घर का वास्तु · 19 सितंबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें
गेस्ट रूम वास्तु: मेहमानों को कहाँ ठहराएँ
वास्तु के अनुसार मेहमान कहाँ सोएँ? गेस्ट रूम की दिशा, बेड की जगह, रंगों और मुंबई के छोटे फ़्लैट के आसान उपायों की व्यावहारिक गाइड।
लेखिका: डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

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वास्तु के अनुसार गेस्ट रूम के लिए कौन सी दिशा सही है?
वास्तु के अनुसार गेस्ट रूम की परंपरागत दिशा उत्तर-पश्चिम है। यह ज़ोन हवा के देवता वायु का है और वायु तत्व व गति से जुड़ा है। जिस जगह में गति का भाव हो, वह मेहमानों के लिए ठीक रहती है: वे आते हैं, आराम से रुकते हैं और फिर अपनी राह चले जाते हैं।
हिंदू परंपरा में अतिथि का सम्मान इन शब्दों से किया जाता है: अतिथि देवो भव (अतिथि देवता के समान है)। गेस्ट रूम वास्तु बस इसी स्वागत को जगह के ज़रिए जताने का तरीका है: ऐसा कमरा जो ताज़ा, आरामदायक और सँवारा हुआ लगे, और परिवार के अपने कमरों का संतुलन भी न बिगाड़े।
उत्तर-पश्चिम में जगह न हो, तो पश्चिम या उत्तर से भी काम चल सकता है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि कमरा साफ़ और हवादार हो, और उन ज़ोन में न बना हो जो घर के मुखियाओं के हैं।
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उत्तर-पश्चिम को मेहमानों के लिए अच्छा ज़ोन क्यों माना जाता है?
उत्तर-पश्चिम मेहमानों के लिए इसलिए अच्छा माना जाता है कि वायु तत्व गति, बातचीत और बदलाव को बढ़ावा देता है। इसी वजह से वास्तु में परंपरा के अनुसार गेस्ट रूम, विवाह योग्य बेटियों का कमरा और तैयार माल का भंडार इसी ज़ोन में रखे जाते हैं: यहाँ कुछ भी रुका नहीं रहता।
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सहज मेल-जोल
वायु तत्व बातचीत और मेल-जोल की गर्माहट से जुड़ा है, जिससे मेहमान सहज महसूस करते हैं।
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अपनापन भी, मर्यादा भी
मेहमान को अपनापन मिलता है, पर घर की स्थिरता, जो दक्षिण-पश्चिम में बसती है, परिवार के ही पास रहती है।
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ताज़ा माहौल
उत्तर-पश्चिम के कमरों में आमतौर पर आर-पार की अच्छी हवा आती है, इसलिए कभी-कभार इस्तेमाल होने वाला कमरा भी बंद-बंद सा नहीं लगता।
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किन कमरों को गेस्ट रूम नहीं बनाना चाहिए?
दक्षिण-पश्चिम के मुख्य बेडरूम वाले ज़ोन को नियमित गेस्ट रूम की तरह इस्तेमाल करने से बचें। दक्षिण-पश्चिम, जिसके स्वामी नैऋत्य हैं और जो पृथ्वी तत्व से जुड़ा है, घर के मुखिया के लिए है और स्थिरता व अधिकार में सहायक है। कई परिवार बताते हैं कि जब मेहमान यहाँ लंबे समय तक रहते हैं, तो घर के फ़ैसले डगमगाने-से लगते हैं।
उत्तर-पूर्व को भी गेस्ट बेडरूम नहीं बनाना चाहिए। यह ईशान्य (उत्तर-पूर्व) है, जल और आध्यात्मिक ऊर्जा का ज़ोन। आदर्श यही है कि इसे हल्का और खुला रखा जाए, या यहाँ पूजा की जगह हो। घर का केंद्र, ब्रह्मस्थान, खुला रहना चाहिए, उसे सोने की जगह नहीं बनाना चाहिए।
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गेस्ट रूम में बेड कहाँ रखना चाहिए?
मेहमान का बेड दक्षिण या पश्चिम की दीवार से लगाकर रखें ताकि सोने वाले का सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रहे। सोने का यही नियम घर के हर बेडरूम के लिए माना जाता है, और यह चैन की नींद में सहायक है।
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सिर की दिशा
सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रहे; सिर उत्तर की ओर करने से बचें।
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पीछे ठोस दीवार
हेडबोर्ड के पीछे खिड़की की जगह ठोस दीवार हो, तो सोने में ज़्यादा सुकून लगता है।
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बगल में खुली जगह
बेड के कम से कम एक तरफ़ जगह छोड़ें ताकि मेहमान आसानी से चल-फिर सकें।
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सिर के ऊपर बीम नहीं
अगर बेड के ऊपर से बीम गुज़रती है, तो बेड खिसकाएँ, या फॉल्स सीलिंग के पैनल या हल्के कपड़े से बीम को ढककर उसका असर हल्का कर दें।
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शीशे पर ध्यान दें
ऐसा शीशा न रखें जिसमें बेड सीधा दिखता हो; हटाया न जा सके तो रात को उसे ढक दें।
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गेस्ट रूम के लिए कौन से रंग और सजावट ठीक रहते हैं?
ऑफ़-व्हाइट, क्रीम, हल्का ग्रे या नरम पेस्टल जैसे हल्के, सुकून देने वाले रंग गेस्ट रूम के लिए ठीक रहते हैं। उत्तर-पश्चिम में सफ़ेद और हल्का ग्रे वायु तत्व से मेल खाते हैं, और इनसे कमरा खुला-खुला लगता है।
सजावट सादी और स्वागत भरी रखें। बेड के पास छोटा लैंप, ताज़े तौलिये, पानी का जग, स्वस्थ हरी पत्तियों वाला पौधा और शांत प्राकृतिक दृश्य की पेंटिंग मेहमानों को यह एहसास कराती हैं कि उनका ख़याल रखा गया है। युद्ध, अकेलेपन या तूफ़ान की तस्वीरें न लगाएँ, और टूटी या चटकी चीज़ें हटा दें।
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मुंबई के छोटे फ़्लैट में गेस्ट रूम वास्तु कैसे अपनाएँ?
मुंबई के ज़्यादातर 1BHK और 2BHK फ़्लैट में अलग गेस्ट रूम नहीं होता, इसलिए मकसद एकदम सही कमरा बनाना नहीं, मेहमान के लिए एक आरामदायक कोना बनाना है। लिविंग रूम में सोफ़ा-कम-बेड, स्टडी जो गेस्ट रूम का भी काम करे, या स्टोरेज में रखा फ़ोल्डिंग गद्दा, इन सबसे काम अच्छे से चल जाता है।
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लिविंग रूम का उत्तर-पश्चिम इस्तेमाल करें
अगर मेहमान हॉल में सोते हैं, तो जहाँ हो सके सोफ़ा-कम-बेड उसके उत्तर-पश्चिम वाले हिस्से में लगाएँ।
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स्टोरेज साफ़-सुथरा रखें
फ़ालतू बिस्तर बेड के नीचे ढेर लगाकर न रखें; उन्हें दक्षिण या पश्चिम की दीवार वाली बंद अलमारी में रखें।
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मेहमानों के जाने के बाद कमरा ताज़ा करें
मेहमान जाने के बाद कमरे में हवा आने दें, चादरें बदलें और सतहें पोंछें ताकि जगह फिर से तरोताज़ा हो जाए।
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नमक का कटोरा रखें
समुद्री नमक का छोटा कटोरा, जो हर हफ़्ते बदला जाए, कभी-कभार इस्तेमाल होने वाले कमरे को ताज़ा रखने का आसान तरीका है।
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गेस्ट रूम के लिए बिना तोड़-फोड़ वाले कौन से उपाय मदद करते हैं?
जो गेस्ट रूम कम ठीक ज़ोन में पड़ता हो, उसे बिना तोड़-फोड़ वाले उपायों से संतुलित किया जा सकता है। VastuKimaya ऐसे साधनों से काम करता है जिन्हें उठाकर कहीं भी ले जाया जा सकता है, इसलिए ये किराये के घरों के लिए भी ठीक हैं।
रंग चिकित्सा, पश्चिम ज़ोन के कमरे में पीतल या धातु की कोई हल्की चीज़, सक्रिय किए हुए पिरामिड और क्रिस्टल, और मेहमान आने से पहले घंटी या सिंगिंग बाउल जैसी कोमल आवाज़, ये सब विकल्प हैं। कौन सा उपाय ठीक बैठेगा, यह कम्पास से नापे गए सही ज़ोन पर निर्भर करता है, इसलिए यूँ ही ढेर सारी चीज़ें न जोड़ें।
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वास्तु विशेषज्ञ से कब सलाह लें
वास्तु विशेषज्ञ से तब सलाह लें जब आप नया घर या रेनोवेशन सोच रहे हों और सही तय करना चाहते हों कि कौन सा कमरा किस काम आए, या आपका गेस्ट रूम दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पूर्व में हो और उसे बदला न जा सके। अगर बुज़ुर्ग माता-पिता आपके यहाँ लंबे समय तक रुकते हैं और आप चाहते हैं कि कमरा उनके आराम में सहायक हो, तब भी जाँच करवाना ठीक है।
डॉ. किमया पारिख-आंबेकर VastuKimaya के अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस से परामर्श देती हैं और जुहू व बांद्रा से पवई और ठाणे तक पूरे मुंबई में घरों पर जाती हैं। आपके फ़्लोर प्लान और तस्वीरों के ज़रिए दूर से परामर्श भी उपलब्ध है, जिसके बाद व्यावहारिक, बिना तोड़-फोड़ वाले उपायों की लिखित रिपोर्ट दी जाती है।
सवाल
आम सवाल
क्या गेस्ट रूम दक्षिण-पश्चिम में हो सकता है?
दक्षिण-पश्चिम में गेस्ट रूम आदर्श नहीं है, क्योंकि यह ज़ोन घर के मुखिया का है। अगर और कोई चारा न हो, तो यहाँ मेहमानों को सिर्फ़ कम दिनों के लिए ठहराएँ, और कम्पास जाँच के बाद सुझाए गए उपायों से संतुलन बनाएँ।
मेहमानों को किस दिशा में सिर करके सोना चाहिए?
मेहमानों को सिर दक्षिण या पूर्व की ओर करके सोना चाहिए, यही नियम सभी बेडरूम के लिए माना जाता है। सिर उत्तर की ओर करके सोने से बचें।
क्या हमारे साथ रहने वाले माता-पिता उत्तर-पश्चिम वाला कमरा इस्तेमाल कर सकते हैं?
जो बुज़ुर्ग माता-पिता हमेशा आपके साथ रहते हैं, वे परिवार हैं, मेहमान नहीं, इसलिए उनके लिए आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण ज़्यादा उपयुक्त है। उत्तर-पश्चिम मेहमानों और कम दिनों के ठहराव के लिए ठीक है।
क्या वास्तु के अनुसार लिविंग रूम में सोफ़ा-कम-बेड ठीक है?
हाँ, छोटे फ़्लैट में लिविंग रूम में सोफ़ा-कम-बेड ठीक है। जहाँ संभव हो उसे दक्षिण या पश्चिम की दीवार से लगाएँ ताकि मेहमान का सिर दक्षिण या पूर्व की ओर रहे।
क्या गेस्ट रूम स्टडी भी हो सकता है?
हाँ, गेस्ट रूम स्टडी का भी काम कर सकता है। डेस्क ऐसे रखें कि बैठने वाले का मुँह पूर्व या उत्तर की ओर रहे, और बेड व डेस्क वाले हिस्से साफ़-सुथरे और अलग-अलग रखें।
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