्र निपटाएँ, और रविवार को दक्षिण-पश्चिम, रसोई और मरम्मत। आख़िर में कुछ मिनट शांति से बैठकर अपना संकल्प लिखें।

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मुख्य प्रवेश पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?

सबसे पहले मुख्य प्रवेश को खाली और साफ़ करें, क्योंकि वास्तु में मुख्य द्वार वह जगह है जहाँ से ऊर्जा और अवसर घर में आते हैं। दरवाज़ा पूरा खुले और सामने रोशन, सलीके से रखी जगह दिखे, तो बाकी पूरे घर का माहौल वहीं से बन जाता है।

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    जूते

    बिखरे जूते-चप्पल दरवाज़े के एक ओर बंद रैक में रख दें।

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    दरवाज़ा

    उसे पोंछें, कब्ज़ों में तेल डालें और हैंडल कस दें ताकि वह आसानी से और बिना आवाज़ के खुले।

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    नेम प्लेट और घंटी

    नेम प्लेट साफ़ करें और देख लें कि डोरबेल चलती है।

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    रोशनी

    दरवाज़े के बाहर का धीमा या फ़्यूज़ बल्ब बदल दें।

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घर के उत्तर-पूर्व को कैसे ताज़ा करें?

उत्तर-पूर्व को ताज़ा करने के लिए उसमें से हर भारी या बेकार चीज़ हटाएँ और उसे साफ़, हल्का और रोशन रखें। ईशान्य (उत्तर-पूर्व) जल तत्व का ज़ोन है और परंपरा से स्पष्टता और प्रार्थना से जुड़ा है।

पूजा की शेल्फ़ की धूल झाड़ें, दीया धोएँ, और सूखे फूल तथा धूपबत्ती की पुरानी राख हटा दें। इस कोने में रखे कार्टन, पुराने जूते, कूड़ेदान और झाड़ू निकाल दें। मुंबई के कई फ़्लैटों में उत्तर-पूर्व में बालकनी या खिड़की होती है; काँच साफ़ करें और सुबह की रोशनी को अंदर आने दें।

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केंद्र और दक्षिण-पश्चिम में क्या करना चाहिए?

घर का केंद्र खुला रखें और दक्षिण-पश्चिम को स्थिर और व्यवस्थित बनाएँ। केंद्र ब्रह्मस्थान है, जो आकाश तत्व का ज़ोन है, और दक्षिण-पश्चिम पृथ्वी का ज़ोन है, जो स्थिरता और आराम से जुड़ा है।

केंद्र से वह सब हटाएँ जो धीरे-धीरे वहाँ आकर जम गया है: कपड़े सुखाने का स्टैंड, जूतों का ढेर, पार्सलों का ढेर या फ़ालतू कुर्सी। छोटे फ़्लैट में फ़र्श का थोड़ा-सा खाली हिस्सा भी काफ़ी है।

दक्षिण-पश्चिम में, जो आमतौर पर मुख्य बेडरूम या स्टोरेज वाली दीवार होती है, अलमारी छाँटें। जो कपड़े लंबे समय से नहीं पहने, उन्हें किसी को दे दें, बिस्तर के नीचे रखा सामान निकालें और वह जगह पोंछ दें।

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रसोई में अग्नि और पानी को संतुलित कैसे करें?

रसोई में अग्नि और पानी को संतुलित करने के लिए चूल्हे और सिंक को साफ़, चालू हालत में और एक-दूसरे से थोड़ा हटकर रखें। वास्तु में चूल्हा अग्नि तत्व का और सिंक जल का प्रतीक है, और जहाँ तक हो सके, दोनों को अगल-बगल नहीं रखा जाता।

फ़्लैट में लगा हुआ प्लेटफ़ॉर्म आप खिसका नहीं सकते, इसलिए जो है उसी से काम चलाएँ। बर्नर तब तक साफ़ करें जब तक लौ नीली और एक-सी न जले। टपकता नल ठीक करवाएँ। अगर चूल्हा और सिंक बगल-बगल हैं, तो उनके बीच थोड़ी जगह, लकड़ी का तख़्ता या एक पौधा रखें। फिर शेल्फ़ों से एक्सपायर हो चुके पैकेट निकाल दें।

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टूटी चीज़ों, बंद घड़ियों और पुराने कैलेंडर का क्या करें?

टूटी चीज़ें ठीक करवाएँ या हटा दें, बंद घड़ियाँ चालू करें या हटा दें, और पुराने कैलेंडर उतार दें। वास्तु में कहा जाता है कि ये चीज़ें घर को बीते हुए पल में अटकाए रखती हैं।

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    बंद घड़ियाँ

    नया सेल डालें; अगर घड़ी फिर भी न चले, तो उसे हटा दें।

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    चटके काँच और आईने

    किनारे से टूटे आईने, चटके फ़ोटो फ़्रेम और टूटे बर्तन बदल दें।

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    पुराने कैलेंडर और डायरियाँ

    पिछले साल का कैलेंडर उतारें; सिर्फ़ वही पन्ने रखें जिनकी सच में ज़रूरत है।

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साल के लिए संकल्प क्यों लिखना चाहिए?

संकल्प लिखने से साफ़ किए हुए घर को दिशा मिलती है, ताकि रीसेट सिर्फ़ सफ़ाई का नहीं, इस बात का भी हो कि आप कैसे जीना चाहते हैं। भारतीय परंपरा में इस इरादे को संकल्प कहा जाता है।

उसे एक-दो सच्ची पंक्तियों में, अपने शब्दों में लिखें: घर में ज़्यादा शांति, परिवार के साथ नियमित भोजन, नियमित पढ़ाई, बेहतर आराम। पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करके बैठें, उसे साफ़ पन्ने पर लिखें और पूजा की जगह में या अपनी डायरी के अंदर रखें। वास्तु मेहनत में सहायक है; उसका विकल्प नहीं।

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वास्तु विशेषज्ञ से कब मिलें

वास्तु विशेषज्ञ से तब मिलें जब रीसेट के बाद भी कुछ अटका-सा लगे, या जब टॉयलेट, रसोई या प्रवेश ऐसे ज़ोन में पड़ता हो जिसे आप बदल नहीं सकते। मुफ़्त वास्तु स्कोर टूल से पहला अंदाज़ा मिल जाता है कि आपके घर की स्थिति कैसी है।

VastuKimaya, अंधेरी ईस्ट, मुंबई की डॉ. किमया पारिख-आंबेकर घरों और फ़्लैटों के लिए साइट पर आकर और दूर से, दोनों तरह परामर्श देती हैं। उनके उपाय बिना तोड़-फोड़ वाले होते हैं, इसलिए वे किराये और सोसाइटी के फ़्लैटों के लिए ठीक रहते हैं, और उन्हें लिखित रिपोर्ट में समझाया जाता है।

सवाल

आम सवाल

नए साल से पहले मुझे घर से क्या हटाना चाहिए?

नए साल से पहले टूटे बर्तन, चटके आईने, बंद घड़ियाँ, सूख चुके पौधे, एक्सपायर हो चुका खाना और दवाइयाँ, पुराने कैलेंडर और बेकार हो चुके गैजेट हटा दें। जो कपड़े और बर्तन अच्छी हालत में हैं पर आप इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें किसी को दे दें। इससे जगह खाली होती है और घर को साफ़ रखना और उसमें रहना आसान हो जाता है।

नया कैलेंडर किस दिशा में टाँगना चाहिए?

नया कैलेंडर परंपरा से घर की उत्तर या पूर्व की दीवार पर टाँगा जाता है। कई लोग कैलेंडर दक्षिण की दीवार पर और दरवाज़े के पीछे नहीं टाँगते। नया कैलेंडर पुराने के ऊपर न टाँगें, पिछले साल का उतार दें, और शांत, सुखद तस्वीर वाला चुनें।

क्या वास्तु के अनुसार बंद घड़ी ख़राब होती है?

परंपरा में कहा जाता है कि बंद घड़ी घर में गति को रोकती है, इसलिए वास्तु उसे ठीक करवाने या हटाने की सलाह देता है। दीवार घड़ियाँ आमतौर पर उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगाई जाती हैं। बंद घड़ी से डरने की कोई बात नहीं; बस इसी वीकेंड सेल बदल दें।

क्या किराये के फ़्लैट में वास्तु रीसेट किया जा सकता है?

हाँ, वास्तु रीसेट किराये के फ़्लैट के लिए ठीक रहता है, क्योंकि इसमें सामान हटाना, सफ़ाई, मरम्मत और चीज़ों को सही जगह रखना ही है, निर्माण का कोई काम नहीं। इस गाइड की किसी बात के लिए मकान मालिक की इजाज़त नहीं चाहिए। जहाँ टॉयलेट या रसोई जैसी कोई स्थायी चीज़ मुश्किल ज़ोन में पड़ती हो, वहाँ बिना तोड़-फोड़ वाले उपाय सुझाए जा सकते हैं।

क्या नए साल के लिए वास्तु की चीज़ें खरीदनी चाहिए?

शुरुआत के लिए कुछ भी खरीदने की ज़रूरत नहीं है। फ़ालतू सामान हटाना, जहाँ पानी टपकता हो उसे ठीक करवाना, रोशनी आने देना और प्रवेश तथा उत्तर-पूर्व को साफ़ रखना ही बुनियाद है, और ये मुफ़्त हैं। पिरामिड, क्रिस्टल जैसे उपाय किसी ख़ास घर की दिशाएँ नापने के बाद उसी के लिए चुने जाते हैं, यूँ ही खरीद नहीं लिए जाते।

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