Skip to content

रेकी · 27 सितंबर 2026 · 6 मिनट में पढ़ें

विदेश में रहने वालों के लिए रेकी: ख़ुद को स्थिर रखना

लंबी सर्दियाँ, छोटा सा फ़्लैट, दो देशों में बँटी ज़िंदगी। NRI के लिए रेकी का मक़सद आम तौर पर कोई बड़ा उलट-फेर नहीं, बस आराम और ठहराव होता है। जानिए विदेश की ज़िंदगी में इसकी जगह कहाँ बनती है।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

विदेश में रहने वालों के लिए रेकी: ख़ुद को स्थिर रखना

01

विदेश में रहने वाले भारतीय रेकी क्यों ढूँढते हैं?

आम तौर पर इसलिए कि भीतर कुछ चुपचाप भारी हो चुका होता है। कोई संकट नहीं होता, बस एक लंबी सर्दी, थका देने वाली नौकरी, ऐसा फ़्लैट जहाँ कभी चहल-पहल नहीं होती, या पूरा साल जिसमें सब कुछ आप ही संभालते रहे। आराम करके भी आराम नहीं मिलता, और सोकर भी थकान नहीं उतरती।

ऐसे में लोग रेकी की तरफ़ इसलिए आते हैं कि इसमें आपको कुछ करना नहीं पड़ता। घंटे भर अपनी बात समझानी नहीं पड़ती, वेलनेस के नाम पर कुछ करके दिखाना नहीं पड़ता, और ऐसी कोई नई आदत नहीं डालनी पड़ती जो तीन हफ़्ते में छूट जाए। आप बस लेट जाते हैं और शरीर को थोड़ी देर शांत रहने देते हैं।

रेकी एक कोमल रिलैक्सेशन प्रैक्टिस है। यह मेडिकल और मनोवैज्ञानिक देखभाल के साथ सहायक है, उसकी जगह कभी नहीं लेती, और यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है।

02

विदेश में रहना आपसे क्या-क्या माँगता है?

कई चीज़ें एक साथ, इसीलिए इंसान अचानक नहीं, धीरे-धीरे थकता है। अपने बोझ को पहचानने से यह बताना आसान हो जाता है कि आपको असल में किस चीज़ में सहारा चाहिए।

  • 01

    हमेशा मज़बूत बने रहना

    भारत में परिवार को अक्सर आपकी ज़िंदगी की वही बातें पता होती हैं जो आप छाँटकर बताते हैं। बाक़ी सब अकेले ढोना ऐसी थकान देता है जिसे शब्दों में बताना मुश्किल है।

  • 02

    बुज़ुर्ग माता-पिता से दूरी

    कोई बीमार हो या अस्पताल में हो और आप दूर हों, यह अपराध-बोध उन बातों में से है जो लोग सेशन में सबसे ज़्यादा लेकर आते हैं।

  • 03

    लंबे अँधेरे महीने

    उत्तरी देशों में सर्दी मूड और नींद पर सचमुच भारी पड़ती है। अगर यह गंभीर हो या हर साल लौट आए, तो डॉक्टर से बात करें। यह सिर्फ़ मूड की बात नहीं, मेडिकल मामला है।

  • 04

    दो घड़ियाँ, दो ज़िंदगियाँ

    देर रात घर पर किए गए कॉल, स्क्रीन पर देखे गए त्योहार, और हर वक़्त यह एहसास कि आप दोनों जगह आधे-अधूरे ही मौजूद हैं।

  • 05

    छोटी जगहें, जो अपनी नहीं

    किराये के फ़्लैट जिनमें आप कुछ बदल नहीं सकते, साझा दीवारें, और एक भी कोना ऐसा नहीं जिसे पूरी तरह अपना कह सकें।

  • 06

    फिर से शिफ़्ट होना

    कई NRI एक के बाद एक कई देशों में रहते हैं। हर बार शिफ़्ट होने पर दिनचर्या, डॉक्टर, दोस्तियाँ और नींद, सब नए सिरे से जमाने पड़ते हैं।

03

दूसरे देश से सेशन कैसे तय होता है?

डिस्टेंस सेशन से, जो आपसी सहमति से तय समय पर होता है। पहले आप प्रैक्टिशनर से बात करते हैं, चुने हुए समय पर जहाँ भी हों वहीं शांति से आराम करते हैं, और बाद में बताते हैं कि आपने क्या महसूस किया।

दूर से काम करना रेकी प्रैक्टिस का सामान्य हिस्सा है। यह दूर रहने वालों के लिए निकाला गया कोई कामचलाऊ रास्ता नहीं है। दूसरे स्तर की ट्रेनिंग ख़ास तौर पर इसी बारे में होती है कि दोनों लोग एक कमरे में न हों, तब कैसे काम किया जाए।

समय आपके टाइम ज़ोन से तय होता है। शाम या वीकेंड की दोपहर आम तौर पर ठीक रहती है, ताकि सेशन के बाद आप लेटे रह सकें और सीधे गाड़ी चलाकर कहीं न निकलना पड़े। सेशन अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी या गुजराती में हो सकते हैं, और सारी व्यवस्था पहली कॉल में तय हो जाती है, जो मुफ़्त है।

04

सेशन के बीच आप क्या कर सकते हैं?

आप जितना सोचते हैं उससे ज़्यादा, और इसमें कुछ भी ख़र्च नहीं होता। ख़ुद को स्थिर रखने के ये छोटे-छोटे तरीक़े किराये के फ़्लैट और कम समय की लीज़ में भी आराम से निभ जाते हैं।

  • 01

    एक कोना जो आपका हो

    एक शेल्फ़ या छोटी मेज़ जिस पर दीया, एक फ़ोटो और घर की कोई चीज़ हो। साझा फ़्लैट में भी एक तय कोना मदद करता है।

  • 02

    सुबह की धूप

    जहाँ संभव हो, उठने के एक घंटे के भीतर बाहर निकलें। उत्तरी सर्दियों में यह किसी भी दूसरी आदत से ज़्यादा मायने रखता है।

  • 03

    पाँच मिनट की शांति

    बैठें, साँस लें, कुछ न करें। कभी-कभार देर तक करने के मुक़ाबले रोज़ थोड़ा-सा प्राणायाम (साँस का अभ्यास) नर्वस सिस्टम को बेहतर स्थिर रखता है।

  • 04

    घर की आवाज़

    कोई जाना-पहचाना मंत्र, कोई राग, या बस कॉल पर माँ की आवाज़। आवाज़ किसी सजावट से जल्दी कमरे का माहौल बदल देती है।

  • 05

    एक सतह का सामान हटाएँ

    पूरा घर नहीं, बस एक सतह, पूरी तरह साफ़। छोटे फ़्लैट में मेहनत के मुक़ाबले इसका असर कहीं ज़्यादा दिखता है।

  • 06

    जो आदतें साथ लाए हैं, उन्हें बनाए रखें

    बचपन से चले आ रहे छोटे-छोटे भारतीय रिवाज़, जैसे रविवार का खाना बनाना, हफ़्ते का फ़ोन कॉल, शाम का दीया, ज़िंदगी का सिलसिला बनाए रखते हैं, और यही सिलसिला ठहराव देता है।

05

घर का इसमें क्या रोल है?

अक्सर काफ़ी सीधा। अगर आप किसी एक फ़्लैट में बेचैन रहते हैं और पिछले फ़्लैट में बेहतर सोते थे, तो यह न मान लें कि गड़बड़ सिर्फ़ आप में है। एक बार जगह को भी देख लेना चाहिए।

वास्तु के जो सिद्धांत कहीं भी लागू होते हैं, वे रोशनी, हवा, दिशा और व्यवस्था के हैं: सिर किस तरफ़ करके सोते हैं, प्रवेश साफ़ है या नहीं, घर का केंद्र सामान से भरा तो नहीं, और जिन कमरों का आप सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं उनमें दिन की रोशनी पहुँचती है या नहीं। इनके लिए किसी निर्माण कार्य की ज़रूरत नहीं।

रिमोट वास्तु परामर्श फ़्लोर प्लान (नक्शा) और फ़ोटो से होता है, और उपाय बिना तोड़-फोड़ के होते हैं, इसीलिए वे विदेश के किराये के फ़्लैट में भी अपनाए जा सकते हैं। यहाँ काम क्रिस्टल, रंग, रोशनी और चीज़ों को सही जगह रखने से होता है।

06

रेकी कब सही रास्ता नहीं है?

जब समस्या मेडिकल या मनोवैज्ञानिक हो, तब रेकी पहला कदम नहीं है। लगातार उदास मन, पैनिक, नींद न आने की ऐसी दिक़्क़त जो ठीक ही न हो, शराब जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई हो, या ऐसा शोक जो जहाँ का तहाँ ठहरा हो, इन सब में किसी विशेषज्ञ की ज़रूरत है। जहाँ आप रहते हैं वहाँ डॉक्टर या थेरेपिस्ट से मिलें। ज़्यादातर देशों में अंग्रेज़ी में सेवाएँ मिलती हैं, और कई यूनिवर्सिटी और नियोक्ता मुफ़्त काउंसलिंग भी देते हैं।

अगर आप सचमुच बहुत परेशान हैं या ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने के ख़याल आ रहे हैं, तो अपने देश की इमरजेंसी सेवाओं से संपर्क करें। अगर आप भारत में हैं, तो मुफ़्त Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 (या 1-800-891-4416) पर 24×7 उपलब्ध है।

उस देखभाल के साथ-साथ रेकी आराम का एक ज़रिया बन सकती है। यह उसका विकल्प नहीं है, और किसी को इस उम्मीद में इलाज नहीं टालना चाहिए कि एक सेशन काफ़ी होगा।

07

डिस्टेंस सेशन कब बुक करें

बुक करने का एक ठीक समय बदलाव का दौर है, जैसे शिफ़्ट होना, नई नौकरी, दूर से किसी की देखभाल का दौर, या भारत की मुश्किल यात्रा के बाद के हफ़्ते, जब आपको सलाह से ज़्यादा आराम चाहिए।

डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अंधेरी ईस्ट, मुंबई में VastuKimaya पर रेकी हीलिंग और रेकी वास्तु करती हैं, और भारत से बाहर रहने वाले क्लाइंट के लिए डिस्टेंस सेशन भी। stayblessed@vastukimaya.com पर लिखें या +91 70391 07512 पर अपने शहर और टाइम ज़ोन के साथ मैसेज करें।

पहली परामर्श कॉल मुफ़्त है, और उसी में समय, सेशन के चलने का तरीक़ा और बाक़ी व्यवस्था तय हो जाती है। अगर घर से जुड़ा कोई सवाल हो, तो उसी बातचीत में क्रिस्टल मार्गदर्शन और दूर से वास्तु पर भी बात हो सकती है।

सवाल

आम सवाल

क्या भारत से बाहर रहते हुए मुझे रेकी मिल सकती है?

जी हाँ। डिस्टेंस सेशन रेकी प्रैक्टिस का सामान्य हिस्सा हैं, जो आपके देश के हिसाब से तय समय पर होते हैं। प्रैक्टिशनर के काम करते समय आप जहाँ भी हों, वहीं शांति से आराम करते हैं।

विदेश में डिस्टेंस सेशन के लिए दिन का कौन सा समय ठीक रहता है?

आम तौर पर आपकी शाम या वीकेंड की दोपहर, ताकि बाद में आप जल्दी में निकलने के बजाय लेटे रह सकें। पहली कॉल में स्लॉट आपके टाइम ज़ोन के हिसाब से तय हो जाता है।

क्या रेकी डिप्रेशन या एंग्ज़ाइटी का इलाज है?

नहीं। यह एक रिलैक्सेशन प्रैक्टिस है जो पेशेवर देखभाल के साथ सहायक है। लगातार उदासी या एंग्ज़ाइटी के लिए डॉक्टर या थेरेपिस्ट की ज़रूरत है, और रेकी की वजह से उसमें कभी देरी नहीं होनी चाहिए।

मेरा फ़्लैट किराये का है। क्या वास्तु उपाय फिर भी काम आ सकते हैं?

जी हाँ। यहाँ के उपाय बिना तोड़-फोड़ वाले हैं: चीज़ों की जगह, रोशनी, रंग, क्रिस्टल और आसान रीति-रिवाज़। इसलिए वे किराये के घरों में चल जाते हैं और शिफ़्ट करते समय हटाए जा सकते हैं।

सेशन किन भाषाओं में होते हैं?

अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी या गुजराती में। कई लोगों को अपना हाल उसी भाषा में बताना आसान लगता है जिसे बोलते हुए वे बड़े हुए हैं, इसलिए बुकिंग के समय अपनी पसंद बता दें।

कितनी बार बुक करना चाहिए?

इसका कोई तय शेड्यूल नहीं है। जब कोई परेशानी ज़ोरों पर हो, तब थोड़े-से सेशन लगातार लेना, और फिर रुककर देखना कि इनसे अब भी कुछ फ़ायदा हो रहा है या नहीं, यह एक समझदार और ईमानदार तरीक़ा है।

यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?

मुफ़्त परामर्श बुक करें

और पढ़ें

सेल्फ़ रेकी: रोज़ की एक सरल दिनचर्यारेकी

सेल्फ़ रेकी: रोज़ की एक सरल दिनचर्या

घर पर की जा सकने वाली 10–15 मिनट की शांत सेल्फ़ रेकी दिनचर्या: कौन इसे कर सकता है, हाथ रखने की सात जगहें, दिन में इसे कब करें, लोग आमतौर पर क्या महसूस करते हैं, और इसकी सीमाएँ कहाँ हैं।

डिस्टेंस रेकी: जब आप कमरे में नहीं होते, तब सेशन कैसे चलता हैरेकी

डिस्टेंस रेकी: जब आप कमरे में नहीं होते, तब सेशन कैसे चलता है

यह उन लोगों के लिए है जो मुंबई से बाहर हैं, विदेश में हैं, घर से निकल नहीं सकते या जिनके पास समय ही नहीं है। डिस्टेंस सेशन कैसे तय होता है, आपको अपनी ओर से क्या करना है, क्या उम्मीद रखें, और यह कैसे परखें कि प्रैक्टिशनर आपसे साफ़ और सच्ची बात कर रही हैं या नहीं।

परीक्षा का तनाव: सचमुच किससे मदद मिलती है, और रेकी की जगह कहाँ हैरेकी

परीक्षा का तनाव: सचमुच किससे मदद मिलती है, और रेकी की जगह कहाँ है

बोर्ड परीक्षाएँ फ़रवरी से सिर पर होती हैं। तनाव में आए विद्यार्थी को सचमुच किससे मदद मिलती है: नींद, पढ़ाई का कोना, माता-पिता का व्यवहार। और इन सबके बीच आराम देने वाली प्रैक्टिस की छोटी-सी जगह, ईमानदारी से।

डॉ. किमया से पूछें

अपना नंबर दीजिए, डॉ. किमया की टीम आपको वापस कॉल करेगी। पहली कॉल मुफ़्त है।

कॉल अंग्रेज़ी, हिंदी, मराठी या गुजराती में हो सकती है।

Google पर 5.0 रेटिंग · 15 रिव्यू