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जेन ज़ी और बच्चे · · 6 मिनट में पढ़ें

12वीं के बाद करियर चुनने में उलझन? टैरो और वास्तु कैसे मदद करते हैं

ढेर सारे विकल्प, हर तरफ़ से सलाह और सिर पर आती डेडलाइन। अपने बारे में सोचने के आसान अभ्यास, योग्य करियर काउंसलर, पढ़ाई का शांत कोना, और 18 साल से ऊपर वालों के लिए टैरो, ताकि वे अपने विकल्पों पर ठहरकर सोच सकें।

लेखिका: , वास्तु सलाहकार, अंधेरी ईस्ट, मुंबई

12वीं के बाद करियर चुनने में उलझन? टैरो और वास्तु कैसे मदद करते हैं

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12वीं के बाद करियर चुनना इतना उलझन भरा क्यों लगता है?

12वीं के बाद करियर चुनना इसलिए उलझन भरा लगता है क्योंकि कम अनुभव, ढेर सारी रायों और सिर पर खड़ी डेडलाइन के बीच आपसे एक बड़ा फ़ैसला लेने को कहा जाता है। रिश्तेदार इंजीनियरिंग या मेडिकल की सलाह देते हैं, दोस्त ऐसे कोर्स चुनते हैं जिनका नाम आपने कभी सुना भी नहीं, और सोशल मीडिया पर हर रास्ता या तो एकदम परफ़ेक्ट लगता है या बिल्कुल बेकार।

इस उम्र में मन का पक्का न होना आम बात है; इसका मतलब यह नहीं कि आपमें कोई कमी है। सत्रह-अठारह साल की उम्र में बहुत कम लोग अपना पूरा करियर पहले से जानते हैं। मदद मिलती है शांति से रास्ते टटोलने से, कुछ भरोसेमंद लोगों की सलाह से, और ऐसे घर से जहाँ तनाव नहीं, साथ महसूस हो।

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करियर की उलझन दूर करने के लिए छात्र सबसे पहले क्या करें?

अंदाज़ों से नहीं, अपने बारे में सोच-विचार और सही जानकारी से शुरुआत करें। ये अभ्यास किसी भी उम्र में काम आते हैं और इनमें कोई ख़र्च नहीं होता:

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    जो पसंद है और जिसमें अच्छे हैं, उसकी सूची बनाएँ

    वे विषय, काम और प्रोजेक्ट लिखें जिनमें समय का पता ही नहीं चलता, और वे भी जिनमें दूसरे लोग आपसे मदद माँगते हैं।

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    उस फ़ील्ड के लोगों से बात करें

    जिस भी फ़ील्ड के बारे में सोच रहे हैं, उसमें काम कर रहे दो-तीन लोगों से पूछें कि उनका आम दिन कैसा होता है, और उसमें मुश्किल क्या है।

  • 03

    कोर्स की पूरी जानकारी पढ़ें

    सिर्फ़ कोर्स का नाम नहीं, यह भी देखें कि हर साल असल में कौन-से विषय पढ़ने होंगे।

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    थोड़ा आज़माकर देखें

    कोई ऑनलाइन कोर्स, वर्कशॉप या छोटी इंटर्नशिप आपको महीनों सोचते रहने से ज़्यादा दिखा सकती है।

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    किसी योग्य करियर काउंसलर से मिलें

    योग्य काउंसलर के साथ एप्टीट्यूड और रुचि के टेस्ट आपकी सोच को एक ढाँचा देते हैं, ख़ासकर जब मन कई दिशाओं में खिंच रहा हो।

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    तारीख़ें नोट करें

    प्रवेश परीक्षाओं और आवेदन की तारीख़ों की एक आसान सूची रखें, ताकि आपकी जगह फ़ैसला कोई डेडलाइन न कर दे।

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क्या 12वीं के बाद करियर की उलझन में टैरो मदद कर सकता है?

टैरो सिर्फ़ 18 साल और उससे ऊपर के छात्रों के काम आ सकता है, और वह भी सिर्फ़ अपने मन को टटोलने के लिए; आपके लिए करियर चुनने का काम यह कभी नहीं करता। रीडिंग किसी वयस्क छात्र को अपने विकल्पों को नए नज़रिए से देखने में मदद कर सकती है, और उस बात पर ध्यान दिला सकती है जो मन में पहले से महसूस हो रही है पर अब तक कही नहीं गई।

VastuKimaya में टैरो रीडिंग सिर्फ़ 18 साल और उससे ऊपर के वयस्कों के लिए है। 18 साल से छोटे छात्रों के लिए ऊपर दिए गए अभ्यास और किसी योग्य करियर काउंसलर की मदद बेहतर है; चाहें तो माता-पिता अपने ख़ुद के सवाल पर रीडिंग बुक कर सकते हैं। अगर 18 साल की उम्र में कोई दो रास्तों के बीच उलझा है, तो दो विकल्पों वाला टैरो स्प्रेड बताता है कि ऐसी रीडिंग कैसे होती है।

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माता-पिता बिना दबाव बढ़ाए कैसे मदद करें?

माता-पिता सबसे ज़्यादा मदद तब करते हैं जब वे पहले सुनें, जानकारी शांति से बाँटें और अपनी उम्मीदों को बच्चे की रुचियों से अलग रखें। जिस बच्चे को लगता है कि उसकी बात सुनी जा रही है, वह आमतौर पर ज़्यादा साफ़ सोच पाता है।

रिश्तेदारों के बच्चों या दोस्तों से तुलना न करें, और रोज़-रोज़ फ़ैसले के बारे में न पूछें। बच्चे के साथ करियर काउंसलर के पास या किसी कॉलेज के ओपन डे पर जाने की पेशकश करें, और अपने काम के फ़ील्ड के बारे में ईमानदारी से बताएँ, उसकी मुश्किलें भी। फ़ैसले की एक तारीख़ साथ मिलकर तय करें। अगर परीक्षाओं के दौरान घर में तनाव रहा है, तो बच्चों में परीक्षा का तनाव: माता-पिता के लिए घर में सहायक बदलाव में ऐसे सौम्य सुझाव हैं जो यहाँ भी काम आते हैं।

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फ़ैसला लेते समय पढ़ाई का कोना कैसा हो?

पढ़ाई का कोना ऐसा बनाएँ कि पढ़ते समय मुँह पूर्व या उत्तर की ओर रहे, कुर्सी के पीछे ठोस दीवार हो, रोशनी अच्छी हो और डेस्क पर फ़ालतू सामान न हो। वास्तु में पूर्व को विकास और स्पष्टता से, और उत्तर को अवसरों से जोड़ा जाता है; पश्चिम या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) में बच्चों या युवाओं का कमरा भी ज़िंदगी के इस पड़ाव के लिए ठीक रहता है।

कोर्स के ब्रोशर, नोट्स और फ़ैसले की सूची बिस्तर पर बिखरे न रहें; इन्हें एक व्यवस्थित फ़ोल्डर में रखें। किताबों के लिए छोटी शेल्फ़, एक लैंप और एक पौधा काफ़ी हैं। पूरे कमरे की योजना के लिए बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्टडी रूम वास्तु देखें। कुछ परिवारों में पढ़ाई से पहले ईशान्य (उत्तर-पूर्व) में विद्या की देवी सरस्वती माँ की छोटी-सी प्रार्थना करने की आदत होती है, जिससे मन शांत होता है।

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क्या रेकी या क्रिस्टल तनाव में चल रहे छात्र की मदद कर सकते हैं?

रेकी और क्रिस्टल तनाव में चल रहे छात्र को ज़्यादा शांत महसूस कराने में मदद कर सकते हैं, लेकिन सिर्फ़ इनसे फ़ैसला साफ़ नहीं होता। रेकी आराम देने वाला एक सौम्य अभ्यास है, जो माता-पिता की सहमति से किशोरों के लिए ठीक रहता है; किशोरों के लिए रेकी में बताया गया है कि यह कैसे काम करती है।

डेस्क पर क्लियर क्वार्ट्ज़, जिसे स्पष्टता से जोड़ा जाता है, या शांति के लिए एमेथिस्ट, रुककर आराम से सोचने की हल्की-सी याद दिला सकते हैं। क्रिस्टल छोटे भाई-बहनों और पालतू जानवरों की पहुँच से दूर रखें।

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इस स्थिति में कौन-सी सेवा ठीक रहेगी?

12वीं के बाद करियर की उलझन में सबसे पहले किसी योग्य करियर काउंसलर की ज़रूरत है, और साथ में घर पर खुली बातचीत की। बाकी सेवाएँ इसके आसपास छात्र का साथ देती हैं। हमारी गाइड वास्तु, रेकी, टैरो या क्रिस्टल: आपको किसकी ज़रूरत है? हर एक को आसान शब्दों में समझाती है।

अगर कोई छात्र बहुत उदास, गुमसुम या बोझ तले दबा हुआ लगे, तो कृपया डॉक्टर या स्कूल काउंसलर से बात करें। अगर आपको मुश्किल हो रही है, तो कृपया किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। भारत में आप मुफ़्त Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 (या 1-800-891-4416) पर कॉल कर सकते हैं, जो 24×7 उपलब्ध है।

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    वास्तु

    पढ़ाई के कोने और घर को शांत और व्यवस्थित महसूस कराने में मदद करता है। यह करियर नहीं चुनता।

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    रेकी

    माता-पिता की सहमति से, तनाव में चल रहे किशोर को आराम देने में मदद करती है। यह काउंसलिंग का विकल्प नहीं है।

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    टैरो

    सिर्फ़ 18 साल और उससे ऊपर के छात्रों के लिए, अपने मन को टटोलने के लिए। यह नहीं बताता कि किसी फ़ील्ड में सफलता मिलेगी या नहीं।

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    क्रिस्टल

    डेस्क पर शांति और स्पष्टता की हल्की-सी याद, बस इन्हें सुरक्षित जगह पर रखें।

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डॉ. किमया से कब बात करें

जब फ़ैसले को लेकर घर में तनाव हो, पढ़ाई की जगह ठीक न लग रही हो, या कोई वयस्क छात्र अपने विकल्पों पर सोचने के लिए टैरो रीडिंग करवाना चाहे, तब डॉ. किमया से बात करें। माता-पिता चाहें तो पहले ख़ुद कॉल करके पूछ सकते हैं कि उनके बच्चे के लिए क्या ठीक रहेगा।

पहली कॉल मुफ़्त है। डॉ. किमया पारिख-आंबेकर अपने अंधेरी ईस्ट ऑफ़िस से पूरे मुंबई में साइट पर आकर परामर्श देती हैं, और भारत में या विदेश में कहीं भी रहने वाले परिवारों के लिए ऑनलाइन परामर्श भी देती हैं। पूरी बात खुलकर करने के लिए पहली मुफ़्त कॉल बुक करें। साइट विज़िट के लिए वे भारत के दूसरे शहरों और विदेश भी जाती हैं; यह मुफ़्त पहली कॉल पर तय होता है।

सवाल

आम सवाल

मन उलझा हुआ हो, तो 12वीं के बाद करियर कैसे चुनें?

जो आपको पसंद है और जिसमें आप अच्छे हैं, उसकी सूची बनाएँ, जिन फ़ील्ड के बारे में सोच रहे हैं उनमें काम कर रहे लोगों से बात करें, कोर्स की असली जानकारी पढ़ें और कोई छोटा कोर्स या इंटर्नशिप आज़माएँ। कोई योग्य करियर काउंसलर एप्टीट्यूड और रुचि के टेस्ट से आपकी सोच को एक ढाँचा दे सकता है।

क्या टैरो बता सकता है कि मुझे कौन-सा करियर चुनना चाहिए?

नहीं। टैरो न करियर चुनता है, न सफलता की भविष्यवाणी करता है। 18 साल और उससे ऊपर के लोगों के लिए यह अपने मन को टटोलने का एक ज़रिया हो सकता है, जिससे आप पहचान पाते हैं कि अलग-अलग विकल्पों को लेकर आप ख़ुद क्या महसूस करते हैं। 18 साल से छोटे छात्रों को अपने बारे में सोचने के अभ्यास और किसी योग्य करियर काउंसलर की मदद लेनी चाहिए।

पढ़ते समय छात्र का मुँह किस दिशा में होना चाहिए?

पढ़ते समय छात्र का मुँह पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए, कुर्सी के पीछे ठोस दीवार हो, रोशनी अच्छी हो और डेस्क पर फ़ालतू सामान न हो। ये सुझाव ध्यान लगाने में सहायक हैं; नियमित पढ़ाई और आराम भी उतने ही ज़रूरी हैं।

माता-पिता बच्चे पर करियर का दबाव कैसे कम करें?

सलाह देने से पहले सुनें, तुलना न करें, अलग-अलग फ़ील्ड के बारे में ईमानदारी से जानकारी दें और फ़ैसले की तारीख़ साथ मिलकर तय करें। बच्चे के साथ करियर काउंसलर के पास जाने से उसे लगता है कि आप साथ हैं, और फ़ैसला फिर भी उसी के हाथ में रहता है।

क्या रेकी किशोरों के लिए सुरक्षित है?

रेकी आराम देने वाला एक सौम्य अभ्यास है, जिसमें शरीर के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होती, और माता-पिता की सहमति से इसे आमतौर पर किशोरों के लिए ठीक माना जाता है। यह इलाज या काउंसलिंग के साथ सहायक है, उनका विकल्प नहीं।

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डॉ. किमया से पूछें

अपना नंबर दीजिए, डॉ. किमया की टीम आपको वापस कॉल करेगी। पहली कॉल मुफ़्त है।

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