क्रिस्टल थेरेपी · 8 अक्टूबर 2026 · 5 मिनट में पढ़ें
क्रिस्टल ब्रेसलेट: कौन से हाथ में पहनें?
क्रिस्टल ब्रेसलेट के बारे में आम सलाह है कि बायाँ हाथ लेने के लिए और दायाँ हाथ देने के लिए। यह सोच कहाँ से आई, मक़सद के हिसाब से कलाई कैसे चुनें, और देखभाल व सुरक्षा की वे बातें जो इससे ज़्यादा मायने रखती हैं।
लेखिका: डॉ. किमया पारिख-आंबेकर, वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

01
क्रिस्टल ब्रेसलेट किस हाथ में पहनना चाहिए?
आम सलाह यह है कि बायाँ हाथ लेने के लिए और दायाँ हाथ देने के लिए है, लेकिन यह क्रिस्टल हीलिंग का आधुनिक चलन है, कोई शास्त्रीय नियम नहीं। जिस कलाई में ब्रेसलेट आरामदायक लगे और काम में अड़चन न डाले, आप उसी में पहन सकते हैं।
अगर आपने 'गलत' कलाई चुन ली, तो भी कुछ नहीं बिगड़ता। जो ब्रेसलेट आपको पहनना अच्छा लगे और जिसकी आप देखभाल याद रखें, वह उस ब्रेसलेट से ज़्यादा काम का है जो 'सही' हाथ में तो पहना गया पर फिर दराज़ में पड़ा रह गया।
02
बायाँ हाथ लेने और दायाँ देने की बात कहाँ से आई?
यह आधुनिक क्रिस्टल हीलिंग की किताबों-लेखों से आई है, जिनमें शरीर के बायें हिस्से को ऊर्जा अंदर लेने वाला और दायें हिस्से को ऊर्जा बाहर भेजने वाला बताया गया है।
इस बात की हैसियत क्या है, यह साफ़ बता देना ठीक रहेगा। यह हाल की और लोकप्रिय सोच है, प्राचीन भारतीय ग्रंथों का नियम नहीं। भारत में रत्न पहनने की जो परंपरा है, जिसमें रत्न को अंगूठी में जड़ा जाता है, वह एक अलग व्यवस्था है और उसके अपने रिवाज़ हैं। मनकों वाले ब्रेसलेट उसका हिस्सा नहीं हैं।
03
मक़सद के हिसाब से कलाई कैसे चुनें?
अगर आप इस चलन को मानना चाहें, तो जिन गुणों को अपने अंदर लेना चाहते हैं उनके लिए बायीं कलाई चुनें, और जिन्हें बाहर ज़ाहिर करना चाहते हैं उनके लिए दायीं कलाई। अगर इतना सोचना झंझट लगे, तो बस आराम देखकर चुन लें।
01
बायीं कलाई: अंदर लेना
वे पत्थर जिन्हें परंपरागत रूप से शांति और सुकून से जोड़ा जाता है, जैसे रोज़ क्वार्ट्ज़ या एमेथिस्ट।
02
दायीं कलाई: बाहर देना
वे पत्थर जिन्हें परंपरागत रूप से आत्मविश्वास और कर्म से जोड़ा जाता है, जैसे टाइगर्स आई या सिट्रीन।
03
आपका काम वाला हाथ
अगर आप बहुत लिखते, खाना बनाते या टाइप करते हैं, तो ब्रेसलेट दूसरी कलाई में पहनें, ताकि वह टकराता न रहे।
04
पत्थर तय नहीं कर पा रहे?
आपके मन में जो बात है, उसके हिसाब से पत्थर चुनने के लिए क्रिस्टल फ़ाइंडर आज़माएँ।
04
हाथ से ज़्यादा कौन-सी व्यावहारिक बातें मायने रखती हैं?
ब्रेसलेट किस कलाई में है, इससे ज़्यादा यह मायने रखता है कि उसकी देखभाल कैसे होती है। ज़्यादातर मनकों वाले ब्रेसलेट इलास्टिक में पिरोए होते हैं, और इलास्टिक हमेशा नहीं चलता।
01
इलास्टिक घिस जाता है
हर कुछ महीनों में उसे जाँच लें। अगर वह पतला, खिंचा हुआ या रेशे निकला दिखे, तो टूटने से पहले दोबारा पिरवा लें।
02
पानी से पहले उतार दें
नहाते, तैरते और बर्तन धोते समय इसे उतार दें। साबुन, क्लोरीन और समुद्र का पानी इलास्टिक को कमज़ोर करते हैं और कुछ पत्थरों की चमक फीकी कर देते हैं।
03
केमिकल से दूर रखें
परफ़्यूम, लोशन और हैंड सैनिटाइज़र के सूख जाने के बाद ही ब्रेसलेट पहनें।
04
अलग रखें
सख़्त पत्थर नरम पत्थरों पर खरोंच डाल देते हैं। एक छोटी कपड़े की पोटली काफ़ी है।
05
ब्रेसलेट को शुद्ध कैसे करें, और क्या अलग-अलग पत्थर मिलाकर पहन सकते हैं?
पहनने के बाद मनकों को नरम, सूखे कपड़े से पोंछ लें, इससे पसीना और धूल हट जाती है। पारंपरिक शुद्धि के लिए कई लोग ब्रेसलेट को रात भर चाँदनी में रखते हैं, धूपबत्ती के धुएँ से गुज़ारते हैं, या उसके पास घंटी बजाते हैं।
ब्रेसलेट को नमक वाले पानी में न भिगोएँ। यह इलास्टिक और नरम पत्थरों, दोनों के लिए ठीक नहीं है।
आप एक कलाई में अलग-अलग पत्थर मिला सकते हैं या एक से ज़्यादा ब्रेसलेट पहन सकते हैं।
06
क्या क्रिस्टल ब्रेसलेट पहनकर सो सकते हैं?
सो सकते हैं, लेकिन ज़्यादातर लोगों को रात में उतार देना ज़्यादा आरामदायक लगता है। मनके कलाई में गड़ते हैं, इलास्टिक बिस्तर में फँस जाता है, और बिस्तर पर ही ब्रेसलेट टूट जाए तो मनके चारों ओर बिखर जाते हैं।
अगर आपको सोते समय पत्थर पास रखना पसंद है, तो ब्रेसलेट को बिस्तर के पास की मेज़ पर रखें। अगर आपके साथ कोई शिशु या छोटा बच्चा सोता है, तो इसे हमेशा उतार दें।
07
क्या क्रिस्टल ब्रेसलेट से त्वचा पर रिएक्शन हो सकता है?
हाँ, कभी-कभी हो सकता है। ऐसा आम तौर पर निकल वाले धातु के स्पेसर मनकों या चार्म से, रंग चढ़ाए गए पत्थरों के रंग से, या उमस में कसे मनकों के नीचे जमे पसीने से होता है।
अगर आपकी कलाई लाल हो जाए, खुजली करे या दाने निकल आएँ, तो ब्रेसलेट उतार दें और उस जगह को सादे पानी से धो लें। अगर दाने बने रहें या फैलें, तो कृपया डॉक्टर को दिखाएँ। ब्रेसलेट थोड़ा ढीला हो और मनके बिना धातु वाले सादे पत्थर के हों, तो अक्सर दिक्कत दूर हो जाती है।
08
क्या छोटे बच्चों के आसपास क्रिस्टल ब्रेसलेट सुरक्षित हैं?
छोटे मनकों से नन्हे बच्चों के गले में फँसने का खतरा रहता है, इसलिए ब्रेसलेट उनकी पहुँच से दूर रखें। ब्रेसलेट टूटे तो एक साथ कई मनके फ़र्श पर बिखर जाते हैं, और वे ठीक उसी आकार के होते हैं जिसे छोटा बच्चा मुँह में डाल लेता है।
बड़ों के मनकों वाले ब्रेसलेट शिशुओं या नन्हे बच्चों को न पहनाएँ। अपना ब्रेसलेट ऊँची शेल्फ़ पर बंद डिब्बे में रखें, और अगर कोई टूट जाए तो हर मनका उठा लें।
क्रिस्टल से जो बातें जुड़ी हैं वे पारंपरिक मान्यताएँ हैं, इलाज के गुण नहीं, और वे डॉक्टरी इलाज का विकल्प नहीं हैं, उसके साथ सहायक हैं। अगर आप पत्थर चुनने में मदद चाहते हैं, तो डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अंधेरी ईस्ट, मुंबई में VastuKimaya में क्रिस्टल थेरेपी देती हैं, और आप अपॉइंटमेंट बुक करके बात कर सकते हैं।
सवाल
आम सवाल
सुरक्षा के एहसास के लिए क्रिस्टल ब्रेसलेट किस हाथ में पहनूँ?
आधुनिक चलन के अनुसार, सुरक्षा के एहसास के लिए पहना जाने वाला ब्रेसलेट बायीं कलाई में पहना जाता है, जिसे लेने वाला हिस्सा बताया गया है। यह एक लोकप्रिय रिवाज़ है, शास्त्रीय नियम नहीं, और दायें हाथ में पहनने से कोई नुकसान नहीं होता। वही कलाई चुनें जिसमें ब्रेसलेट आरामदायक लगे और सुरक्षित रहे।
क्या दोनों हाथों में क्रिस्टल ब्रेसलेट पहने जा सकते हैं?
हाँ। बहुत-से लोग हर कलाई में एक पहनते हैं, अक्सर बायीं में शांत करने वाला पत्थर और दायीं में ज़्यादा सक्रिय पत्थर। इसके ख़िलाफ़ कोई नियम नहीं है। बस आराम का ध्यान रखें, और इतने ब्रेसलेट एक साथ न पहनें कि वे आपस में टकराकर टूट-फूट जाएँ।
क्या बायें हाथ से काम करने वालों को बायें-दायें वाला नियम उलट देना चाहिए?
कुछ क्रिस्टल लेखक कहते हैं कि बायें हाथ वाले इस चलन को उलट दें, और कुछ का कहना है कि यह सब पर एक जैसा रहता है। चूँकि यह सोच आधुनिक रिवाज़ है, कोई पक्का कानून नहीं, इसलिए दोनों में से कोई भी चुनाव ठीक है। एक व्यावहारिक सुझाव यह है कि ब्रेसलेट उस हाथ में पहनें जिसका आप कम इस्तेमाल करते हैं।
क्या शॉवर में क्रिस्टल ब्रेसलेट पहने रह सकते हैं?
उतार देना बेहतर है। पानी, साबुन और शैम्पू इलास्टिक को कमज़ोर करते हैं और मनकों पर परत छोड़ देते हैं, और कुछ नरम पत्थरों की पॉलिश उतर जाती है। त्वचा सूख जाने पर ब्रेसलेट वापस पहन लें। यही बात स्विमिंग पूल और समुद्र पर भी लागू होती है।
क्रिस्टल ब्रेसलेट को कितनी बार शुद्ध करना चाहिए?
इसका कोई तय नियम नहीं है। अच्छी आदत यह है कि हर बार पहनने के बाद मनकों को नरम, सूखे कपड़े से पोंछ लें, और चाँदनी या धूपबत्ती के धुएँ जैसी पारंपरिक शुद्धि लगभग महीने में एक बार करें, या जब भी आपको नई शुरुआत का मन हो।
क्या बच्चे क्रिस्टल ब्रेसलेट पहन सकते हैं?
मनकों वाले ब्रेसलेट शिशुओं और नन्हे बच्चों के लिए ठीक नहीं हैं, क्योंकि इलास्टिक टूट जाए तो छोटे मनकों के गले में फँसने का खतरा रहता है। बड़े बच्चे जो अब चीज़ें मुँह में नहीं डालते, देखरेख में पहन सकते हैं। इलास्टिक को बार-बार जाँचें, और सोते समय और खेल-कूद के समय उतार दें।
यही सब अपने घर या ऑफ़िस में करवाना चाहते हैं?
मुफ़्त परामर्श बुक करें

